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भारत में अगले 6 महीनों में 3 लाख बच्चों की हो सकती है मौत, UNICEF की चेतावनी

Nirmal kant
14 May 2020 3:30 AM GMT
भारत में अगले 6 महीनों में 3 लाख बच्चों की हो सकती है मौत, UNICEF की चेतावनी

यूनिसेफ ने कहा दक्षिण एशिया के देशों ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो आने वाले छह महीनों में लाखों बच्चे होंगे प्रभावित, हर दिन 2400 बच्चों की हो सकती है मौत.....

जनज्वार। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने कहा है कि दक्षिण एशिया में अगले छह महीनों में 4 लाख से अधिक बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। इनमें से 3 लाख बच्चे अकेले भारत में मर सकते हैं। दुनियाभर में लॉकडाउन की वजह से इन बच्चों पर गहरा असर पड़ा है। यूनिसेफ का अनुमान है कि दक्षिण एशिया में लाखों बच्चे अगले छह महीनों में प्रभावित होंगे यदि देशों ने तत्काल कार्रवाई नहीं की।

यूनिसेफ का कहना है कि दक्षिण एशिया में अगले छह महीनों में हर एक दिन अतिरिक्त 2,400 बच्चों की मृत्यु हो सकती है, क्योंकि कोरोनवाइरस महामारी स्वास्थ्य प्रणालियों को कमजोर बना रही है और नियमित सेवाओं को बाधित कर रही है। ये संख्या ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए विश्लेषण पर आधारित हैं।

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ध्ययन में बताया गया है कि पाकिस्तान में 95,000 बच्चे, बांग्लादेश में 28,000, अफगानिस्तान में 13,000, नेपाल में 4,000 बच्चे मर सकते हैं। दक्षिण एशिया के लिए यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक जीन गफ ने कहा कि बच्चों के पांचवें जन्मदिन से पहले मरने वाले बच्चों की संख्या दशकों में पहली बार बढ़ने जा रही है।

कहा कि हमें हर कीमत पर दक्षिण एशिया में माताओं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की रक्षा करनी चाहिए। महामारी से लड़ना महत्वपूर्ण है, लेकिन हम रोकथाम के मातृत्व और बाल मृत्यु को कम करने के लिए इस क्षेत्र में प्रगति के दशकों में गति नहीं खो सकते हैं।

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यूनिसेफ के क्षेत्रीय स्वास्थ्य सलाहकार पॉल रूटर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रसव, बाल स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं कोविड-19 के समय परिवारों के लिए उपलब्ध रहें। अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों में स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा आपूर्ति में गिरावट आ सकती है।

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