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आंदोलन

14 मार्च को सरदार पटेल संस्थान में सामाजिक न्याय के लिए समता सम्मेलन होगा आयोजित, देश के चर्चित सामाजिक चिंतक करेंगे भागीदारी

Janjwar Desk
12 March 2026 5:40 PM IST
14 मार्च को सरदार पटेल संस्थान में सामाजिक न्याय के लिए समता सम्मेलन होगा आयोजित, देश के चर्चित सामाजिक चिंतक करेंगे भागीदारी
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केंद्र सरकार की ग़लत नीयत और कमज़ोर पैरवी और वर्णव्यवस्था पोषक जातिवादियों के दबाव से सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्थगनादेश दे दिया है, जिसके खिलाफ संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संविधान लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता में विश्वास करने वाले लोग भी यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करवाने के लिए आगे आ रहे हैं...

Pryagraj news : आज 12 मार्च को यूजीसी एक्ट 2026 बचाओ समता आंदोलन, इलाहाबाद, संयोजक -डॉ कमल उसरी ने कहा कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी ने (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जिसका उद्देश्य भेदभाव को समाप्त करना और सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करना था। इसका स्वागत सभी सभ्य समाज के नागरिकों को करना चाहिए था, मगर अफ़सोस केंद्र सरकार की ग़लत नीयत और कमज़ोर पैरवी और वर्णव्यवस्था पोषक जातिवादियों के दबाव से सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्थगनादेश दे दिया है, जिसके खिलाफ संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संविधान लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता में विश्वास करने वाले लोग भी यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करवाने के लिए आगे आ रहे हैं।

इसी कड़ी में आने वाले 14 मार्च 2026, शनिवार को दिन में 10 बजे से 3 बजे तक, सरदार पटेल संस्थान, अलोपीबाग चुंगी, (इलाहाबाद) प्रयागराज में यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन और सामाजिक न्याय के लिए समता सम्मेलन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से शासन प्रशासन की लिखित अनुमति से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मोहम्मद सलीम, डॉ कंचना यादव, प्रियंका भारती, प्रो विक्रम, प्रो गंगा सहाय मीणा, प्रो दिनेश पाल, पिंटू मांझी और शंभु कुमार सिंह सहित देश के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सामाजिक चिंतक भागीदारी करेंगे।

कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे लोगों में से मोहम्मद सलीम जो प्रगतिशील पसमांदा, पिछ्ड़े मुसलमानों में बहुत ही लोकप्रिय हैं। प्रोफेसर गंगा सहाय मीणा जो जेएनयू, नई दिल्ली में अध्यापन करने के साथ ही आदिवासियों के हक़ अधिकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करते हैं। प्रो विक्रम इलाहाबाद विश्वविद्यालय जो इतिहास विषय में अध्यापन कार्य तो करते हैं, मगर समाज में व्याप्त रूढ़िवादी, अंधविश्वास, पखण्डवाद के खिलाफ बहुजन समाज को जागरूक करने के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगाने की हद तक सक्रियता के लिए जाने पहचाने जाते हैं। वहीं डॉ कंचना यादव और प्रियंका भारती दोंनो महिला सामाजिक चिंतक आज के समय में देश की सबसे ज्यादा चर्चित सामाजिक न्याय के लिए गरीबों, पिछड़ों, महिलाओं के हक़ अधिकार के लिए, तार्किकता, प्रमाणिकता और तथ्यों के साथ टीवी चैनलों के साथ ही विभिन्न मंचों पर रखने कहने के लिए चर्चित हैं।

प्रो दिनेश पाल बीएचयू से पीएचडी और जयप्रकाश यूनिवर्सिटी, छपरा में अध्यापन कार्य करते हुए बहुत ही सरलता सहजता से सामाजिक न्याय सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बातचीत रखने के लिए जाने जाते हैं। पिंटू मांझी जो नई दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त हैं और दशरथ मांझी शिक्षण संस्थान, गया के संस्थापक सचिव हैं। वो देश दुनिया में माउंटेन मैन के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी के परिवार से हैं, जो कई दशकों से बिहार के सबसे वंचित समुदाय मुशहर बच्चों के शिक्षा के लिए काम करते हैं। नेशनल दस्तक यूट्यूब चैनल के संस्थापक संपादक शंभु कुमार सिंह जो सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से बहुजन समाज और सामाजिक न्याय के मुद्दे को उठाते रहते हैं,

साथ ही अवकाश प्राप्त न्यायाधीश संजीव कुमार व न्यायाधीश मनोज चौधरी भी कार्यक्रम में हिस्सेदारी करेंगे। समता सम्मेलन की अध्यक्षता- के. सी. सरोज, रिटायर्ड आई.ए.एस करेंगे।

सम्मेलन में शहर के नागरिकों, बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, छात्र- नौजवानों, ट्रेंड यूनियनिस्ट, मानवाधिकार, सामाजिक कार्यकर्ता के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से आदिवासी, किसान, मजदूर वर्ग के लोग भी भागीदारी करेंगे।

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