दिल्ली की मंडोली जेल में कैदी ने किया महिला डॉक्टर से रेप का प्रयास, एयर होस्टेस ने भी लिखाया बलात्कार का मुकदमा

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की अति सुरक्षित जेलों में से एक जेल से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की गई। आरोप जेल के भीतर बंद एक कैदी पर लगा है। जो रेप के आरोप की ही सजा काट रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कैदी के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला दिल्ली की नई बनी मंडोली जेल का है। जो सोमवार 26 सितंबर का बताया जा रहा है। आरोपी कैदी का नाम सुब्रप पिल्लै है। 30 वर्षीय सुब्रत पिल्लै इस दौरान भी रेप के ही एक सजा काट रहा है। आरोप है कि कैदी ने जेल के भीतर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं डॉक्टर का आरोप है कि कैदी ने उसे जान से मारने की कोशिश की।
घटना की शिकायत 31 वर्षीय महिला डॉक्टर ने उपायुक्त के माध्यम से थाना हर्ष विहार में दर्ज करवाई। इसके बाद पीड़िता से संपर्क कर उसकी काउंसलिंग कराई गई और उसके साथ हुई वारदात की जानकारी ली गई। इस पूरी प्रक्रिया के साथ महिला की मेडिकल जांच भी कराई गई थी।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने छेड़छाड़, दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। बताया जा रहा कि कैदी सुब्रत पिल्लै के खिलाफ थाना मयूर विहार और यमुना डिपो थाना में पहले से ही दुष्कर्म का केस दर्ज है। यमुना डिपो की FIR के मामले में पिल्लै को साल भर की कैद और 1-1 लाख रूपये मुचलके का जुर्माना लगा है।
दिल्ली के ही महरौली में 25 सितंबर को एयर होस्टेस से रेप का मामला सामने आया था। मामले में पुलिस ने एक स्थानीय नेता को गिरफ्चार किया था। आरोप था की स्थानीय नेता ने किराए पर मकान दिलाने के बहाने पीड़िता के घर आकर उसके साथ रेप किया था। बकौल पीड़िता, इस दौरान आरोपी नशे में था।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता फ्रीडम फाइटर एंक्लेव में किराए पर रहती है और एक बड़ी एयरलाइन्स कंपनी में एयर होस्टेस है। घर ढ़ूंढने के दौरान तकरीबन एक माह पहले उसकी मुलाकात हरजीत यादव से हुई। हरजीत ने उसे किराये का घर दिलाने की बात कही। 25 सितंबर की रात हरजीत जबरन एयर होस्टेस के घर में घुस गया। लड़की का दावा है कि हरजीत ने उसके साथ रेप किया है। पड़ोसियों की मदद से पुलिस बुलाई गई। और हरजीत को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकार कहते हैं, हालांकि कई बार ऐसे मामलों में कुछ और ही सच सामने आता है। सालों बाद अदालत यह कहते हुए आरोपी को निर्दोष बताती है कि किसी लड़की के सहारे लोगों पर इस तरह के आरोप लगा देते हैं। मुकदमा होता है, जेल होती है। साल दो साल, चार साल बाद जज महोदय को पता लगता है कि मामला वो नहीं जिसकी सजा काटी जा रही। अलबत्ता जज साहब छोड़ देते हैं और जो वाकई गुनहगार होता है वह कुछ ना कुछ टैक्निकल दांवपेंच कर छूट जाता है। कहा यह भी जाता है कि दिल्ली व देश के तमाम अन्य शहरों में इस तरह के गैंग भी पनप रहे हैं जो रेप, छेड़छाड़ जैसे मुकदमे कराने का ठेका भी लेते हैं।
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के अधिवक्ता दुर्गेश पांडेय ने जनज्वार से बात करते हुए बताया कि, 'इस वक्त मुकदमों को लेकर स्थिति अपने निम्न काल पर चल रही है। लोग छोटी-छोटी बातों पर मुकदमा दर्ज कराए घूम रहे। मेरे पास ऐसे-ऐसे केस आते हैं जिनको देखकर लगता है कि ये पहली ही तारीख में समाप्त हो जाएंगे। तो पुलिस को भी संयम से काम लेना चाहिए। अब आप बताइये अभी एक आरोपी को पुलिस ने उठाया, जिसे उठाया गया वही आरोपी है। अब अगर उस आरोपी ने किसी ऐसे व्यक्ति का नाम लिया जिसकी उससे टशन है। तो पुलिस ये काम नहीं करती की जांच करे। पुलिस सभी को उठाकर बंद कर देती है, जो सरासर गलत है।





