गाजीपुर में बुलडोजर राज के खिलाफ अनशन पर माले नेता ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, कहा इस दमनकारी राज के शिकार गरीब, दलित और आदिवासी

लखनऊ। भाकपा (माले) की केंद्रीय समिति के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा गाजीपुर जिले में जमानिया तहसील के तियरी व आसपास के गांवों की जन समस्याओं को लेकर तियरी में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। आज शुक्रवार 27 फरवरी को अनशन का तीसरा दिन था।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा तियरी व अन्य गांवों में पीढ़ियों से रह रहे दलितों-गरीबों को बेदखली के नोटिस थमाए गए हैं। वहीं सार्वजनिक भूमि, तालाब, ग्राम समाज व बंजर की जमीनों पर अवैध कब्जे जमाये दबंगों को छुआ तक नहीं जा रहा है। यहां तक कि सार्वजनिक रास्ते को खाली कराने के लिए एसडीएम द्वारा करीब साढ़े चार माह पहले दिये गए आदेश दिनांक 17 सितंबर 2025 को दबंगों के दबाव के चलते आज तक लागू नहीं किया गया है।
इसे लागू करने के अलावा अनशनकारी भाकपा (माले) नेता की मांग है कि दलित भूमिहीन गरीबों को दी गई बेदखली की नोटिस को वापस लेकर उनकी आबादियों को उनके नाम दर्ज किया जाए और दबंगों से ग्राम समाज, बंजर भूमि खाली कराकर गरीबों को पट्टे पर दी जाए।
राज्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चल रहे दमनकारी बुलडोजर राज का निशाना गरीब, दलित और आदिवासी हैं। बुलडोजर न्याय व बेदखली के खिलाफ गरीबों के भूमि अधिकार के लिए संघर्ष और तेज किया जाएगा।











