इंदौर में कोरोना वारियर्स पर फिर से हमला, अपराधी प्रवृत्ति के हमलावर ने पड़ोसी को भी मारा चाकू

Update: 2020-04-18 11:24 GMT

स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने शिकायत दर्ज की कि न सिर्फ उन पर पत्थर फेंके गये, बल्कि साथ में मौजूद आशा कार्यकर्ता का मोबाइल तोड़कर हमलावर ने उसे थप्पड़ भी जड़े...

जनज्वार, इंदौर। कोरोना की भयावहता के बीच स्वास्थ्यकर्मियों, चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों पर देशभर में हमले की खबरें भी आ रही हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य जगहों पर भी स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले हुए हैं।

ज 18 अप्रैल को एक बार फिर कोरोना वारियर्स पर इंदौर में हमला किया गया, जिसकी शिकायत स्वास्थ्यकर्मियों ने पुलिस थाने में करवायी है।

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मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक इंदौर में सर्वे करने गयी मेडिकल टीम के साथ बदसलूकी की गयी है, जिसकी शिकायत स्वास्थ्यकर्मियों ने पसलिया थाने में दर्ज करायी।



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स्वास्थ्य​कर्मियों के साथ हुए दुर्व्वहार और हमले की घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह मौके पर पहुंचे, जहां अधिकारियों ने हमले की बात से इनकार किया, जबकि मेडिकल टीम के डॉक्टरों का कहना है कि जब उनकी टीम सर्वे करने गयी थी तब पारस यादव नाम के अपराधी किस्म के शख्स ने उन पर पत्थर फेंके गये। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने शिकायत दर्ज की कि न सिर्फ उन पर पत्थर फेंके गये, बल्कि साथ में मौजूद आशा कार्यकर्ता का मोबाइल तोड़कर हमलावर ने उसे थप्पड़ भी जड़े।

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जानकारी के मुताबिक सर्वे करने पहुंची स्वास्थ्यकर्मियों की टीम का बचाव करने पर हमलावर पारस यादव ने अपने पड़ोसियों को चाकू की नोक पर पहले तो धमकाया और फिर उन पर चाकू से हमला भी किया।​ चाकू के हमले में 3 लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। जिस टीम को अपराधी पारस यादव ने अपना निशाना बनाया, उसमें डॉक्टर, टीचर, पैरा मेडिकल स्टॉफ और आशा कार्यकर्ता शामिल थे। सर्वे के इंचार्ज और आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रवीण चौरे थे, जिन्होंने इसकी शिकायत पसलिया थाने में दर्ज करवायी है।

मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक पलसिया टीआई विनोद दीक्षित ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह विनोबा नगर की घटना है, जहां पारस यादव नाम का एक अपराधी रहता है। उस पर यह आरोप है कि वह पहले शराब बेचता था। पड़ोसियों से उसका झगड़ा चल रहा था। इस बीच वहां सर्वे करने गई टीम मोबाइल से अपना काम कर रही थी, उसे लगा कि ये लोग वीडियो बना रहे हैं तो उसने उनका मोबाइल तोड़ दिया और उनके साथ बदसलूकी की।

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हालांकि पारस यादव द्वारा इंदौर में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर हमले की बात से उच्चाधिकारी इंकार कर रहे हैं और यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि पारस का अपने पड़ोसी के साथ विवाद था और इसी बीच कोरोना वारियर्स की टीम वहां पहुंची तो धोखे से उसने उन पर हमला किया।

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इंदौर के डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा के मुताबिक पारस से पड़ोसियों का पुराना विवाद है। मेडिकल टीम जब वहां पहुंची तो उस वक्त भी वह पड़ोसियों से झगड़ा कर रहा था। टीम मोबाइल से काम कर रही थी, उसे लगा कि ये लोग वीडियो बना रहे हैं, तो उसने मोबाइल तोड़ दिया। टीम पर कोई हमला नहीं हुआ है, जबकि मेडिकल टीम के हेड आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रवीण चौरे ने साफ-साफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवायी है कि पारस यादव ने उनकी टीम पर पत्थर बरसाकर हमला किया और मोबाइल तोड़ने के साथ एक नर्स को थप्पड़ भी जड़ा।

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गौरतलब है कि इंदौर वही जिला है, जहां कोरोना की भयावहता चरम पर है। यहां लगभग 1500 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 75 लोगों की मौत भी हो चुकी है। मेडिकल टीम पर इंदौर में पहली बार हमला नहीं किया गया है, इससे पहले 1 अप्रैल को यहां के टाटपट्टी बाखल में भी कोरोना स्क्रीनिंग करने गयी मेडिकल टीम को निशाना बनाया गया था। इस घटना का देशभर में भारी विरोध हुआ था और आरोपियों पर कलेक्टर ने एनएसए लगाकर जेल की सलाखों के पीछे भेजा था।

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