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अनामिका अंबर का काव्यपाठ में नहीं लगा नंबर, कहा- मेरा विरोध हुआ, आयोजक बोले बुलाया नहीं- फिर महफिल कौन लूट रहा?

Janjwar Desk
26 Nov 2022 2:41 PM GMT
अनामिका अंबर का काव्यपाठ में नहीं लगा नंबर, कहा- मेरा विरोध हुआ, आयोजक बोले आईं नहीं- फिर महफिल कौन लूट रहा?
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अनामिका अंबर का काव्यपाठ में नहीं लगा नंबर, कहा- मेरा विरोध हुआ, आयोजक बोले आईं नहीं- फिर महफिल कौन लूट रहा?

Sonpur Mela: यूपी में 'काबा' के जवाब में 'बाबा' गाकर लखनऊ शासन की नजरों में जगह पाईं कवयित्री अनामिका जैन अंबर के लिए यूपी सरकार के लोग बैकडोर समर्थन देना शुरू कर चुके हैं। अंबर का आरोप है कि सोनपुर मेले में काव्यपाठ को लेकर उनका विरोध किया गया है...

Sonpur Mela: यूपी में 'काबा' के जवाब में 'बाबा' गाकर लखनऊ शासन की नजरों में जगह पाईं कवयित्री अनामिका जैन अंबर के लिए यूपी सरकार के लोग बैकडोर समर्थन देना शुरू कर चुके हैं। अंबर का आरोप है कि सोनपुर मेले में काव्यपाठ को लेकर उनका विरोध किया गया है। इधर, आयोजकों का कहना है कि अंबर व कई लोग कार्यक्रम में पहुँचे नहीं तो उन्हें मजबूरन इसे रद्द कर देना पड़ा।

अनामिका जैन अंबर का दावा है कि उन्हें कार्क्रम में काव्यपाठ करने से रोके जाने के बाद अन्य कवियों ने भी इसका बहिष्कार कर दिया, और वे लोग भी नहीं गये। फिलहाल इस बीच अनामिका अंबर को लेकर यूपी सरकार में बैठे लोगों ने मौके पर चौका जड़ना शुरू कर दिया है। उन्होने बिहार सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अनामिका जैन अंबर के सम्मान को ठेस पहुँचाई है।

8 नवंबर को जारी पत्र में अंबर का नाम नहीं है

इस बीच सोनपुर जिला प्रशासन का बयान भी सामने आया है। इस मुताबिक प्रशासन का कहना है कि उन्हें कवयित्री के कार्यक्रम की कोई सूचना ही नहीं है। उन्होने बताया कि 25 नवंबर को सोनपुर में किसी बड़े आयोजन का कार्यक्रम तय नहीं था। वहीं, यूपी में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी से लगाकर नौकरशाह मृत्युंजय सिंह तक अनामिका जैन अंबर के पक्ष में कूद चुके हैं।

कवयित्री बना रहीं थी दबाव- DPRO

ADM डॉक्टर गगन का दावा है कि आनामिका जैन अंबर के कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं थी। पर्यटन विभाग एवं प्रशासनद्वारा इस संबंध में कोई शेड्यूल जारी नहीं किया गया था। शेड्यूल के अनुसार 25 नवंबर को सोनपुर मेला पंडाल में कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं था। केवल लोकल कलाकारों द्वारा किसी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाना था, हो सकता है किसी आयोजक द्वारा उन्हें बुलाया गया हो। लेकिन इसकी सूचना प्रशासन को कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी।

स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबरें

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया प्रसाद ने भी दावा किया है कि अनामिका जैन अंबर के कार्यक्रम को लेकर कोई सूचना नहीं था। सूचना मिली है कि वह जब वहां पहुँची तो कार्यक्रम में अपना शेड्यूल जारी करने का दबाव बना रही थीं। पहले से लोकल स्तर के कई कलाकारों का कार्यक्रम था और रात 10 बजे तक ही कार्यक्रम आयोजित होना था।

उपर से अधिकारियों को मिला आदेश- अंबर

मामले को लेकर अनामिका जैन अंबर ने एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया है कि, सोनपुर में 25 नवंबर को कवि सम्मेलन होना था। लेकिन प्रशासन के लोगों ने कवियों को दिनभर पटना में रोके रखा। इसके बाद हम लोग जैसे ही मंच पर जाने लगे तो हमें काव्य पाठ करने से रोक दिया गया। अंबर का दावा है कि उन्हें ऊपर से इसका आदेश आया था। अंबर ने कहा वह काफी जगह काव्यपाठ कर चुकी हैं लेकिन सोनपुर में उन्हें बड़ी निराशा हुई।

सोनपुर में 'यूपी में बाबा' गाना चाहती थीं अंबर जिससे हुआ रार

भाजपा प्रवक्ता अरविंद त्रिवेदी ने अनामिका जैन अंबर की तरफ से बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, कवयित्री का अपमान किया गया है। उन्हें काव्य पाठ नहीं करने दिया गया। सिर्फ इसलिये कि वे देशभक्ति की बातें करती हैं। वहीं राजद प्रवक्ता का कहना है, मामले में जांच कराई जा रही है। हमें मिले इनपुट के मुताबिक अनामिका अंबर आयोजकों की मर्जी के खिलाफ जाकर 'यूपी में बाबा है' गाना चाहती थीं, जिसे लेकर उन्हें रोक दिया गया।

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