राजनीति

UP Election 2022 : मायावती ने टिकट की घोषणा के बाद कर दी इस कानून में संशोधन की मांग, कह दी ये बड़ी बात

Janjwar Desk
15 Jan 2022 1:39 PM GMT
UP Election 2022 :  बीएसपी सुप्रीमो मायावती।
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बीएसपी सुप्रीमो मायावती। 

UP Election 2022 : बसपा ने उम्मीदवारों की सूची जारी होने के तुरंत बाद एक मांग कर दी है। उत्तर प्रदेश में कई विधायकों मंत्रियों के पाला बदलने पर सवाल खड़ा कर दिया है। मायावती ने शनिवार को कहा कि दल बदल कानून को बहुत सख्त बनाने की जरूरत है...

UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। सपा (SP), कांग्रेस (Congress), भाजपा (BJP) और बसपा (BSP) ने अपने-अपने प्रत्याशियों की पहली और दूसरी सूची भी जारी कर दी है। शनिवार को बसपा ने उम्मीदवारों की सूची जारी होने के तुरंत बाद एक मांग कर दी है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कई विधायकों मंत्रियों के पाला बदलने पर सवाल खड़ा कर दिया है।

दलबदल कानून में संशोधन की मांग

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार 15 जनवरी को कहा कि दल बदल कानून को बहुत सख्त बनाने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि सपा ने सत्ता में आते ही संत रविदास नगर का नाम फिर से भदोही कर दिया था, यह उसका दलित विरोधी रवैया नहीं तो क्या है। साथ ही मायावती ने शनिवार को अपने जन्मदिन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में चुनाव के नजदीक आते ही स्वार्थी किस्म के लोगों का दलबदल करने का सिलसिला शुरू हो जाता है, इसे ध्यान में रखकर अब दल बदल कानून को सख्त बनाने की जरूरत है क्योंकि इससे हमारे लोकतंत्र पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

सपा पर दलित विरोधी होने का लगाया आरोप

बसपा सुप्रीमो ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस समाजवादी पार्टी ने दलितों की सरकारी नौकरी में पदोन्नति को लेकर लाए गए विधेयक को राज्यसभा में फाड़ कर फेंक दिया था और इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया था| वह कैसे दलित हितेषी पार्टी हो सकती है। बता दें कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के शुक्रवार को सपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि समाजवादी और अंबेडकरवादी साथ आ गए हैं तो अब हमें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।

हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ा

साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया कि सपा ने सत्ता में रहते हुए पिछड़े वर्ग में केवल अपने यादव समाज को ही ध्यान में रखा है जबकि बसपा के शासन में दलितों के साथ आप यादव समेत सभी पिछड़ी जातियों के विकास और उत्थान का बराबर ध्यान रखा गया था। आगे मायावती ने सपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ा गया। चुनाव में मुसलमानों का वोट तो जरूर दिया लेकिन टिकट बंटवारे और सरकार में भागीदारी देने के मामले में मुसलमानों की उपेक्षा की गई है। इस बार भी समाजवादी पार्टी की जारी की गई पहली सूची में टिकट वितरण में मुस्लिम समाज की उपेक्षा की गई है, जबकि बसपा ने हर चुनाव में खासकर मुस्लिम बहुल वाले क्षेत्रों में मुस्लिम समाज को उचित भागीदारी दी है। इसके अलावा बसपा ने उच्च जाति सहित सभी वर्गों के हित एवं कल्याण का भी पूरा ध्यान रखा है।

स्वामी प्रसाद मौर्य पर बोला हमला

बता दें कि पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया था कि उन्होंने मायावती को मुख्यमंत्री बनवाया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस दावे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि वह मुझे क्या मुख्यमंत्री बनाएंगे। बसपा में आने के बाद उनकी किस्मत खुली और वह विधायक बने। 5 साल तक भारतीय जनता पार्टी के लोग उन्हें ढोते रहे। बता दें कि इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने भरोसा जताया की 2007 की तरह बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर सत्ता में लौटेगी और ओपिनियन पोल और चुनाव पूर्व सर्वेक्षण धरा का धरा रह जाएगा। साथ ही मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद और राज्यसभा सदस्य सतीश मिश्रा के पुत्र कपिल मिश्रा की तारीफ करते हुए कहा कि यह लोग युवाओं के बीच पार्टी को मजबूत कर रहे हैं और इस बार युवा भी पार्टी को समर्थन करेंगे।

जन कल्याणकारी दिवस

बता दें कि बहुजन समाज पार्टी 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाती है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। बता दें कि यूपी में चुनाव 7 चरणों में होना है। इसकी शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी। जिसके बाद दूसरे चरण में 14 फरवरी को राज्य की 55 सीटों पर मतदान होगा। फिर उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण में 59 सीटों पर, फिर 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 3 मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और 7 मार्च को सातवें चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद 10 मार्च को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे

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