चीन के दो सत्र : आर्थिक सुधारों और खुलेपन पर दिया जा रहा है ध्यान, पूरे विश्व की है नजर

बीजिंग से अनिल आजाद पांडेय की रिपोर्ट
चीन में इन दिनों आयोजित हो रहे दो सत्रों के कारण राजनीतिक गहमागहमी है। राजधानी पेइचिंग में चल रहे वार्षिक एनपीसी और सीपीपीसीसी ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन सत्रों में देश के विभिन्न क्षेत्रों के पांच हजार प्रतिनिधि और सदस्य शामिल होते हैं। इन सत्रों के दौरान कई नीतियों और योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाता है। इसके साथ ही चीनी प्रधानमंत्री बेहद महत्वपूर्ण सरकारी कार्य रिपोर्ट एनपीसी के समक्ष रखते हैं। इस बार इन सत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली अर्थव्यवस्था, खुलेपन और नवाचार पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने पर भी फोकस है।
विशेषज्ञ इन सत्रों को लेकर काफी आशावान हैं। उन्हें लगता है कि चीन ने वर्ष 2025 के लिए जीडीपी का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, वह उम्मीद जगाने वाला है। क्योंकि 5 प्रतिशत की जीडीपी एक संतुलित और स्थिर ग्रोथ की तरफ इशारा करती है।
ध्यान रहे कि चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 5 मार्च को एनपीसी के सामने कार्य रिपोर्ट रखी। इस रिपोर्ट में जिन बातों पर ध्यान दिया गया है कि उनसे चीनी नागरिकों के जनजीवन में सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही चीन खुलापन और विदेशी कंपनियों के प्रति उचित रवैया अपनाए रखेगा।
सत्रों के दौरान देश के नागरिकों को अधिक से अधिक रोजगार के मौके मुहैया कराने पर बल दिया गया है। कहा गया है कि बेरोजगारी दर 5 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर है। इसके साथ ही चीन लगातार नवोन्मोष बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिखता है। चीनी एआई ने विश्व को आश्चर्य में डाल कर रखा है। पिछले दिनों सामने आए डीपसीक व अन्य एआई टूल्स की चर्चा खूब हो रही है। ऐसे में चीन इस क्षेत्र को मजबूती से आगे ले जाने के लिए काम करना चाहता है। दो सत्रों में भी इसकी झलक देखने को मिली, जब विभिन्न प्रतिनिधियों ने नवाचार वाले विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।
साथ ही एनपीसी में पेश रिपोर्ट के अनुसार चीन विदेशी व्यापार नीति को स्थिर बनाए रखेगा, साथ ही विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उपाय और तेज किए जाएंगे।
इसके अलावा चीन ने देश में लोक केंद्रित निवेश को व्यापक रूप से बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके तहत चीन में तमाम लोगों को रोजगार मुहैया कराने पर ध्यान दिया जाएगा। लोगों को रोजगार के अधिक अवसर दिए जाएंगे। चीनी राष्ट्रपति बार-बार देश को पूर्ण रूप से समृद्ध और खुशहाल बनाने की बात करते हैं। इस तरह चीन अपने देश के नागरिकों को बेहतर माहौल प्रदान करना चाहता है। वहीं प्रॉपर्टी मार्केट को स्थिर बनाने के लिए अधिक छूट देने पर ध्यान है। इससे न केवल चीन बल्कि दूसरे देशों में भी सकारात्मक वातावरण बनेगा।
गौरतलब है कि चीन में यह साल 14वीं पंचवर्षीय योजना का आखिरी साल है। इस दौरान चीन ने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए योजनाओं को अमल में लाने का काम किया। इस बार के दो सत्रों में आगामी 15वीं पंचवर्षीय योजना लागू किए जाने और उसमें नवाचार और खुलेपन पर ध्यान देने की बात कही गयी है।
गौरतलब है कि पिछले कई दशकों से हर साल एनपीसी और सीपीपीसीसी का आयोजन होता है। इसमें चीनी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत तमाम नेता शिरकत करते हैं। इस बार 14वीं एनपीसी का तीसरा पूर्णाधिवेशन 5 मार्च और सीपीपीसीसी का पूर्णाधिवेशन 4 मार्च को शुरू हुआ, जो कि चीन में साल की सबसे महत्वपूर्ण बैठकें हैं।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले डेढ़ दशक से चीन में कार्यरत हैं।)