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Lakhimpur Kheri : मुश्किल में राकेश टिकैत, 15 दिन पहले दर्ज मामले में अब जांच शुरू, क्या राकेश टिकैत के खिलाफ रची जा रही है साजिश?

Lakhimpur Kheri : मुश्किल में फंसे राकेश टिकैत, 15 दिन पहले दर्ज मामले में जांच शुरू, हो सकती है कार्रवाई
Lakhimpur Kheri : भारतीय किसान यूनियन के नेता और खेती किसानी पर मोदी सरकार को घेरने वाले राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) लखीमपुर खीरी ( Lakhimpur Khiri ) से जुड़े एक मामले में फंसते दिखाई दे रहे हैं। 15 दिन पहले उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर ( FIR ) चर्चा में आने बाद राजापुर मंडी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। राकेश टिकैत के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर उसी दिन दर्ज कर ली थी, जिस दिन भाजपा ( BJP ) नेताओं ने उनपर गंभीर आरोप लगाए थे।
दरअसल, पिछले महीने राजापुर मंडी में 75 घंटे का धरना प्रदर्शन के दौरान भाकियू नेता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) के एक चैनल को इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने लोगों को उकसाने वाले बयान दिए थे। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में भाजपा नेताओं की ओर से शिकायत मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस ने उसी दिन मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन पुलिस ( Lakhimpur Khiri Police ) अभी तक इस पर कुंडी मारकर बैठी रही। शनिवार को मुकदमे की जानकारी वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और अब इस मामले में जांच जारी है।
क्या है मामला
18 अगस्त 2022 से 75 घंटे के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने राजापुर मंडी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। इसमें ज्यादातर किसान पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली आदि राज्यों से शामिल हुए थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में लखीमपुर खीरी वासियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर लोग नाराज थे और विरोध में प्रदर्शन किया था। हालांकि, विवादित इंटरव्यू वायरल होने के बाद उन्होंने अपनी सफाई में एक और वीडियो जारी किया था।
क्या हैं आरोप और किसने की पुलिस से शिकायत
भाजपा नेता दीपक पुरी निवासी मोहल्ला संकटा देवी लखीमपुर खीरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 18 अगस्त को बिना डीएम की अनुमति के आंदोलनकारी राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) ने अपने समर्थकों के साथ धरना-प्रदर्शन किया था।
बिना अनुमति धरने में भाग लेने के लिए व्यक्तियों को राकेश टिकैत भाड़े पर लाये थे। प्रदर्शन में शामिल टिकैट के समर्थक पहले से कई आपराधिक मामले में शामिल रहे हैं। उन्होंने लखीमपुर खीरी में बलवा कराने के मकसद से प्रदर्शन किया था। भाजपा नेता का आरेप है कि उन्होंने चैनल पर बयान देकर द्वेष फैलाने व लोगों को भड़काने का काम किया था।
कोतवाली पुलिस ने क्या कहा
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर आंदोलनकारी राकेश टिकैत के खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन जानकारी देने से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिस दिन तहरीर मिली थी उसी दिन रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। शनिवार को अचानक भाजपा नेताओं ने एफआईआर की सूचना वायरल कर दी। इसके बाद यह प्रकरण पब्लिक डोमेन में सामने आ गया। अब पुलिस अधिकारी इस मामले में जांच की बात कह रहे हैं। इंस्पेक्टर कोतवाली चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज हो गया था। अब जांच चल रही है।
खीरी पुलिस ने क्यों छुपाई FIR की बात
Lakhimpur Kheri : बता दें कि राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) के खिलाफ लखीमपुर खीरी पुलिस ने 15 दिन पहले केस दर्ज लिया था, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं दी। भाजपा नेता की शिकायत पर टिकैत के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस बात को भाजपा नेता उसी दिन से जानते हैं। पुलिस ने जान बूझकर इस मामले में दबाए रखा। कोतवाली पुलिस ने ऐसा क्यों किया, इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी है। किसने कहने पर एफआईआर की जानकारी देने से पहले इनकार किया था। अहम सवाल यह है कि अब वीडियो वायरल होने पर किसके आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू की है।











