मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान, माकपा ने किया देशभर में जत्थे और 24 मार्च को दिल्ली में रैली का ऐलान

इंदौर। 28 फरवरी को माकपा के इंदौर पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में देश की भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के किसानों, मजदूरों के हितों के साथ ही नहीं बल्कि देश की संप्रभुता के साथ भी समझौता किया है। यह समझौता देश की संसद, जनता और किसानों को अँधेरे में रखकर किया गया है। इसमें अमरीका के ढाई गुना अधिक कृषि उत्पाद भारत में, जीरो प्रतिशत टैरिफ से भारत आएंगे, जबकि भारत के उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जो कि मोदी सरकार से पहले शून्य से 3 प्रतिशत था।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने इंदौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच के पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी अमरीका से 40 अरब डॉलर के उत्पाद भारत आते हैं, जो अब बढ़कर 100 अरब डॉलर हो जाएंगे। इससे हमारे किसान और संकट में आप जायेंगे। माकपा नेताओं ने स्टेट बैंक आॅ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि डेरी उत्पाद भारत आने से हमारे देश के पशुपालक किसानों को एक लाख करोड़ का नुकसान होगा।
जसविंदर सिंह ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प बार बार कह रहे हैं कि इससे अमरीका के किसानों का संकट दूर होगा, मगर भारत सरकार, उसके मंत्री और प्रधानमंत्री संसद और जनता को यह नहीं बता रहे हैं कि इससे भारत और भारतीय किसानों को क्या फायदा होने वाला है, क्योंकि इसमें किसानों को फायदा नहीं नुकसान होने वाला है।
जसविंदर सिंह ने कहा है कि यह समझौता इतना अपमानजनक है कि भारत ने रूस से 20 प्रतिशत सस्ता और रूपये में मिलने वाले तेल को बंद कर अमरीका से 20 प्रतिशत महँगा और डॉलर में तेल खरीदना स्वीकार किया है। डॉलर रुपए की तुलना में हर रोजगार महँगा होता है। इसका अर्थ है कि हमारा तेल भी महंगा होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी, मगर अमरीका को ख़ुश करने के लिए देशविरोधी और समर्पणकारी समझौता किया है।
माकपा नेता ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने सिर्फ भारत विरोधी व्यापारिक समझौता ही नहीं किया है, बल्कि जनविरोधी नीतियां भी लागू कर रही है। श्रम कानूनों को खत्म कर लाई गई चार श्रम सहिंता मजदूरों के रोजगार की सुरक्षा को खतम कर उन्हें गुलाम बनाने वाली हैं। इसके खिलाफ 12 फ़रवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी वह उन्हें लागू करना चाहती है। इस सरकार ने मनरेगा की खतम कर दिया है। नया कानून गरीबों की रोजगार की सम्भावनाओं को सीमित कर इस योजना को हो खतम करने वाला है।
जसविंदर सिंह ने मोदी सरकार द्वारा विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों के दबाव में प्रस्तावित बीज बिल को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि इस सरकार का बिजली बिल तो पूरा बिजली का ढांचा अडानी को सौपकर गरीबों के घरों में अंधेरा करने वाला कानून है। माकपा नेता ने चुनाव आयोग के पक्षपाती रुख और एसआईआर के माध्यम से जनता के मताधिकार को छीनने की कोशिशों की भी निंदा की और इन सब मुद्दों पर अभियान चला कर 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली को सफल बनाने का आह्वान किया।
पार्टी राज्य समिति सदस्य कैलाश लिम्बोदिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच में निकलने वाले जत्थे की रुपरेखा तैयार की गई। बैठक को जिला सचिव एवं राज्य समिति सदस्य का अरुण चौहान ने भी सम्बोधित किया। बैठक में मांगीलाल नागावत, राम त्यागी, भगीरथ कशवाहा, काशीराम नायक, परेश टोकेकर ने भी विचार रखे।











