मध्य प्रदेश

Kaun Hai Trun Murari: कालीचरण के बाद अब तरुण मुरारी ने राष्ट्रपिता गांधी को बताया देशद्रोही, जानिए कौन है तरुण मुरारी

Janjwar Desk
4 Jan 2022 1:06 PM GMT
Kaun Hai Trun Murari: कालीचरण के बाद अब तरुण मुरारी ने राष्ट्रपिता गांधी को बताया देशद्रोही, जानिए कौन है तरुण मुरारी
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Kaun Hai Trun Murari: गालीबाज़ कालीचरण के बाद तरुण मुरारी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए गांधी को देशद्रोही करार दे दिया। नरसिंहपुर में सोमवार को भागवत कथा वाचक तरुण मुरारी बापू ने महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया है।

Kaun Hai Trun Murari: गालीबाज़ कालीचरण के बाद तरुण मुरारी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए गांधी को देशद्रोही करार दे दिया। नरसिंहपुर में सोमवार को भागवत कथा वाचक तरुण मुरारी बापू ने महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया है। नरसिंहपुर में सोमवार को कथा वाचक तरुण मुरारी (Tarun Murari Bapu) ने महात्मा गांधी को देशद्रोही बताया है. जिस के बाद नरसिंहपुर स्टेशन गंज पुलिस ने विभिन्न धाराओं में तरुण मुरारी बापू पर मामला दर्ज कर लिया है. दरअसल नरसिंहपुर के छिंदवाड़ा रोड़ स्थित वीरा लॉन में श्रीमद्भागवत कथा का कार्यक्रम हो रहा था. इस में कथावाचक के रूप में तरुण मुरारी बापू शामिल हुए थे.

तरुण मुरारी ने महात्मा गांधी को लेकर कहा कि जो राष्ट्र के टुकड़े कर दें, वो कैसे राष्ट्रपिता हो सकता है, मैं उसका विरोध करता हूं वह राष्ट्रद्रोही हैं. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ना तो महात्मा है ना राष्ट्रपिता हो सकते बल्कि उन्होंने देश के टुकड़े कर दिए. वे देशद्रोही हैं उन्होंने अपने जीते जी भारत के टुकड़े करवा दिए. इसलिए उन्हें देशद्रोही कहा जाना चाहिए.

दरअसल तरुण मुरारी के इस बयान के बाद कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया था। कांग्रेस ने ज्ञापन देते हुए तरुण बापू पर तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की थी। इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की ओर से थाना स्टेशन गंज में 153, 504, 505 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

वहीं इस कार्यक्रम के दौरान वहां बीजेपी के नेताओं के बैनर लगे होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ये पूरा मामला नरसिंहपुर के छिंदवाड़ा रोड पर वीरा लॉन की भागवत पंडाल के दौरान का है। जहां भागवत कथा वाचक हरिद्वार से आए संत तरुण मुरारी बापू भक्तों के बीच कथा कह रहे थे।

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