Top
बिहार

नेपाल और बिहार में लगातार बारिश से बढ़ रही टेंशन, नदियों में जलस्तर बढ़ने से अलर्ट पर शासन-प्रशासन

Janjwar Desk
26 Jun 2020 5:51 AM GMT
नेपाल और बिहार में लगातार बारिश से बढ़ रही टेंशन, नदियों में जलस्तर बढ़ने से अलर्ट पर शासन-प्रशासन
x
file photo
नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच मौसम विभाग के भारी बारिश की चेतावनी से चिंता बढ़ गई है। खासकर नदी किनारे के जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है

जनज्वार ब्यूरो,पटना। पिछले कई दिनों से बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। नेपाल के तराई और बिहार के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के लगभग दर्जन भर जिलों में भारी बारिश का रेड एलर्ट जारी कर दिया है। वैसे तो गंगा,गंडक कोशी और अधवारा समूह की नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं पर ज्यादा बारिश हुई तो मुश्किल बढ़ सकती है। तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।

राज्य के दर्जनभर जिलों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दीं गईं हैं। समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार 25 जून को 22 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। गुजलस्तर 42.61 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। पूसा में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 39.59 मीटर दर्ज हुआ है। कल्याणपुर आदि में तटबंधों पर सुरक्षात्मक कार्य तेजी से चल रहा है। सीतामढ़ी जिला के ढेंग और सोनाखान में सीतामढ़ी में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। यहां कमला नदी का जलस्तर स्थिर है पर जयनगर और झंझारपुर में कमला का जलस्तर बढ़ रहा है।

कोशी बराज से 1.30 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज है। वराह क्षेत्र में 94 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज है। वराह क्षेत्र में यह बढ़त पर है। पूर्णिया जिला के बायसी और अमौर प्रखंडों में नदियां उफान पर हैं। यहां से होकर गुजरने वाली महानन्दा,कनकई, दास, बकरा और परमान पांचों में जलस्तर बढ़ रहा है।मरौना में कोशी का पानी बढ़ रहा है। जिससे किनारे के कुछ गांवों में पानी फैल गया है। वैसे कोशी के नेपाल और भारत के तटबंधों पर दबाव नहीं होने की बात जल संसाधन विभाग कह रहा है।

गोपालगंज जिला के सदर प्रखंड में अब स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है। जहां जरूरत थी,वहां सारण तटबंध की मरम्मती की गई है।

सुपौल जिला के वीरपुर बराज में बढ़त के बाद जलस्तर अब स्थिर बताया जा रहा है। मधुबनी जिला में कमला बालान और अधवारा समूह की सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। मुजफ्फरपुर में भी नदियों में बढ़त के बाद अभी जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है।

मानसून की दस्तक के साथ ही बिहार में रुक रुककर बारिश शुरू हो रही है। नेपाल के तराई इलाकों में भी बारिश हो रही है, जिस कारण बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। बिहार से होकर गुजरने वाली गंगा,गंडक, कोशी, बागमती, महानन्दा आदि मुख्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। हालांकि इन सभी नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। कुछ जगह कटाव भी हो रहा है। कुछ निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी घुसने की खबर है।

खगड़िया जिला में बागमती और कोशी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि अभी यह मामूली वृद्धि है,पर जमींदारी बांधों पर दबाव बढ़ गया है और प्रशासन द्वारा इन बांधों की निगरानी के लिए होमगार्ड जवानों और विभागीय इंजीनियरों की ड्यूटी लगा दी गई है। गौरीपुर, कड़वा,धमौल, आजमनगर आदि गांवों में खेतों का कटाव भी हो रहा है।

मौसम विभाग ने 25 जून से 72 घंटों तक बिहार के दर्जन भर जिलों में आंधी-बज्रपात और भारी बारिश का रेड एलर्ट जारी किया है। गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, कटिहार, समस्तीपुर सहित दर्जन भर से ज्यादा जिलों के लिए यह भारी बारिश और वज्रपात का एलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार 25 जून से ही कई जिलों में लगातार बारिश हो भी रही है। इससे जलस्तर और बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

बाढ़ के खतरे को देखते हर बिहार सरकार ने NDRF की 9वीं बटालियन की टीमों की कई जिलों में तैनाती कर दी है। गोपालगंज, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बक्सर,दरभंगा, नालंदा और पटना जिलों में NDRF की टीमों की तैनाती कर दी गई है।

राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग एलर्ट पर है। मोटरबोट, नाव की उपलब्धता से लेकर NDRF की मुख्यालयों में तैनाती की लगातार मोनिटरिंग का निर्देश दिया गया है। साथ ही तटबंधों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित लोगों को एलर्ट रखने का निर्देश दे दिया गया है। गांवों के जनप्रतिनिधियों को भी स्थिति से अवगत कराते हुए लोगों को जागरूक करने में लगाया जा रहा है।

Next Story

विविध

Share it