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Andhvishwas News : अंधविश्वास में डूबे लोग, जान पर खेल कर अंगारों पर दौड़ते हैं भक्त

Janjwar Desk
6 Oct 2022 9:56 AM GMT
Andhvishwas News : अंधविश्वास में डूबे लोग, जान पर खेल कर अंगारों पर दौड़ते हैं भक्त
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Andhvishwas News : अंधविश्वास में डूबे लोग, जान पर खेल कर अंगारों पर दौड़ते हैं भक्त

Andhvishwas News : अंधविश्वास का दृश्य मध्य प्रदेश मंदसौर में होता हुआ दिखा, जहां लोग अंधविश्वास में पढ़कर धधकते अंगारों में दौड़ लगाते नजर आए, इस दौरान वहां अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे जो आग में घी डाल रहे थे...

Andhvishwas News : भारत में बरसों से कई अलग-अलग तरह की मान्यताएं चलती आ रही है। भारत एक ऐसा देश है, जहां लोग देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग क्रियाओं को करते हैं। अगर मान्यताओं की बात करें तो यहां हर क्षेत्र की अपनी अलग सांस्कृतिक मान्यता होती है। परंतु कभी-कभी इन मान्यताओं के चलते लोग स्वयं की तो दुर्गति करते ही हैं, साथ में दूसरों को भी ले डूबते हैं, ऐसा ही एक अंधविश्वास का दृश्य मध्य प्रदेश मंदसौर में होता हुआ दिखा, जहां लोग अंधविश्वास में पढ़कर धधकते अंगारों में दौड़ लगाते नजर आए। इस दौरान वहां अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे जो आग में घी डाल रहे थे।

धधकते अंगारों पर दौड़ते हैं लोग

बता दें कि यह पूरा मामला मंदसौर जिले के नालछा माता मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम का है। जहां लोग दशहरे में आस्था के नाम पर दहकते अंगारों पर दौड़ लगाते हुए नजर आए। इस अंधविश्वास को लोग भक्ति का नाम देते हैं और लोगों का यह मानना है कि यह उनकी अग्निपरीक्षा है, जिसके चलते वह अपनी जान को भी जोखिम में डाल सकते हैं। यहां जवान से लेकर बुजुर्ग तक इसमें हिस्सा लेते हैं। जिस वक्त यह लोग आग पर दौड़ते हैं। उस वक्त अन्य लोग आग को भड़काने के लिए उसमें घी डालते हैं। ऐसा करते समय कई लोग लड़खड़ा जाते हैं तो कुछ गिरते-गिरते बचते हैं लेकिन लोगों के मन में अटूट श्रद्धा के चलते वह इसे करने से नहीं रुकते।

कार्यक्रम के वक्त अधिकारी भी थे वहां मौजूद

ऐसे अंधविश्वास के कार्यक्रमों को रोकने की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है और हैरानी की बात यह है कि जिस समय अंधविश्वास का यह खेल चल रहा था उस समय कई जिम्मेदार अधिकारी वहां खुद मौजूद थे। अधिकारी खुद इस कार्यक्रम का हिस्सा बन कर रहे थे। इस कार्यक्रम में लोग अपनी जान पर खेलकर दहकते अंगारों पर चल रहे थे, जिस दौरान यहां ना ही कोई मेडिकल सुविधा थी और ना ही कोई एंबुलेंस और ना ही कोई डॉक्टर।

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