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Afghanistan Blast: काबुल में आतंकियों ने स्कूलों को बनाया निशाना, धमाके से 25 बच्चों की मौत और दर्जनों घायल

Janjwar Desk
19 April 2022 8:19 AM GMT
Afghanistan Blast: काबुल में आतंकियों ने स्कूलों को बनाया निशाना, धमाके से 25 बच्चों की मौत और दर्जनों घायल
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Afghanistan Blast: काबुल में आतंकियों ने स्कूलों को बनाया निशाना, धमाके से 25 बच्चों की मौत और दर्जनों घायल

Afghanistan Blast: अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में आतंकियों ने आज दो स्कूलों में धमाका किया है। इस धमाके (Blast) में 25 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है और दर्जनों घायल हुए हैं।

Afghanistan Blast: अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में आतंकियों ने आज दो स्कूलों में धमाका किया है। इस धमाके (Blast) में 25 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है और दर्जनों घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक स्कूल में फिदायीन हमलावर (fidayeen attacker) ने खुद को उड़ा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों ने स्कूल में धमाका तब किया जब बच्चे स्कूल के बाहर थे।

काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान ने कहा कि विस्फोट अब्दुल रहीम शाहिद हाई स्कूल में हुआ है। इस हमले में हमारे शिया भाई भी हताहत हुए हैं। धमाका स्पष्ट रूप से उस समय हुआ जब छात्र अपनी कक्षाओं से जा रहे थे। स्थानीय न्यूज के अनुसार, काबुल के दश्त बारची में एक स्कूल में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस इलाके में शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।

एक स्थानीय पत्रकार ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एक विस्फोट अब्दुल रहीम शाहिद स्कूल के मुख्य निकास में हुआ जहां छात्रों की भीड़ थी। एक शिक्षक ने मुझे बताया कि अचनाक धमाका हुआ। हमले में ज्यादा हताहतों की आशंका है।

इस्लामिक स्टेट पर हमले का शक

तालिबान की अफगानिस्तान में वापसी के बाद से ही इस्लामिक स्टेट एक्टिव हो गया है। आतंकी संगठन अधिकतर देश की शिया आबादी को निशाना बनाता रहा है. शिया मुस्लिमों की मस्जिदों पर हमला किया जाता है। हालांकि, तालिबान का कहना है कि उसकी सरकार ने देश में आतंकी हमलों को रोकने पर मजबूती से काम किया है। इस वजह से अब देश में आतंकी घटनाएं कम हो रही हैं। लेकिन अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में गाहे-बेगाहे आतंकी हमले होते रहे हैं। इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान में 'इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्राविंस' के नाम से एक्टिव है। ये तालिबान को भी निशाना बनाता रहा है।

पहले भी हुए हैं आतंकी हमले

इससे पहले, अप्रैल की शुरुआत में काबुल में स्थित सबसे बड़ी मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान फेंका गया हथगोला फटने से कम से कम छह लोग घायल हो गए. पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी थी। पुराने काबुल शहर के मध्य में स्थित अठारहवीं सदी की पुल-ए-खिश्ती मस्जिद पर ये हमला किया गया था। काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जरदान ने कहा कि तालिबान ने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया था। चार अप्रैल को हुए इस हमले से पहले भी इसी इलाके में एक और ग्रेनेड हमला किया गया था। इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली थी। एक बाजार में हुए ग्रेनेड हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 59 अन्य घायल हो गए थे।

बता दें कि अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है कि इन हमलों में कितने लोगों की जान गई है। फिलाहाल, राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि पहला धमाका पश्चिमी काबुल के मुमताज स्कूल के इलाके में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट में कई लोग घायल हो गए। दूसरा धमाका राजधानी के दश्त-ए-बारची जिले के एक अन्य स्कूल के पास हुआ। जिसमें छह लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।

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