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Kanpur News in Hindi: 32 वर्षों से कानपुर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक, कागजों में कैसे हुए भारतीय अब जांचेगी पुलिस

Janjwar Desk
2 July 2022 11:13 AM IST
Kanpur News in Hindi: 32 वर्षों से कानपुर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक, कागजों में कैसे हुए भारतीय अब जांचेगी पुलिस
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Kanpur News in Hindi: 32 वर्षों से कानपुर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक, कागजों में कैसे हुए भारतीय अब जांचेगी पुलिस

Kanpur News in Hindi: कानपुर से बड़ी खबर सामने आयी है। जिसके मुताबिक शहर में पाकिस्तानी नागरिक भारतीय बनकर पिछले 32 वर्षों से रह रहे हैं। मामला तब खुला जब नागरिक व उसके दो बेटों के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

Kanpur News in Hindi: कानपुर से बड़ी खबर सामने आयी है। जिसके मुताबिक शहर में पाकिस्तानी नागरिक भारतीय बनकर पिछले 32 वर्षों से रह रहे हैं। मामला तब खुला जब नागरिक व उसके दो बेटों के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कोर्ट के आदेश पर बर्रा में रहने वाले आलम चन्द्र इसरानी व उसके दो बेटों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि आलम चन्द्र का परिवार 1990 में लंबी अवधि का वीजा लेकर पाकिस्तान से भारत आया था। यहां फर्जीवाड़ा कर आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी समेत नागरिकता सम्बन्धी कागज भी हासिल कर लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आलम के एक बेटे ने एयरफोर्स में नौकरी भी पा ली तो दूसरा बेटा सरकारी टीचर बन गया। शहर में रहते हुए आलम ने कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी लिया। अब मामला प्रकाश में आने पर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

मामले को अदालत तक ले जाने वाले आलोक कुमार निवासी किदवई नगर के मुताबिक साल 1990 में आलम चन्द्र इसरानी सपरिवार भारत आया था। इसके बाद वह मकान लेकर बर्रा 2 में रहने लगा। इस दौरान वह अपने वीजा की अवधि बढ़वाता रहा। आरोप है कि उसने पाकिस्तान की नागरिकता छिपाकर साल 2013 में पूरे परिवार के फर्जी तरीके से आधार, वोटर आईडी व अन्य दस्तावेज बनवा लिए। आलोक के मुताबिक इस बात की जानकारी होने पर उन्होंने थाने से लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक को पत्र के जरिये शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।

इसके बाद आलोक ने अदालत की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर आलम चन्द्र, उसके बेटे सुनील चन्द्र और प्रताप चन्द्र के खिलाफ जूही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जूही थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश जारी है।

थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार की माने तो पुलिस कई बिंदुओं पर जांच करेगी। जैसे वह वीजा लेकर किस काम से परिवार समेत आया? निर्वाचन, पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज किस आधार पर बना? बैंक में खाते किस तरह खोले गए? मकान का रजिस्ट्रेशन करवाते समय नागरिकता किस देश की दिखाई? केडीए से मकान आवंटित किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी ने किया? आवास का मालिकाना हक किस आधार पर मिला? आलम के दोनों बेटों ने सरकारी नौकरी किस आधार पर प्राप्त की? ये सब पुलिस की जांच में खुलासा होगा।

केडीए से मकान भी खरीद लिया

किदवई नगर निवासी शिकायतकर्ता आलोक कुमार के मुताबिक आलम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कानपुर विकास प्राधिकरण का मकान भी खरीद लिया और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा रहा है। इतना ही नहीं धोखाधड़ी कर बनाये गए दस्तावेजों के आधार पर आलम के बेटे सुनील को एयरफोर्स और प्रताप को शिक्षा विभाग में नौकरी तक मिल गई।

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