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खुलासा : पाकिस्तान के साथ ऑक्सीजन गलियारा बने, पंजाब की अमरिंदर सरकार ने लिखा केंद्र को खत

Janjwar Desk
19 May 2021 9:25 AM GMT
खुलासा : पाकिस्तान के साथ ऑक्सीजन गलियारा बने, पंजाब की अमरिंदर सरकार ने लिखा केंद्र को खत
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पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह : पंजाब सरकार ने मोदी सरकार से की पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ ऑक्सीजन गलियारा बनाने की पेशकश

पंजाब सरकार ने कहा लाहौर है नजदीक इसलिए ऑक्सीजन गलियारा पाकिस्तान के साथ बन जाता है तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है...

जनज्वार ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब ने मांग की है कि पाकिस्तान के साथ ऑक्सीजन गलियारा बनाया जाए। पंजाब की पाकिस्तान के साथ 550 किमी लंबी सीमा लगती है। पंजाब का मानना है कि लाहौर से तेजी से और जल्दी ऑक्सीजन आ सकती है, जिससे मरीजों की जान बचाई जा सकती है, लेकिन पंजाब के इस प्रस्ताव को केंद्र ने खारिज कर दिया।

अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने अलजजीरा से हुई बातचीत में कहा कि "यह इनकार पंजाब में उन मरीजों के लिए घातक साबित हो रहा है जो नहीं जानते कि कौन सी सांस उनकी आखिरी सांस होगी।"

सांसद ने सबसे पहले 26 अप्रैल को मोदी को पत्र लिखकर पाकिस्तान के साथ एक विशेष ऑक्सीजन कॉरिडोर की मांग की थी। जब उनकी इस मांग की ओर केंद्र ने ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने 27 अप्रैल को फिर से लिखा, उसके बाद 2 मई और 5 मई को और पत्र लिखे।

इस बीच, सिंह ने 4 मई को एक बयान भी जारी किया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र ने इसे खारिज कर दिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा 25 अप्रैल को भारत को मदद की पेशकश की थी। पाकिस्तान के स्वयंसेवी संगठनों ने भी मदद की पेशकश की थी, लेकिन केंद्र ने इस मदद को लेने से इंकार कर दिया है। पंजाब सरकार का कहना है कि इधर प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।

पंजाब में 30 अप्रैल को 203.8 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत थी। 7 मई को यह एक सप्ताह के भीतर लगभग 50 मीट्रिक टन की वृद्धि के साथ 250.6 मीट्रिक टन तक पहुंच गई। 17 मई को ऑक्सीजन की मांग 304 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।

हालांकि, पंजाब के ऑक्सीजन कोटा को केंद्र सरकार ने 11 मई को बढ़ाकर 247 मीट्रिक टन कर दिया था। दूसरी ओर पंजाब सरकार बार बार केंद्र से ऑक्सीजन का कोटा कम से कम दो सप्ताह के लिए कम से कम 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने की मांग कर रहा है।

पंजाब को जो ऑक्सीजन मिल रही है, इसमें 70 मीट्रिक टन झारखंड के बोकारो से आ रही है, जो कि पंजाब से करीब 1,750 किमी दूर है। पंजाब में इसके पहुंचने में बहुत समय लग रहा है। इस तरह से यहां से आने वाली ऑक्सीजन उनके लिए बहुत ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होती। यह बस एक आंकड़ा भर है, जिसे दिखाकर केंद्र यह बोल सकता है कि पंजाब को इतनी मात्रा में ऑक्सीजन दी जा रही है।

सांसद का कहना है 1,758 किलोमीटर दूर बोकारो से ऑक्सीजन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि लाहौर हमारे प्रदेश से मात्र 50 किलोमीटर दूर है, यहां से ऑक्सीजन मिल सकती है। सांसद ने सुझाव दिया कि दोनों देश एक दूसरे से चीजों का आदान प्रदान कर सकते हैं। हमें वहां से ऑक्सीजन मिल जाए, बदले में भारत से वह चीज पाकिस्तान भेज दी जाए, जिसकी उन्हें जरूरत है। इस मुश्किल समय में यह सिस्टम दोनों देशों के हित में साबित हो सकता है।

सांसद ने कहा, भारत पहले से ही चीन और अन्य इस्लामी देशों से सहायता ले रहा है। ऐसे में यदि हम पाकिस्तान से मदद ले सकते हैं, यदि मदद नहीं लेनी तो इसके बदले में भुगतान कर दिया जाए। पाकिस्तान को चीनी और गेहूं चाहिए। हम उन्हें यह दे सकते हैं।

औजला ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को कई पत्र भी भेजे थे। उन्होंने 29 अप्रैल को सुब्रह्मण्यम जयशंकर की अध्यक्षता वाले विदेश मंत्रालय और संसद के अध्यक्ष ओम बिरला से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा कि केवल बिड़ला ने उन्हें जवाब दिया।

सांसद ने कहा कि इस वक्त पंजाब में स्थिति बहुत ही खराब है। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्दी ही ऑक्सीजन की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ी संख्या में लोग जान गंवा सकते हैं। उन्हें बचाया जा सकता है। इसके लिए उचित कदम उठाने होंगे।

यह वक्त दुश्मनी निभाने का नहीं है, बल्कि लोगों की जान बचाने का है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान से ऑक्सीजन ली गई है, यह बात मायने रखती है कि इस मुश्किल वक्त में हमने कितनी जान बचाई। इसलिए हमें लोगों की जान बचाने की दिशा में सोचना होगा। पंजाब सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यो तो केंद्र सरकार पंजाब में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाए, क्योंकि ऑक्सीजन की आपूर्ति पर अभी दिखावा ज्यादा हो रहा है। हमें जितनी ऑक्सीजन चाहिए, उतनी उपलब्ध कराई जाए। यदि ऐसा नहीं है तो पाकिस्तान से ऑक्सीजन लेने की इजाजत दी जानी चाहिए।

पंजाब सरकार का कहना है कि लेकिन केंद्र राज्य की ओर ध्यान नहीं दे रही है। न तो पाकिस्तान से ऑक्सीजन मंगाने की दिशा में काम हो रहा है, न ही केंद्र पंजाब में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने की दिशा में उचित कदम उठा रहा है। इस वजह से पंजाब की स्थिति खासी खराब होती जा रही है।

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