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इस साल की चारधाम यात्रा में हुआ 211 करोड़ का कारोबार, उत्तराखण्ड में नए युग की शुरुआत : धामी सरकार का दावा

Janjwar Desk
27 Oct 2022 2:25 PM GMT
इस साल की चारधाम यात्रा में हुआ 211 करोड़ का कारोबार, उत्तराखण्ड में नए युग की शुरुआत : धामी सरकार का दावा
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चारधाम यात्रा ने इस वर्ष तमाम रिकॉर्ड तोड़ कर जो नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उसमें इस बार केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा में सिर्फ़ घोड़ा खच्चरों, हेली टिकट और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े से ही लगभग 211 करोड़ के आस-पास कारोबार हुआ है...

Chardham Yatra : उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के आख़िरी पड़ाव पर चारधाम यात्रा के दौरान होने वाली आय को लेकर प्रदेश सरकार बेहद उत्साहित है। सरकार की तरफ से इस उत्तराखंड के नए युग में प्रवेश कहा जा रहा है। बाबा केदार के कपाट गुरुवार 27 अक्टूबर को विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद होने का साथ ही यमनोत्री के कपाट भी बंद कर दिए गए। चारधाम यात्रा ने इस वर्ष तमाम रिकॉर्ड तोड़ कर जो नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उसमें इस बार केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा में सिर्फ़ घोड़ा खच्चरों, हेली टिकट और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े से ही लगभग 211 करोड़ के आस-पास कारोबार हुआ है।

कारोबार के यह आंकड़े आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन को लेकर ख़ुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कथनानुसार आने वाला दशक उत्तराखण्ड है उसकी शुरूआत आज से ही हो चुकी है। इस बार की चारधाम यात्रा बहुत उत्साह वर्धक रही है।प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री द्वारा धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को स्थानीय उत्पादों को ख़रीद पर पाँच प्रतिशत खर्च करने के लिए अपील की गई है।

आने वाले समय में हम स्थानीय उत्पादों के बिक्री की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। मानस खंड कारीडोर के मास्टर प्लान का काम भी शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य समस्त पौराणिक मंदिरों को संवारने का है और उसको पर्यटन से जोड़ना है। सरकार के प्रयासों व कुशल यात्रा प्रबंधन की बदौलत 46 लाख यात्रियों ने इस वर्ष चार धाम यात्रा की। पिछले दो दशक में यह सबसे अधिक आँकड़ा है। अकेले केदारनाथ धाम में ही इस साल 15 लाख 36 हजार तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं।

केदारनाथ में 190 करोड़ से अधिक का कारोबार

इस वर्ष केदारनाथ यात्रा स्थानीय व्यवसाइयों के लिहाज़ से भी काफ़ी बेहतर रही। सिर्फ़ यात्रा के टिकट, घोड़ा खच्चरों और हेली और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े की बात करें तो लगभग 190 करोड़ के आस-पास यह कारोबार हुआ है। केदारनाथ धाम इस बार घोड़े खच्चर व्यवसाइयों ने क़रीब 1 अरब 9 करोड़ 28 लाख रुपए का रिकॉर्ड कारोबार किया। जिससे सरकार को भी 8 करोड रुपए से ज्यादा का राजस्व मिला। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम बनाने को लेकर प्रशासन ने 4302 घोड़ा मालिकों के 8664 घोड़े खच्चर पंजीकृत किए थे। इस सीजन में 5.34 लाख तीर्थयात्रियों ने घोड़े खच्चरों की सवारी कर केदारनाथ धाम तक यात्रा की तो डंडी-कंडी वालों ने भी 86 लाख रुपए की कमाई की। जबकि हेली कंपनियों का कुल कारोबार 75 करोड़ 40 लाख रुपए रहा। सीतापुर और सोनप्रयाग पार्किंग से लगभग 75 लाख का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ।

यमुनोत्री में घोड़े खच्चरों वालों का हुआ 21 करोड़ का कारोबार

यमुनोत्री में भी घोड़े खच्चरों वालों का लगभग 21 करोड़ का कारोबार इस साल हुआ है। जबकि यमुनोत्री धाम में लगभग 2900 घोड़े खच्चर पंजीकृत हैं। ज़िला पंचायत रुद्रप्रयाग के अनुसार इस साल यात्रा काल में 21 करोड़ 75 लाख का कारोबार हुआ है। यह आँकड़ा भी रिकॉर्ड तोड़ है।

गढ़वाल निगम की आय भी 50 करोड़

इसके अलावा चारधाम यात्रा में यात्रा मार्ग के सभी होटल/होमस्टे, लाज और धर्मशालाएं भी पिछले छः माह तक बुक रही। पिछले सालों तक गढ़वाल मण्डल विकास निगम (GMVN) जहां आर्थिक नुक़सान झेल रहा था तो इस साल उसकी कमाई का आंकड़ा अगस्त तक 40 करोड़ पार कर चुका था। निगम के प्रबंध निदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक यह आँकड़ा 50 करोड़ के क़रीब जाने का अनुमान है। इसके अलावा इस साल की चारधाम यात्रा से जुड़े टैक्सी व्यवसायों ने भी पिछले सालों की औसत आय से तीन गुना अधिक का कारोबार किया है।

सरकार को उम्मीद, और बढ़ेगी कमाई

इस साल की चारधाम यात्रा की कमाई से उत्साहित सरकार को आने वाले सालों में इससे भी कहीं ज्यादा कमाई की आस है। सरकार की यह उम्मीद प्रधानमंत्री के उस बयान से और बढ़ी है, जो उन्होंने बीते 21 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम स्थित माणा गाँव में वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए दिया था। अपने इस बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वह जहां की भी यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते। ऐसे में सरकार को अब भविष्य की चारधाम यात्रा में स्थानीय उत्पादों को भी बड़ा मार्केट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुण्ड साहित्य रोपवे की जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। उनके पूरा होने पर श्रद्धालुओं की घंटों की यात्रा मिनटों में पूरी होने की वजह से भी सरकार भविष्य में तीर्थयात्रियों की संख्या में खासा इजाफा देख रही है, जो कमाई बढ़ाने में ही सहायक होगा।

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