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Journalist Kishor Ram Released : कोर्ट ने 'जनज्वार' के पत्रकार किशोर राम को जमानत पर रिहा करने का दिया आदेश

Janjwar Desk
25 March 2022 1:44 PM IST
Journalist Kishor Ram Released
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पत्रकार किशोर राम कोर्ट से दोषमुक्त

Journalist Kishor Ram Released : न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जनज्वार से जुड़े पत्रकार किशोर राम की रिहाई के आदेश दिए हैं...

Journalist Kishor Ram Released : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ (Pithoragarh) की जिला एवं सत्र अदालत ने 'जनज्वार' से जुड़े पत्रकार किशोर राम (Kishor Ram) की रिहाई के आदेश दे दिए हैं। उन्हें तीस हजार रुपये के निजी बॉन्ड जमा करने के बाद अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया है। किशोर राम करीब एक महीने जेल में रहे। आज शाम पांच बजे तक जेल से बाहर आ सकते हैं।

सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त किशोर राम की ओर से प्रस्तुत किए जमानत प्रार्थनापत्र को स्वीकार किया जाता है। किशोर राम के द्वारा तीस हजार रुपये के निजी बॉन्ड व इतनी ही धनराशि की दो सक्षम जमानती संबंधित मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के लिए प्रस्तुत करने पर उन्हें इस वाद में जमानत पर रिहा किया जाए।


किशोर राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए के तहत थाना कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था। किशोर राम की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।

सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने कहा - मेरे द्वारा पक्षकारों के विद्वान अधिवक्तागण की विस्तारपूर्वक बहस सुनी गयी तथा पत्रावली पर उपलब्ध समस्त सामग्री का परिशीलन किया गया। अभियुक्त के अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय के समक्ष यह तर्क रखा गया कि प्रार्थी निर्दोष है, उसे मामले में रंजिशन तंग व परेशान करने की नीयत से कथित पोस्ट को जबरन उससे जोड़कर झूठा फंसा गया है। कथित अपराध मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा विचारणीय है और तीन वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है। प्रार्थी इस वाद में 24 फरवरी से न्यायिक हिरासत में है। इन्ही तथ्यों के आधार पर अभियुक्त को जमानत दिए जाने की प्रार्थना अभियुक्त के अधिवक्ता के द्वारा की गई।

अदालत ने आगे कहा, दूसरी ओर वरिष्ठ जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा कोर्ट के समक्ष यह तर्क रखा गया कि अभियुक्त किशोर राम द्वारा अपने सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल जनज्वार के माध्यम से दो जातियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास व जाति वैमनस्यता फैलाने के आशय से कुछ लोगों का साक्षात्कार लिया गया जिसका वीडियो फेसबुक व यूट्यूब जनज्वार चैनल पर प्रसारित किया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अभियुक्त की जमानत का विरोध किया गया।

अदालत ने कहा कि पक्षकारों के वकीलों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध समस्त सामग्री का परिशीलन करने के बाद यह स्पष्ट है कि 22 फरवरी को 11.44 बजे, वादी अनिल कुमार द्वारा थाना कोतवाली पिथौरागढ़ में इस आश्य की जुबानी सूचना दर्ज करायी गई कि अभियुक्त किशोर राम द्वारा जनज्वार न्यूज पोर्टल के माध्यम से लोगों की बाईट की जा रही है जिसमें बार-बार लोगों की जाति पूछी जा रही है और सवर्णों द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या करने की बात की जा रही है जिससे दो जाति विशेष के समुदायों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अदालत ने कहा कहा कि पत्रवली पर उपलब्धी सामग्री के परिशीलन से स्पष्ट है कि अभियुक्त द्वारा जो न्यूज, यूट्यूब, फेसबुक आदिक चैनल पर प्रसारित की गई है वह उसके व्यक्तिगत विचार हैं तथा वकील द्वारा कहा गया कि यह उनकी व्यक्तिगत वैचारिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में आती है। अभियुक्त 24 फरवरी से न्यायिक हिरासत में है। कथित अपराध मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा विचारणीय है और इस अपराध में तीन वर्ष तक के कारावास का प्रोवधान है, जो सात वर्ष से कम है।

सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत हेतु जो मापदण्ड निर्धारित किया गया है उसका पाल करने के उपरांत तथा वाद के समस्त तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए तथा इस सिद्धांत का पालन करते हुए कि जमानत अभियुक्त का अधिकार है तथा अभियुक्त का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त करना एक अपवाद है। मैं अभियुक्त किशोर राम को जमानत पर रिहा किए जाने का पर्याप्त आधार पाता हूं। अभियुक्त किशोर राम की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार किए जाने योग्य है।

क्या था मामला

बता दें कि पुलिस जिन दो वीडियोज के आधार पर पत्रकार किशोर राम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, वो दोनों अलग-अलग मामले हैं। एक मामला दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले युवक की हत्या का तो दूसरा दलित लड़की के साथ कथित तौर पर रेप का मामला। इन दोनों मामलों को जानते हैं। पहला- 13 फरवरी को पिथौरागढ़ के डीडीहाट ब्लॉक के गांव तल्ली भैसोढ़ी में दलित युवक रामी राम की हत्या को लेकर किशोर राम उसी गांव के लोगों और मृतक के रिश्तेदारों से बात करने और घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान गांव के लोगों और उनके रिश्तेदारों ने घटना के बारे में पूरी कहानी बताई थी।

परिजनों ने आरोप लगाया था कि 13 फरवरी को रामी राम को राजेंद्र सिंह देउपा ने फोन करके बुलाया था। रिश्तेदारों ने गोकुल सिंह देउपा पर रामी राम की हत्या का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक रामी राम की पत्थरों से कुचलकर हत्या की गई थी। इस दौरान रामी राम की पत्नी ने भी आरोप लगाया था कि उनका पति कांग्रेस का समर्थक था इसलिए भाजपा से जुड़े लोगों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

जबकि दूसरा वीडियो एक नाबालिग दलित बेटी के साथ दुष्कर्म से जुड़ा था। किशोर राम ने इस मामले में भी पीड़ित परिवार का पक्ष जानने की कोशिश की थी। इस दौरान लड़की के पिता ने बताया था कि यह घटना 18 जनवरी की रात की है। जिसमें दो लड़के गौरव बिष्ट और किशन नाम डीजे वाले के साथ गए थे, जिन्होंने मेरी मेरी दो नाबालिग बेटियों को कार में घुमाने के बहाने अपने चंगुल में फंसाया। इसके बाद पूरी रात इन्होंने हवस का शिकार बनाकर टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर छोड़ दिया। रात के पता नहीं कितने बजे रहे होंगे। उसके बाद एक ट्रक ड्राइवर ने हमारी बेटियों को तप्पड़ नामक जगह पर छोड़ा। फिर उसके मोबाइल से फोन कर मेरे घर को जानकारी दी गई। उसके बाद मैंने प्रशासन के लिए कार्रवाई के लिए कहा तो प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। अभी मैं स्वयं यहां आया हूं तो मेरे साथ भी ऐसे व्यवहार किया जाता है कि जैसे मैंने कोई जुर्म किया हो।

इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई या नहीं, यह पूछने पर उन्होंने बताया था कि मुझे 16 तारीख को डीएम साहब ने मुझे आश्वासन दिया था कि तहसीलदार साहब के पास जाओ। लेकिन तहसीलदार साहब मुझे बिना बताए एसडीएम साहब के पास लेकर गए। उनके साथ वार्तालाप हुई तो वो मेरे साथ ऐसे पेश हुए जैसे मैं कोई आरोपी हूं। मेरे से इस तरह का सवाल जवाब कर रहे हैं कि जो तुमने जो बलात्कार का आरोप लगा रखा है पुष्टि नहीं होगी तो जेल जाना पड़ेगा। लड़के की ओर से भी दबाव बनाया जा रहा है। लड़की के पिता ने यह भी चेतावनी दी थी कि इस मामले में अगर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं डीएम कार्यालय के सामने आत्महत्या करूंगा।

कौन हैं किशोर राम

किशोर राम पत्रकार व आरटीआई कार्यकर्ता हैं। वह पिथौरागढ़ के झूलाघाट के रहने वाले हैं। बीते कुछ वर्षों से वह 'जनज्वार' के लिए रिपोर्टिंग कर रहे हैं। किशोर दलित, आदिवासी, पिछड़ों और और उन गरीबों के मुद्दों पर केंद्रित रिपोर्टिंग करते रहे हैं। चाहे वह अंबेडकर छात्रावासों की स्थिति हो या दलित भोजन माता प्रकरण, किशोर ने कई जमीनी मुद्दों को अपनी रिपोर्टिंग के जरिए उठाया है जो चर्चा का विषय बने।

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