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बंगाल चुनाव : ममता बनर्जी ने पार्टी में भगदड़ की आशंका को लेकर आज बुलायी इमरजेंसी मीटिंग

Janjwar Desk
18 Dec 2020 4:33 AM GMT
बंगाल चुनाव : ममता बनर्जी ने पार्टी में भगदड़ की आशंका को लेकर आज बुलायी इमरजेंसी मीटिंग
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Mamta Banergee File Photo.

दो विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद व अमित शाह के बंगाल दौरे से पहले ममता बनर्जी चुनाव को लेकर अपने घर को संभालने में जुट गयीं हैं। आज वे एक अहम मीटिंग कर असंतुष्टों का पक्ष सुनेंगीं...

जनज्वार। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में अपनी पार्टी की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलायी है। पार्टी ने इस मीटिंग में असंतुष्ट नेताओं को भी बुलाया है जिनके पक्ष को स्वयं ममता सुनेंगी। ममता बनर्जी ने इस बैठक के लिए कुछ नेताओं को खुद फोन किया है।

मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस की यह बैठक भाजपा नेता व गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे के ठीक एक दिन पहले हो रही है। अमित शाह का शनिवार से बंगाल दौरा है और यह संभावना जतायी जा रही है कि इस दौरान शुभेंदु अधिकारी सहित कई दूसरे तृणमूल नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उसके एक दिन पहले उन्होंने विधायक व उसके पूर्व मंत्री व अन्य दूसरे पदों से इस्तीफा दे दिया था। शुभेंदु अधिकारी के साथ ही गुरुवार को नाराज तृणमूल विधायक जितेंद्र तिवारी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि ममता बनर्जी ने तिवारी को इससे पहले उनका पक्ष सुनने के लिए मीटिंग में बुलाया था।

पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने गुरुवार को आसनसोल नगर निगम के प्रशासकीय बोर्ड से भी इस्तीफा दे दिया। उनके समर्थन में तृणमूल के कुछ स्थानीय नेताओं ने भी पार्टी सदस्यता छोड़ दी। उधर, उनकी खुली बगावत के बाद हरिपुर में उनके दफ्तर पर कुछ लोगों ने गुरुवार को कब्जा कर लिया, जिसकी उन्होनंे लिखित शिकायत स्थानीय थाने में की है। उन्होंने कहा है कि किसी पार्टी से उनका मतभेद होने के बाद ऐसा किया गया है।

शनिवार को मोदिनीपुर जिले में अमित शाह की एक रैली प्रस्तावित है जिसमें तृणमूल के कद्दावर नेता रहे शुभेंदु अधिकारी सहित कई दूसरे तृणमूल नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ममता बनर्जी शाह के बंगाल दौरे से पहले असंतुष्टों का पक्ष जानकर अपने घर को संभालने में जुट गयी हैं। ममता की पार्टी में असंतोष बढने की वजह उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी का बढता दखल और चुनाव प्रबंधक प्रशांत किशोर का हस्तक्षेप बताया जा रहा है। ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी के चुनाव प्रबंधन का काम प्रशांत किशोर को सौंपा है।

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