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कानपुर में BJP नेता बेच रहा था नकली ब्लैक फंगस के इंजेक्शन, पीएम मोदी भी भेजते हैं जन्मदिन की बधाई

Janjwar Desk
28 May 2021 2:02 PM GMT
कानपुर में BJP नेता बेच रहा था नकली ब्लैक फंगस के इंजेक्शन, पीएम मोदी भी भेजते हैं जन्मदिन की बधाई
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(पुलिस ने दावा किया है कि बरामद इंजेक्शन नकली हैं। ड्रग विभाग के अफसरों ने सैंपल लिए हैं।)

एसीपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वाराणसी के एक डॉक्टर को सवा दो लाख रुपये में कुछ इंजेक्शन बेचे थे। पुलिस ने जब उस डॉक्टर व वाराणसी पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि इंजेक्शन नकली थे......

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार 27 मई को ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए दो शातिरों में से एक प्रकाश मिश्रा भाजपा का नेता निकला। खुद प्रधानमंत्री मोदी उसे जन्मदिन पर बधाई दे चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव, विधायक सुरेंद्र मैथानी व मंत्री सतीश महाना सहित कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

दरअसल कानपुर पुलिस ने ग्वालटोली चौराहे से दो शातिरों को गिरफ्तार कर 68 इंजेक्शन बरामद किए थे। आरोपी 11 से 15 हजार रुपये में एक इंजेक्शन बेचते थे। इनका नेटवर्क प्रदेश भर में फैला हुआ है। मुख्य ठिकाना प्रयागराज है। बता दें कि पकड़ा गया युवक प्रकाश मिश्रा भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्य समिति का सक्रिय सदस्य है।

पुलिस ने दावा किया है कि बरामद इंजेक्शन नकली हैं। ड्रग विभाग के अफसरों ने सैंपल लिए हैं। बता दें कि एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि ग्वालटोली चौराहे के पास से एसयूवी कार को रोका गया था। उसमें सवार यशोदा नगर निवासी प्रकाश मिश्रा और रतनदीप अपार्टमेंट निराला नगर निवासी ज्ञानेश शर्मा के पास से 68 एमफोनेक्स (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) इंजेक्शन बरामद हुए थे।


पकड़े गए युवकों के पास से एक लाख 80 हजार रुपये की नकदी भी मिली थी। एसीपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वाराणसी के एक डॉक्टर को सवा दो लाख रुपये में कुछ इंजेक्शन बेचे थे। पुलिस ने जब उस डॉक्टर व वाराणसी पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि इंजेक्शन नकली थे।

एसीपी त्रिपुरारी पांडेय का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों ने कबूला है 'इंजेक्शन नकली हैं, जिन्हें वे प्रयागराज से खरीदते हैं। अलग-अलग शहरों में कई गुने दाम पर बेचते हैं। ग्वालटोली थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के अलावा उनके मोबाइल से तमाम जानकारी निकाली। पता चला है कि आरोपी प्रयागराज के कई मेडिकल स्टोर संचालकों के संपर्क में हैं। उनके ही जरिये इंजेक्शन की खेप लाकर तस्करी करते थे। आरोपियों ने बताया कि वे खुद ही माल लेकर कानपुर आते थे। कभी-कभी ट्रक से भेजते थे।

पुलिस ने आशंका जताई है कि काफी दिनों से आरोपी इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे थे। स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है, जो पता करेगी कि नेटवर्क कहां तक फैला है। मुख्य आरोपी कौन हैं और ये इंजेक्शन कहां बनाए जा रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर कानपुर असीम अरुण ने 'जनज्वार' को बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इंजेक्शन नकली हैं। इसकी पुष्टि के लिए ड्रग विभाग ने नूमने लिए हैं। पूरे गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में भी आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इस कृत्य से तमाम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी।

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