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क्या 18 जून को घोड़ी पर चढ़ पाएगा अलखराम अहिरवार, प्रशासन ने बताई ये अड़चन

Janjwar Desk
9 Jun 2021 2:31 PM GMT
क्या 18 जून को घोड़ी पर चढ़ पाएगा अलखराम अहिरवार, प्रशासन ने बताई ये अड़चन
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(शादी की तारीख 18 जून तय है, इसके लिए शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। घर में शादी की तैयारियां जोरों चल रही है।)

जानकारी के मुताबिक शादी की तारीख 18 जून तय है। इसके लिए शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। घर में शादी की तैयारियां जोरों चल रही है। शादी के दिन करीब आते-आते ट्विटर पर 'घोड़ी चढ़ेगा अलखराम' तेजी से ट्रेंड कर रहा है....

जनज्वार डेस्क। उत्तर प्रदेश के महोबा का अलखराम घोड़ी पर चढ़ेगा या नहीं ये सवाल अब भी बना हुआ है। सोशल मीडिया बीते कई दिनों से 'घोड़ी चढ़ेगा अलखराम' हैशटेग के साथ चर्चा हो रही है। लेकिन इस बीच अलखराम के सामने एक नई अड़चन आ गई है। दरअसल इस बीच प्रशासन ने दावा किया है कि दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम है।

दरअसल महोबा के माधवगंज गांव में आजतक यह परंपरा रही है कि कोई भी दलित घोड़ी पर चढ़कर बारात नहीं निकालता है। लेकिन अलखराम इस परंपरा को तोड़ना चाहता है। इसके लिए उसने तमाम नेताओं को भी बारात में शामिल होने का न्यौता भेजा है। इनमें कांग्रेस की राषट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का नाम भी शामिल है। हालांकि प्रियंका ने घोड़ी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है। वहीं भीम आर्मी की ओर से भी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक शादी की तारीख 18 जून तय है। इसके लिए शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। घर में शादी की तैयारियां जोरों चल रही है। शादी के दिन करीब आते-आते ट्विटर पर 'घोड़ी चढ़ेगा अलखराम' तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

वहीं, यह शादी राजनीतिक अखाड़ा बनती दिखाई दे रही है, क्योंकि आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, कांग्रेस और सपा आदि संगठनों के लोग लगातार अलखराम से मिलने पहुंच रहे हैं। उसने प्रियंका गांधी को भी शादी का निमंत्रण भेजा है। उसने लिखा है, "दीदी शादी में आएंगी तो हमें बहुत खुशी मिलेगी।" उधर, प्रियंका ने अलखराम के लिए घोड़ी की व्यवस्था करने के लिए कांग्रेसियों को उसके पास भेजा। कांग्रेसियों ने शादी में शामिल होने और हर मदद का ऐलान किया है।

जानकारी के मुताबिक इस गांव में शिक्षा का बहुत अभाव है जिसके चलते ग्रामीण अपनी पुरानी कु्प्रथाओं को मानने पर अड़े हुए हैं। गांव के प्रधान महीपत श्रीवास समेत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मुन्ना और दीनदयाल आदि का कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला है तबसे किसी दलित दूल्हे ने घोड़ी से बारात नहीं निकाला है। क्या गांव में रोक है इस सवाल पर दोनों का जवाब था आज तक ऐसा हुआ ही नहीं है। कब से चल रही है और किसने शुरू की यह प्रथा इसके बारे में किसी को कुछ पता नहीं।

दूसरी ओर प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अलखराम की अर्जी की जांच-पड़ताल शुरू की तो दावा किया कि अलखराम की दुल्हन बनने वाली अन्नू की उम्र 18 साल से कम है। अपर पुलिस अधीक्षक आर के गौतम का कहना है कि अलखराम की जिस लड़की से शादी होनी है उसकी उम्र कम होने की जानकारी भी सोशल मीडिया में वायरल हुई। मामले की हकीकत जांच के लिए कुलपहाड़ सीओ तेज बहादुर को भेजा गया। जांच में बात सही साबित हुई। अब इस मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आरके गौतम ने कहा कि अलखराम कैसे भी शादी करे यह उसकी मर्जी। उसने सुरक्षा मांगी है तो दी जाएगी, लेकिन लड़का-लड़की दोनों में कोई भी नाबालिग होता है तो इस शादी की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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