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आंदोलन

उत्तराखंड दुनियाभर में नफरत फैलाने में पहुंच रहा सबसे आगे, सूफी संत बुल्ले शाह का स्मारक तोड़ने वाले कथित RSS-BJP से जुड़े उपद्रवियों के खिलाफ उठी आवाज !

Janjwar Desk
30 Jan 2026 3:47 PM IST
उत्तराखंड दुनियाभर में नफरत फैलाने में पहुंच रहा सबसे आगे, सूफी संत बुल्ले शाह का स्मारक तोड़ने वाले कथित RSS-BJP से जुड़े उपद्रवियों के खिलाफ उठी आवाज !
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार व सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं और अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए वह अपने नफरती ऐजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि उत्तराखंड में एक के बाद एक करके अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं और उनकी धार्मिक और ऐतिहासिक इमारतों को तोड़ा जा रहा है जो कि बेहद चिंताजनक है...

रामनगर। समाजवादी लोकमंच ने मसूरी में पिछले 24 जनवरी को भाजपा और आरएसएस से जुड़े गुंडा तत्वों द्वारा पंजाबी सूफी संत बुल्ले शाह के स्मारक पर हमला कर तोड़फोड़ करने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने एवं उनके स्मारक के पुनर्निर्माण की मांग की है।

मंच के संयोजक मुनीष कुमार द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिस तरह से तालिबानों ने अफगानिस्तान के बामियान में बौद्ध मूर्तियों को नष्ट किया था, उसी तरह से भाजपा और आरएसएस के गुंडे पंजाबी के सूफी संत बुल्ले शाह की स्मारक को नष्ट कर रही है।

उन्होंने कहा कि बुल्ले शाह ने पूरी दुनिया को प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया है। बुल्ले शाह सूफी काव्य के शिखर पुरुषों में हैं। उनकी कविताएँ (काफियाँ) रूहानियत, प्रेम और सामाजिक पाखंड पर चोट करने के लिए जानी जाती हैं। उनकी रचनाएं इतनी मशहूर है कि उन पर पर बहुत सारे फिल्मी गीत भी बन चुके हैं।

बुल्ले शाह ने लगभग 300 वर्ष पूर्व कहा "मस्जिद ढा दे, मंदर ढा दे,ढा दे जो कुछ ढैंदा, पर किसी दा दिल ना ढावीं, रब दिलां विच रहिंदा।" जिसका अर्थ है कि मस्जिद गिरा दो, (चाहे) मंदिर गिरा दो। जो कुछ भी गिराया जा सकता है, उसे गिरा दो लेकिन कभी किसी इंसान का दिल मत तोड़ना क्योंकि परमात्मा (रब) इंसानों के दिलों में निवास करता है।

मुनीष कुमार ने कहा कि उत्तराखंड देश में ही नहीं बल्कि दुनिया में नफरत फैलाने में सबसे आगे पहुंच रहा है। यहां के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार व सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं और अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए वह अपने नफरती ऐजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि उत्तराखंड में एक के बाद एक करके अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं और उनकी धार्मिक और ऐतिहासिक इमारतों को तोड़ा जा रहा है जो कि बेहद चिंताजनक है।

समाजवादी लोक मंच ने देश और प्रदेश के सभी अमन पसंद और जनवादी लोगों से नफरती हिंसा और बुल्ले शाह के स्मारक पर किए गए हमले के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।

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