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Gang rape news NDLS : रात को महिलाओं के लिए महफूज नहीं है NDLS, इमरजेंसी में महिला IO तक की सुविधा नहीं

Janjwar Desk
28 July 2022 5:13 AM GMT
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Gang rape news NDLS : रात को महिलाओं के लिए महफूज नहीं है NDLS, इमरजेंसी में महिला आईओ तक की सुविधा नहीं

Gang rape news NDLS : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ( NDLS ) से हर रोज 300 से अधिक वीआईपी रेलगाड़ियों का मूवमेंट होता है। यहां सिर्फ दो महिला हवलदार और नौ महिला कॉन्स्टेबल हैं। इनमें से एक की भी ड्यूटी रात में नहीं होती है।

Gang rape news NDLS : कहने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ( NDLS ) देश की सबसे वीआईपी रेलवे स्टेशनों में से एक है, लेकिन इसकी सुरक्षा ( NDLS Security ) हकीकत को जान आप चौंक जाएंगे। कम से कम महिला सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत बुरी खबर है। आप पूछेंगे कि कैसे, तो इसका जवाब यही है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिला पुलिसकर्मी ( Women Police ) नहीं होती हैं। अगर किसी महिला के साथ रात के समय कुछ हो जाये, तो वहां पर उसे सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एक भी महिला सिपाही मौजूद नहीं होती। इतना ही नहीं, रात के समय महिला आईओ ( Women Police IO ) तक की सुविधा देश के सबसे वीआईपी रेलवे स्टेशन ( NDLS ) पर नहीं होती है।

इस बात का खुलासा 21 और 22 जुलाई की दरमियानी रात 30 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप ( Gang rape news ndls ) के बाद हुआ है। रात के समय स्टेशन की सुरक्षा के लिए जीआरपी ( GRP ) के पास 128 पुलिसकर्मी होने चाहिए लेकिन उसके पास हैं सिर्फ 94 पुलिसकर्मी। यानि 34 कम। तय क्षमता से एक चौथाई से ज्यादा कम। चौंकने वाली बात तो यह है कि महिला से गैंगरेप की वारदात की रात दिल्ली के इस सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पर कोई महिला आईओ ही नहीं थीए जिसे गैंगरेप जैसी बड़ी वारदात की जांच-पड़ताल का जिम्मा सौंपा जा सके। वारदात की रात एक महिला एएसआई को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से यहां बुलाया गया जिसके आने में भी काफी देरी हुई।

5 लाख यात्रियों की सुरक्षा में सिर्फ 2 महिला हवलदार और 9 कांस्टेबल

आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि एनडीएलएस ( NDLS ) पर एक भी महिला एसआई और एएसआई तैनात नहीं हैंए जिसे महिला से संबंधित किसी बड़े क्राइम की जांच में लगाया जा सके। जबकि दिल्ली का यह सबसे भीड़.भाड़ वाला रेलवे स्टेशन हैए जहां महज 24 घंटे में करीब पांच लाख यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। हर रोज 300 से अधिक वीआईपी रेलगाड़ियों का मूवमेंट होता है। यहां सिर्फ दो महिला हवलदार और नौ महिला कॉन्स्टेबल हैं। इनमें से एक की भी ड्यूटी रात में नहीं होती है।

आरपीएफ जवानों की भी भारी कमी

ऐसे में आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि देश की राजधानी के इस व्यस्ततम रेलवे स्टेशन पर किस स्तर की सुरक्षा.व्यवस्था है। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपात स्थिति में सुरक्षा की गुहार लगाने वाली महिला पर क्या गुजरेगी। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। एनडीएलएस पर आरपीएफ के जवानों की भी भारी कमी है।

अजमेरी गेट साइड से विस्फोटक लेकर कोई भी अंदर घुस सकता है

अजमेरी गेट साइड से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर निजामुद्दीन साइड वाले एस्केलेटर पर लगे डीएफएमडी पर कोई जवान तैनात नहीं मिला। हालांकिए यहां लगे एक्स.रे स्कैनर पर जवान मुस्तैद था लेकिन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से अगर कोई पिस्टलए चाकू या आरडीएक्स जैसा विस्फोटक रेलवे स्टेशन के अंदर ले जाए तो इसे चेक करने वाला यहां कोई नहीं था।

वारदात वाले प्लेटफॉर्म पर कोई जवान नहीं था

जिस प्लैटफॉर्म नंबर 8 और 9 पर यह वारदात हुईए उस प्लैटफॉर्म पर कहीं कोई जवान नहीं था। उस ट्रेन लाइटिंग हट के गेट पर ताला लटका थाए जिस रूम में वारदात को अंजाम दिया गया। इस रूम से चंद कदमों की दूरी पर आगे-पीछे दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैंए लेकिन इनमें वारदात से जुड़ी कोई गतिविधि कैप्चर नहीं हो पाई। जबकि पीड़ित महिला को आरोपी यहां 21 जुलाई की रात करीब 11 बजकर 30 बजे तक लेकर आ गया था। इसके बाद तीन और आरोपी शामिल हुए। 22 जुलाई के तड़के करीब 2 बजे के बाद तक भी महिला यहां रही।

सीसीटीवी कैमरा भी खराब

Gang rape news NDLS : वारदात की रात गैंगरेप पीड़ित महिला 11 बजकर 30 मिनट पर पहुंची थी। पहली पीसीआर कॉल रात में 2 बजकर 27 मिनट और दूसरी तड़के 3 बजकर 27 बजे की गई। करीब तीन घंटे तक महिला इस रूम में आरोपियों के चंगुल में रही। इस दौरान न तो किसी ने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे से महिला को रूम में अंदर ले जाते देखा और न ही किसी जवान ने इस रूम को चेक किया।

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