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Jahangirpuri Demolition Update: जहांगीरपुरी में नहीं चलेगा बुलडोजर, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

Janjwar Desk
21 April 2022 12:17 PM IST
Jahangirpuri Demolition Update: जहांगीरपुरी में नहीं चलेगा बुलडोजर, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
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Jahangirpuri Demolition Update: जहांगीरपुरी में नहीं चलेगा बुलडोजर, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

Jahangirpuri Demolition Update: सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी है. हालांकि, तब तक कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी रखा है. कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है.

Jahangirpuri Demolition Update: सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी है. हालांकि, तब तक कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी रखा है. कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा, सभी लोग एक दूसरे की दलीलों पर जवाब दें. हम सभी याचिकाओं पर नोटिस कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा, हमारे आदेश के बाद भी कार्रवाई चलती रही है, तो हम इसे भी गंभीरता से लेते हैं. कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यथास्थिति का आदेश सिर्फ दिल्ली के लिए है.

आज की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने देशभर में बुलडोजर के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की, जिस पर स्टिस राव ने कहा "हम देश भर में अतिक्रमण हटाने का अभियान रोकने का आदेश नहीं दे सकते." इस पर कपिल सिब्बल ने कहा "मैं बुलडोज़र की बात कर रहा हूं, जिस तरह से सब हो रहा है, यह गलत है. जज ने कहा "यह काम बुलडोज़र से ही होता है. वैसे हम आपकी बात समझ गए." इस पर सिब्बल ने कहा, मेरा मतलब है कि इस तरह की कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करना चाहिए कि आप अतिक्रमण हटा लें या हम हटाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, अगले आदेश तक यथास्थिति बरकरार रखी जाए. मामले को दो सप्ताह बाद लिस्ट किया जाए और तब तक बहस पूरी होगी. कोर्ट ने यह भी कहा कि एनडीएमसी मेयर को सूचना देने के बाद भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रखने का गंभीर संज्ञान लिया जाएगा.

इससे पहले याचिकाकर्ताओं के वकील दुष्यंत दवे और कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि अतिक्रमण के नाम पर एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है लेकिन सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों में हिंदू भी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्रवाई पहले से चल रही थी और लोगों को कई बार नोटिस भी दिया गया था.

याचिकाकर्ता की ओर से दुष्यंत दवे ने कहा, देश संविधान और कानून से चलता है. वहां 30 साल से ज्यादा पुरानी दुकानें हैं. जेजे कॉलोनी, स्लम, गांव आदि के लिए नियम कानून बनाए गए हैं. बीजेपी अध्यक्ष का लेटर हालात को लेकर दुखद कमेंट्री है. इस पर जस्टिस राव ने पूछा, हमने सुना है कि हिंदुओं की भी संपत्ति तोड़ी गई है तो कपिल सिब्बल ने कहा, अतिक्रमण की समस्या दिल्ली नहीं पूरे देश की है, लेकिन यहां केवल मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है. वो भी रामनवमी के दिन. इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल का ​अभियान केवल फुटपाथ के लिए था तो जस्टिस गवई ने पूछा, इसके लिए आपको बुलडोजर की क्या जरूरत पड़ गई.

देशभर में तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम ऐसा आदेश नहीं दे सकते. इस पर कपिल सिब्बल ने कहा, मेरा मतलब है कि बुलडोजर के इस्तेमाल पर रोक लगनी चाहिए. तो कोर्ट ने कहा कि तोड़फोड़ हमेशा बुलडोजर से ही होती है. कपिल सिब्बल ने कहा है कि मेरा मतलब यह है कि ऐसी कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करना चाहिए कि आप अतिक्रमण हटा लें या हम हटा देंगे.

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