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बीजिंग सीपीपीसीसी सम्मेलन में गरीबी उन्मूलन और प्रदूषण से निपटने पर रहेगा फोकस

Prema Negi
3 March 2019 2:11 PM GMT
बीजिंग सीपीपीसीसी सम्मेलन में गरीबी उन्मूलन और प्रदूषण से निपटने पर रहेगा फोकस
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सीपीपीसीसी का वार्षिक सम्मेलन बीजिंग में हुआ शुरू, 11 दिन तक 2100 से अधिक सदस्य करेंगे विभिन्न मुद्दों पर विमर्श

बीजिंग से अनिल आजाद पांडेय की रिपोर्ट

चीन में होने वाले दो प्रमुख सेशन्स में से एक सीपीपीसीसी यानी सर्वोच्च राजनीतिक सलाहकार संस्था का वार्षिक सम्मेलन आज राजधानी बीजिंग में शुरू हो गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग सहित तमाम बड़े चीनी नेताओं ने इसमें शिरकत की।

सीपीपीसीसी की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष वांग यांग ने कार्य रिपोर्ट पेश की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 2019 चीन में प्रारंभिक तौर पर खुशहाल समाज का सपना पूरा करने वाला निर्णायक साल है। सीपीपीसीसी की राष्ट्रीय समिति खुशहाल समाज के निर्माण और भारी खतरों से निपटने पर सुझाव पेश करेगी। साथ ही गरीबी उन्मूलन और प्रदूषण के निपटारे जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

इससे पहले 13 वीं सीपीपीसीसी के दूसरे पूर्णाधिवेशन के प्रवक्ता क्वो वेई मिन ने बताया कि पिछले वर्ष सीपीपीसीसी ने गरीबी उन्मूलन और प्रदूषण की रोकथाम, निजी अर्थव्यवस्था और चिकित्सा आदि क्षेत्रों में सुधार को लेकर अहम भूमिका निभायी।

देश के गरीब इलाकों में गरीबी उन्मूलन के लिए सीपीपीसीसी की राष्ट्रीय समिति के स्थाई सदस्यों ने विशेष बैठक बुलाई और दो महीनों में 6 राज्यों के 34 गरीब क्षेत्रों का मुआयना किया। इसके साथ ही पिछले साल गरीबी उन्मूलन से जुड़े 233 प्रस्ताव पेश किए गए। जिन पर अमल किया जा चुका है।

प्रवक्ता क्वो वेई मिन ने कहा कि प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए गंभीरता से काम करना होगा।

गौरतलब है कि सीपीपीसीसी की 13वीं राष्ट्रीय समिति का दूसरा सत्र आगामी 11 दिन तक चलेगा, जिसमें देश भर की विभिन्न पार्टियों, जातियों और क्षेत्रों के 2158 सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। ये सदस्य सीपीपीसीसी की राष्ट्रीय समिति की कार्य रिपोर्ट पर विचार करेंगे। इसके साथ ही सरकारी रिपोर्ट सुनते हुए सुधार और खुलेपन से जुड़ी नीतियों पर अपने-अपने सुझाव पेश करेंगे।

एनपीसी के प्रतिनिधि भी पहुंचे बीजिंग

इस बीच राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से सभी प्रतिनिधि बीजिंग पहुंच चुके हैं, जिनमें कई अल्पसंख्यक जातियों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। एऩपीसी का सत्र पांच मार्च से शुरू होना है।

(रेडियो चाइना में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अनिल आजाद पांडेय चीन-भारत मुद्दों पर भारतीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया में समसामयिक टिप्पणी लिखते रहते हैं। उन्होंने ‘हैलोचीन’ पुस्तक भी लिखी है।)

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