राजनीति

कांग्रेस सरकार में टॉप 10 पूंजीपतियों में शामिल रहे छोटे अंबानी मोदी राज में हुए दिवालिया

Prema Negi
17 Nov 2019 4:42 AM GMT
कांग्रेस सरकार में टॉप 10 पूंजीपतियों में शामिल रहे छोटे अंबानी मोदी राज में हुए दिवालिया
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फरवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने दी थी चेतावनी अगर आरकॉम ने एरिक्सन इंडिया को 4 सप्ताह के भीतर बकाया राशि नहीं लौटायी तो अनिल अंबानी को जाना पड़ सकता है जेल, मगर तब बड़े भाई मुकेश अंबानी ने कर दी थी मदद और जेल जाने से बच गये थे छोटे अंबानी...

जनज्वार। एक दशक पहले तक यानी मनमोहन काल में दुनिया के टॉप पूंजीपतियों में शुमार रहे छोटे अंबानी यानी अनिल अंबानी बहुत बुरे हाल में हैं। लंबे टाइम से कर्ज में फंसी अनिल अंबानी का रिलायंस ग्रुप दिवालिया होने के अंतिम चरण में है। यह अनिल अंबानी के बुरे वक्त का ही इशारा है कि उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी 16 नवंबर को कंपनी मैनेजमेंट ने रेग्युलेटरी फाइलिंग के दौरान दी।

रकॉम से न सिर्फ अनिल अंबानी बल्कि उनके साथ कंपनी में टॉप लेबल पर विराजमान छाया विरानी, रायना करानी, मंजरी कक्कड़ और सुरेश रंगचर ने भी निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले पिछले महीने निदेशक और सीएफओ के पद से मणिकांतन वी भी इस्तीफा दे चुके हैं।

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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चीन के 3 बैंकों ने लंदन के कोर्ट में अनिल अंबानी पर मामला दर्ज कराया है। कंपनी मैनेजमेंट ने मीडिया में जानकारी साझा कि की जुलाई-सितंबर तिमाही में आरकॉम को 30,142 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। यह किसी भारतीय कंपनी का दूसरा बड़ा तिमाही घाटा है। एजीआर मामले में बकाया भुगतान के लिए 28,314 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग करने की वजह से आरकॉम को इतना बड़ा घाटा हुआ है।

रकॉम की इस तिमाही के दौरान इनकम घटकर मात्र 302 करोड़ रुपये रह गयी है। आरकॉम के शेयरों में भी लगातार गिरावट आ रही है और यह 1 रुपये से कम के भाव 59 पैसे पर है। आरकॉम कंपनी का आज मार्केट कैप मात्र 163.17 करोड़ रुपये रह गया है। आरकॉम पर फिलहाल 45 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज है। आरकॉम की कुल देनदारियों में 23,327 करोड़ रुपये का लाइसेंस शुल्क और 4,987 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम यूज शुल्क शामिल है।

गौरतलब है कि आरकॉम अनिल अंबानी की वही कंपनी है, जिसके कारण अनिल अंबानी के जेल जाने तक की नौबत आ गई थी। स्वीडिश टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन ने वर्ष 2014 में अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए 7 साल की डील की थी, तब आरकॉम पर एरिक्सन का 500 करोड़ रुपये से अधिक बकाया था। अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम से बकाया रकम वसूलने के लिए एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आरकॉम ने एरिक्‍सन को पैसे नहीं दिए थे। इसके बाद चले केस में कोर्ट ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी ठहराया और इसी साल फरवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आरकॉम ने एरिक्सन इंडिया को 4 सप्ताह के भीतर बकाया राशि नहीं लौटायी तो अंबानी को जेल जाना पड़ेगा। हालांकि तब अनिल अंबानी के बड़े भाई मुकेश अंबानी की मदद से आरकॉम ने समय रहते एरिक्सन का पैसा चुका दिया था।

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