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राजनीति

यूपी में बिजली आती कम जाती ज्यादा है

Janjwar Team
20 July 2017 5:18 PM GMT
यूपी में बिजली आती कम जाती ज्यादा है
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मुख्यमंत्री के पद पर सत्तासीन होते ही योगी जी ने दावा किया था कि हमारे राज में प्रदेश बिजली संकट से मुक्त हो जाएगा। गांवों तक में 18 घंटे और शहरों में 22 से 24 घंटे बिजली सप्लाई की जाएगी, मगर योगी जी के ये दावे हवा—हवाई साबित हो रहे हैं, क्योंकि पूरा प्रदेश भीषण बिजली संकट से जूझ रहा है...

जनज्वार। गांवों की तो बात ही छोड़ दीजिए उत्तर प्रदेश के बड़े शहर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे क्षेत्र गाजियाबाद, नोएडा तक भीषण बिजली कटौती की मार सह रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से कितने बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई है और हो रही है, इसका हाल तो भुक्तभोगी ही बता सकते हैं। इसके खिलाफ कहीं लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, तो कहीं बिजली आॅफिसों पर ही धावे बोले जा रहे हैं। हर वर्ग में इसके खिलाफ भयंकर रोष व्याप्त है।

प्रशासन का कहना है कि आम जनता को बिजली की इतने बड़े पैमाने पर किल्लत इसलिए झेलनी पड़ रही है क्योंकि जल विद्युत से जुड़ी तीन परियोजनाएं बंद हो गई हैं और ट्रांसमिशन लाइन में ट्रिपिंग के चलते पावर कॉरपोरेशन बिजली की पूरी सप्लाई नहीं कर पा रहा, जिसके चलते गांवों और तहसीलों में बिजली कटौती की जा रही है। गौरतलब है कि 18 जुलाई को केन्द्र सरकार की जल विद्युत परियोजना नाफ्था, झाकरी और करछम वाग्च्यू बंद हो गईं।

शासन—प्रशासन के मुताबिक सिल्ट आने के कारण प्लांट से बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है और इन पावर प्लांटों से कॉरपोरेशन को 500 मेगावाट बिजली मिलती है। वहीं पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की चप्पा कुरुक्षेत्र लाइन के ट्रिप होने के कारण पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में बिजली की समस्या से लोगों को भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। 3 जल विद्युत परियोजनाओं के ठप्प होने और कुरुक्षेत्र लाइन में ट्रिप होने से 1200 मेगावाट बिजली का नुकसान हो रहा है, तो जाहिर है प्रदेशवासी ही इसे झेलेंगे।

यह तो रही आजकल की बात, मगर असल सवाल यह है कि क्या वाकई योगी सरकार के सत्तासीन होते ही प्रदेश बिजली संकट से मुक्त हुआ है। विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में बिजली आपूर्ति सुचारू हो जाएगी, लेकिन फिलहाल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

पूर्वांचल के महाराजगंज जनपद में तो उद्यमियों ने तक इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुचारू रूप बिजली न मिलने से उद्योग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उन्हें घाटा झेलना पड़ रहा है। उद्यमी अपनी शिकायतें कई बार विभाग में दर्ज करवा चुके हैं, लेकिन ढाक के वही तीन पात। उद्यमी कहते हैं कि हमें अपना काम जनरेटर चलाकर काम करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत काफी ज्यादा बढ़ रही है। सरकार को हमारी समस्याओं की तरफ ध्यान देना चाहिए। यही हाल रहा तो महंगाई के साथ—साथ बिजली संकट के चलते भी न जाने कितने लोगों को अपने रोजगार से हाथ धोने पड़ेंगे।

महाराजगंज जनपद के नाराज व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर बिजली समस्या के खिलाफ एडीएम को अपना ज्ञापन सौंपा। इलाके में किस हद तक बिजली समस्या से लोग दो चार हो रहे हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि युवाओं ने सांसद व विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया और ठूठीबारी-निचलौल रोड दो घंटे तक जाम कर दिया।

वहीं बरेली में भीषण बिजली कटौती से शहर से देहात तक हड़कंप मचा है। लगातार दो दिन तक बिजली न आने से परेशान लोगों ने चीफ इंजीनियर के आफिस पहुंच वहां की बिजली काट दी और जबरन कार्यालय बंद करवाकर गेट पर ताला जड़ दिया। लोगों ने ट्रैक्टर, बाइक खड़ी कर रोड जाम कर दिया और सड़क पर बैठ गए। बिजली कटौती से भड़के भोजीपुरा के लोगों ने तो दोहना बिजलीघर पर कब्जा कर ताला डाल दिया।

यहां के लोगों के मुताबिक दिन में 12 से 14 घंटे की कटौती से हम बेहाल हैं। परेशानहाल लोगों के मुताबिक रात-रात भर बिजली नहीं रहती तो बच्चे सो नहीं पा रहे और पीने के पानी की भी किल्लत हो रही है।

रामपुर में भी लोग बिजली संकट के कारण आक्रोशित हो सड़कों पर हैं। लोगों का कहना है कि 20 घंटे बिजली देने की घोषणा करने वाले योगी जी के राज में हालत ये हो गई है कि कब बिजली आएगी और कब जाएगी इसका कुछ पता नहीं है। व्यवसायी, किसान, छात्र, नौकरीपेशा और महिलाएं सब बिजली कटौती से तंग हैं।

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