उत्तर प्रदेश

RRB NTPC Exam Violence : प्रयागराज में छात्रों के हॉस्टल में घुसकर पुलिसिया गुंडागर्दी भाजपा के आतंक राज का जीवंत प्रमाण

Janjwar Desk
28 Jan 2022 11:27 AM GMT
RRB NTPC Exam Violence : प्रयागराज में छात्रों के हॉस्टल में घुसकर पुलिसिया गुंडागर्दी भाजपा के आतंक राज का जीवंत प्रमाण
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तेजप्रताप यादव ने चेतावनी भरे लहजे में नीतीश से कहा - ‘ये आतंकी नहीं हमारे नौजवान हैं’, संभला जाओ। 

RRB NTPC Exam Violence: युवा मंच के राजेश सचान और अन्य 2 छात्रों पर लादे गये फर्जी मुकदमे वापस ले सरकार, 1 पुलिस इंस्पेक्टर और 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती योगी सरकार...

RRB NTPC Exam Violence : लखनऊ प्रेस क्लब में आज 28 जनवरी को RRB NTPC छात्रों के आंदोलन में प्रयागराज में हिंसा फैलाने के लिए पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी बनाये गये राजेश सचान की गिरफ्तारी के विरोध में एक प्रेस मीटिंग का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में रेलवे भर्ती में आंदोलित छात्रों पर दमन और युवा मंच संयोजक राजेश सचान की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की गयी और सरकार से राजेश सचान की बिना शर्त रिहाई की मांग की। राजेश सचान के साथ 2 अन्य छात्र गिरफ्तार हुए हैं उनकी रिहाई और अन्य छात्रों पर लगाए फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की गयी है। गौरतलब है कि प्रयागराज में एक हजार अज्ञात छात्रों पर मुकदमा दर्ज करने की बात एफआईआर में कही गई है।

गौरतलब है कि 2019 में रेलवे ने लगभग 1 लाख ग्रुप डी और नान टेक्निकल पापुलर केटेगरी (एनटीपीसी) के लगभग 35 हजार पदों के विज्ञापन जारी किए थे, जिसमें दोनों परीक्षाओं के लिए एक-एक करोड़ से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था। इन दोनों परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए छात्रों ने देशव्यापी मुहिम चलाई थी। जिसके बाद रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा फरवरी 2022 में ग्रुप डी की परीक्षा घोषित की गई और दिसम्बर 2020 से एनटीपीसी की सीबीटी-1 की परीक्षा आयोजित की गई।


15 जनवरी 2022 को एनटीपीसी के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें छात्रों को नार्मलाइजेशन के नाम पर 20 गुना क्वालीफाई नहीं कराया गया और ग्रुप डी में दो स्तर की परीक्षा कराने से छात्रों में गहरा आक्रोश है। इस पर कमेटी बनाने से छात्रों के सवाल हल नहीं होंगे। सरकार को तत्काल अपने नोटिफीकेशन के अनुसार एनटीपीसी में 20 गुना अभ्यर्थी का चयन करना चाहिए और ग्रुप डी की परीक्षा तत्काल आयोजित करनी चाहिए।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि जिस तरह से प्रयागराज में छात्रों के लॉज और हॉस्टल में घुसकर पुलिस ने दमन ढाया वह भाजपा सरकार द्वारा कायम किए जा रहे आतंक राज का जीवंत प्रमाण है। इसके विरूद्ध समाज के सभी तबकों से छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि युवा मंच संयोजक राजेश सचान के बारे में जो सोशल मीडिया पर भड़काने की बात कही गई और वर्चुअल युवा पंचायत बुलाकर बवाल कराने का जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तौर पर निराधार है, क्योंकि 25 जनवरी को गूगल मीट पर आयोजित वर्चुअल मीटिंग की प्रेस विज्ञप्ति से यह पूरे तौर पर स्पष्ट है कि युवा मंच ने छात्रों को न तो भड़काया और न ही युवा पंचायत से बवाल करने की कोई अपील की गई।

रोजगार की मांग करना छात्रों युवाओं का मौलिक अधिकार है वह उन्हें मिलना ही चाहिए। जिन पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर छात्रों का दमन किया गया है उनकी शिनाख्त होनी चाहिए और उन्हें दंडित करना चाहिए। महज एक पुलिस इंस्पेक्टर और 6 पुलिसकर्मियों का निलम्बन करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती है।

इस पत्रकार वार्ता में सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रेमनाथ राय, सीपीआई के राज्य कौंसिल सदस्य व लखनऊ जिला मंत्री अकरम खान, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप पांडेय, स्वराज इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अनमोल व राजीव ध्यानी, कांग्रेस आरटीआई सेल के संयोजक हरेराम मिश्रा, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी, दिनकर कपूर, कमलेश सिंह एडवोकेट आदि रहे।

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