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हरियाणा के मुख्यमंत्री की विधानसभा के मेडिकल कॉलेज में भी नहीं सुरक्षा उपकरण, डॉक्टर-नर्स कोरोना पॉजिटिव

Prema Negi
7 April 2020 7:05 AM GMT
हरियाणा के मुख्यमंत्री की विधानसभा के मेडिकल कॉलेज में भी नहीं सुरक्षा उपकरण, डॉक्टर-नर्स कोरोना पॉजिटिव
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करनाल में 4 नये केस आये हैं सामने, डॉक्टरों ने कहा कि हमें उचित उपकरण दिये जायें, नहीं तो हम खुद हो जायेंगे कोरोना संक्रमित तो कैसे करेंगे इलाज, सीएम मनोहर लाल के विधानसभा क्षेत्र में यह हाल है तो बाकी प्रदेश का क्या होगा?

जनज्वार ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल एक 58 साल के मरीज भर्ती होने के सात दिन बाद पता चलता है कि वह कोरोना से संक्रमित है। तब तक देर हो चुका होती है। सही इलाज के अभाव में उसकी मौत हो जाती है। कई डॉक्टर और नर्स मरीज के संपर्क में आ चुके होते हैं, और वो भी संक्रमित हो जाते हैं।

ब मरीज का पता चलता है कि वह कोरोना संक्रमित है, तब तक उसकी स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी होती है कि वह मर जाता है। इसी बीच अस्पताल की एक महिला डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो जाती है। करनाल सीएम मनोहर लाल का विधानसभा क्षेत्र हैं। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के यह हालत बता रहे हैं कि यहां कोरोना को लेकर स्थिति क्या है?

क्या मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बरती लापरवाही?

मृतक के परिजनों ने बताया कि कालेज में यहीं पता नहीं चल पाया कि मरीज कोरोना से संक्रमित है या नहीं। जब मरीज को चंडीगढ़ पीजीआई में लेकर गये, वहां जांच में पता चला कि यह तो संक्रमित है। मृतक के परिजनों ने बताया कि अस्पताल की लापरवाही की वजह से न सिर्फ उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गयी, बल्कि वह खुद भी वायरस की चपेट में आ गये हैं। एक डॉक्टर और इलाज करने वाली एक नर्स भी संक्रमण का शिकार हो गई।

डॉक्टर कैसे हो गई संक्रमित

डॉक्टरों के बीच इसी बात को लेकर आरोप प्रत्यारोप चल रहा है कि डॉक्टर कैसे संक्रमित हो गई? डॉक्टरों की मानें तो उनके पास सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। उन्हें खुद को जोखिम में डाल कर सैंपल लेने पड़ रहे हैं।

स हॉस्पिटल में काम करने वाले एक डॉक्टर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए कोई अलग से रूट भी नहीं बनाया गया। डॉक्टरों को उसी सामान्य रास्ते से कोरोना पीड़ितों के वार्ड तक जाना पड़ रहा है।

रनाल के डीसी निशांत यादव ने बताया कि करनाल में चार नये केस सामने आये हैं। एक केस मृतक परिवार से है। दो केस स्वास्थ्य विभाग के हैं। कोरोना पॉजिटिव परिवार के सदस्यों को मैडिकल कॉलेज में आइसोलेट कर दिया है। सभी के सैंपल लिए जायेंगे।

डीसी ने बताया कि दो गांवों ब्रिचपुर व शेखपुरा सुहाना को सील कर दिया है। इन गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। इन गांवों के आसपास पड़ने वाले एरिया ब्रिचपुर, बरोटा, संभालखा, जाणी, बीजना और बुढ़नपुर आबाद को बफर जोन घोषित कर दिया है। इसी प्रकार शेखपुरा सुहाना के पास पडने वाले गांव रांव, सूरजनगर, पृथ्वी विहार आदि को बफर जोन घोषित किया जा चुका है।

सीन के बाद गांव ब्रिचपुर से नया केस आने से प्रशासन भी हैरान है, क्योंकि इस गांव को सील किया जा चुका है। अब सवाल यह भी है कि जो व्यक्ति पॉजिटिव आया वह गांव में कितने लोगों के संपर्क में आया होगा?

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