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MLA Sharad Veer Singh Ka Istifa: MLA शरद वीर ने सपा को कहा अलविदा, अखिलेश को भेजा इस्तीफा, लगा दिया ये बड़ा आरोप

Janjwar Desk
18 Jan 2022 6:04 PM GMT
MLA Sharad Veer Singh Ka Istifa: MLA शरद वीर ने सपा को कहा अलविदा, अखिलेश को भेजा इस्तीफा, लगा दिया ये बड़ा आरोप
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MLA Sharad Veer Singh Ka Istifa: MLA शरद वीर ने सपा को कहा अलविदा, अखिलेश को भेजा इस्तीफा, लगा दिया ये बड़ा आरोप 

MLA Sharad Veer Singh Ka Istifa: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जनपद शाहजहांपुर (Shahjahanpur) की जलालाबाद (Jalalabad) विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक शरद वीर सिंह (Sharad Veer Singh) ने टिकट काटे जाने से आहत होकर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

रूहेलखंड से निर्मल कांत शुक्ल की रिपोर्ट

MLA Sharad Veer Singh Ka Istifa: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जनपद शाहजहांपुर (Shahjahanpur) की जलालाबाद (Jalalabad) विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक शरद वीर सिंह (Sharad Veer Singh) ने टिकट काटे जाने से आहत होकर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। शाहजहांपुर जनपद की जलालाबाद एकमात्र ऐसी सीट है, जहां कभी भाजपा का कमल नहीं खिला। उनके भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

मंगलवार को देर शाम जैसे ही यह खबर आई कि समाजवादी पार्टी ने एक सप्ताह पहले ही भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए जलालाबाद से पूर्व विधायक नीरज मौर्य को टिकट दे दिया है। जबकि ददरौल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री दिवंगत राममूर्ति सिंह वर्मा की पुत्र राजेश वर्मा को सपा का सिंबल प्रदान किया गया है, वैसे ही समाजवादी पार्टी के खेमे में सियासी पारा चढ़ गया। नीरज मौर्य को पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या का बेहद करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है।

मंगलवार देर रात विधायक शरद वीर सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम संबोधित त्यागपत्र पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि आपको सादर अवगत कराना चाहूंगा कि मैंने नेता जी मुलायम सिंह यादव जी की नीतियों से प्रभावित होकर वर्ष 1995 में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी एवं 1996 से जलालाबाद की जनता की सेवा करता आ रहा हूं। परंतु आपके नेतृत्व में पार्टी नेता जी की नीतियों से भटक गई है। इसीलिए आपके द्वारा मेरा टिकट काटकर ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया गया, जिसने बसपा के कार्यकाल में धन कमाने के लिए समाज के सभी वर्गों पर, व्यापारियों पर अत्यंत अत्याचार किए थे। आपके इस निर्णय से जलालाबाद की समस्त जनता एवं मैं स्वयं काफी आहत हूं। अतः मैं आपकी पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र देता हूं।


मोदी लहर में भी नहीं खिला कमल

जलालाबाद विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कमल नहीं खिला। 2017 के चुनाव में सपा के प्रत्याशी शरद वीर सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के मनोज कश्यप को 9297 वोट के अंतर से हरा दिया था। शरद वीर सिंह को 75326 वोट मिले थे और मनोज कश्यप को 66029 वोट मिले थे।

कौन हैं नीरज मौर्य

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए 132 विधानसभा जलालाबाद से पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता नीरज मौर्य ने 13 जनवरी को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। दो बार रहे विधायक नीरज मौर्य बहुजन समाज पार्टी की सरकार में जलालाबाद विधानसभा सीट से 2007 में विधायक बने थे। इसी विधानसभा से 2017 तक लगातार दो बार विधायक रहे हैं। इसके बाद 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे। नीरज मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से 13 जनवरी को लखनऊ में मुलाकात कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, तभी सियासी हलकों में यह चर्चा जोरों पर थी कि अगर भाजपा से सपा में आए पूर्व विधायक नीरज मौर्या को टिकट दिया गया तो मौजूदा विधायक शरद वीर सिंह समाजवादी पार्टी को छोड़ देंगे।

भगवान परशुराम की जन्म स्थली है जलालाबाद

जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ तहसील भी है। क्षेत्र का पौराणिक महत्व भी है। ऐसी मान्यता है कि इस क्षेत्र में जमदग्नि ऋषि का आश्रम और भगवान परशुराम जी का मंदिर भी है, जहां उनका फरसा भी है। यह भी जनश्रुति है कि ये क्षेत्र भगवान महर्षि परशुराम की जन्मस्थली भी है। जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में पटना देवकली का शिव मंदिर भी है, जिसे दानवों के गुरु शुक्राचार्य की तपोभूमि माना जाता है। मान्यता ये भी है कि यहां रावण भी घंटा चढ़ाने आया था। यह सीट सियासी दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण सीट है।

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