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जनज्वार विशेष

फैक्ट चेक : क्या जबलपुर में देखते ही गोली मारने का हुआ है आदेश ?

Vikash Rana Rana
26 March 2020 8:31 AM GMT
फैक्ट चेक : क्या जबलपुर में देखते ही गोली मारने का हुआ है आदेश ?

चैनल ने अफवाह के बाद टीवी पर अपने संवाददाता से बात करते हुए 5:36 की एक वीडियो साझा की है। जिसमें विशेष संवाददाता जय सिंह चौहान ने गलत खबर को दिखाने के लिए माफी मांगी है...

जनज्वार। कोरोना वायरस के मामलों में भारत में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी रही है। अभी तक पूरे देश में 649 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर भी कोरोना को लेकर अफवाहों का दौर काफी तेज हो गया है। ऐसे में एक फर्जी वायरल वीडियों सोशल मीडिया में काफी तेजी से वायर हो रहा है जिसमें कर्फ्यू तोड़ने वाले लोगों को गोली मारने के आदेश देने की बात की जा रही है।वीडियाो में दिखाया गया है कि कर्फ्यू के दौरान सड़क पर कोई भी व्यक्ति नजर आने वाले को गोली मारने की आजादी दे दी गई है।

कोरोना को लेकर लगाए गए जनता कर्फ्यू के दौरान मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियों तेजी से वायरल हुआ जिसमें कुछ अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में सूनी सड़क पर निकले हैं और उनमें से एक अधिकारी लाउड स्पीकर से मुनादी पीटता हुआ नजर आ रहा है। जिसमें वह कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति सड़क पर नजर आया तो उसे देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए है।

वीडियों के वायरल होने के बाद से ही सोशल मीडिया में हड़कप मच गया। जिसके बाद कई लोगों ने वीडियों की सत्यता को जानने के लिए प्रशासन से अपील करते हुए धीरज गौर नाम के यूजर ने ट्वीट करते हुए वीडियों की सच्चाई जानने की गुहार लगाई है।

ही सत्य प्रकाश सिसोदिया ने ट्वीट कर के जबलपुर पुलिस से इस वीडीयो की सच्चाई का पता लगाते हुए कहा है कि ये वीडियों वाट्सऐप पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस सत्यता की जांच हो और अगर गलत है तो दोषियों के विरूध्द कार्यवाही की जाए

क्या कहना है प्रशासन का ?

फवाह को फर्जी बताते हुए जबलपुर प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति निकाली है जिसमें बाहर किसी व्यक्ति को देखते ही गोली मारने संबंधी खबर को फर्जी बताया है प्रशासन ने ट्वीट करते हुए कहा कहा है कि जबलपुर में देखते ही गोली मारने संबंधी जो खबर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चलाई जा रही है, वह पूरी तरह निराधार है। यह महज एक अफवाह है। जिला प्रशासन द्वारा इस खबर का खण्डन किया गया है। अफवाह को फैलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ वैद्यानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

बलपुर में देखते ही गोली मारने संबंधी वीडियो जो वायरल हो रहा है, वह फेक है। इसका लॉकडाउन से सरोकार नहीं है। इस अफवाह को फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है। आपसे आग्रह है कि कोई अफवाह न फैलाएं ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहना है चैनल का ?

चैनल ने अफवाह के बाद टीवी पर अपने संवाददात से बात करते हुए 5:36 की एक वीडियो साझा की है। जिसमें विशेष संवाददाता जय सिंह चौहान ने गलत खबर को दिखाने के लिए माफी मांगी है। चैनल से बात करते हुए जय सिंह चौहान कहते0 है कि ये वीडियो काफी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। ये वीडियो किसने डाला इसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। लेकिन मुझे इस खबर का पता अपने दो सूत्रों पता चला था। जिसमें उन्होंने कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने वाले लोगों को गोली मारने के आदेश की बात की गई थी। ताकि लोग घर से बाहर ना निकले।

क्योंकि ये खबर काफी बड़ी थी। इसके अलावा इसमें विजुएल भी थे। जिसमें पुलिस के द्वारा लोगों को बताया भी जा रहा है। जिसके कारण एक अच्छे पत्रकार होने के नाते इस खबर को आगे भेजने का मुझे अहसास हुआ खबर भेजने से पहले मैनें कई बार जबलपुर के प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की थी लेकिन शायद नेटवर्क की दिक्कत के कारण मेरी उनसे बात नहीं हो पाई थी।

जिसके बाद मैने ये खबर चैनल को भेज दी ताकि खबर को ब्रेक किया जा सके क्योंकि चैनल के साथ टीआरपी का भी मामलाजुड़ा हुआ है जिस कारण मैनें खबर में देरी होना ठीक नहीं समझा जिसके बाद चैनल में ये खबर चली और मुझे चैनल की तरफ से फोनो में ले लिया गया जिसमें मैने सारी जानकारी दे दी। जय सिंह चौहान वीडियो में आगे माफी मांगते हुए कहते है कि अगर इस खबर से प्रशासन से लेकर आम जनता को किसी तरह की कोई परेशानी हुई है तो उसके लिए क्षमा किया जाए

ता दे कि कोरोना वायरस के कारण जबलपुर शहर में सोमवार को एक और मरीज में कोरोना वायरस पॉजिटिव की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस पॉजिटिव के 7 मामले हो गए हैं। इसके अलावा देश में अभी तक 649 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके है। जिसमें 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

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