अंधविश्वास

Jharkhand News In Hindi: पुलिसिया जुल्म पर मुख्यमंत्री को पत्र देने वाले को नक्सली घोषित कर किया गिरफ्तार

Janjwar Desk
24 Feb 2022 1:42 PM GMT
Jharkhand News In Hindi: पुलिसिया जुल्म पर मुख्यमंत्री को पत्र देने वाले को नक्सली घोषित कर किया गिरफ्तार
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Jharkhand News In Hindi: 26 वर्षीय गिरिडीह जिला अंतर्गत खुखरा थाना क्षेत्र के चतरो गांव निवासी भगवान किस्कू को नक्सली होने का आरोप लगाकर जिले के अभियान एएसपी गुलशन तिर्की के नेतृत्व में बनी टीम ने गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद 23 फरवरी को उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।

विशद कुमार की रिपोर्ट

Jharkhand News In Hindi: 26 वर्षीय गिरिडीह जिला अंतर्गत खुखरा थाना क्षेत्र के चतरो गांव निवासी भगवान किस्कू को नक्सली होने का आरोप लगाकर जिले के अभियान एएसपी गुलशन तिर्की के नेतृत्व में बनी टीम ने गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद 23 फरवरी को उसे न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। एएसपी अभियान गुलशन तिर्की ने बताया कि खुखरा जंगल से एक युवक को गिरफ्तार किया गया। कई कांडों में उसकी संलिप्तता पाई गई है। उसे बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

तिर्की के अनुसार गिरफ्तार युवक के खिलाफ पीरटांड़ समेत अन्य थाना क्षेत्र में नक्सली वारदात को अंजाम देने के मामले में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इसमें लैंड माइन, आइईडी लगाने, मधुबन क्षेत्र में मोबाइल टावर उड़ाने, डुमरी के लुरंगी के पास बराकर नदी पर बने पुल को केन बम से उड़ाने के अलावा अन्य मामले दर्ज हैं। अन्य थानों में दर्ज मामलों का डिटेल खंगाला जा रहा है।


दूसरी तरफ कहा जा रहा कि भगवान दास किस्कू क्षेत्र में हो रही पुलिसिया जुल्म के सवाल पर पिछले 5 फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर एक ज्ञापन दिया था। जिसके बाद से ही जिले की पुलिस की बक्र दृष्टि भगवान किस्कू आ गई। मुख्यमंत्री को इस ज्ञापन को देेेने के लिए गिरिडीह के जेएमएम विधायक सुदिव्य कुमार गये थे। ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं। अगर भगवान किस्कू नक्सली है तो उसका पुराना रिकार्ड होगा, जिसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों सहित विधायक को भी होगी। तब ऐसे में एक नक्सली को मुख्यमंत्री से मिलवाने कोई विधायक कैसे जा सकता है?

बता दें कि मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में साफ लिखा गया है कि दक्षिणी पारसनाथ अंतर्गत गांव ढोलकट्टा, थाना- मधुवन, प्रखण्ड पीरटांड, जिला गिरिडीह (झारखण्ड) के निवासी छुटू किस्कू की मृत्यु दिनांक 23/11/2020 को अपने घर में मिरगी बिमारी से हुई थी। इसी दिन लगभग 60-70 की संख्या में पुलिस अर्द्ध सैनिक बल गांव में आ धमके और मृत्य जन की अंत्येष्टि करने के लिए जुटे ग्रामीण जनता के साथ मार-पीट करने लगे। वह भी बिना कुछ जायजा लिये और पुछताछ किये। इस तरह से हम ग्रामीणों पर जुल्म किया गया। गांव के किसुन बास्के को गाली-ग्लौज करते हुए थप्पड़ मारा गया। यही नहीं इसके पहले 12 अक्टूबर, 2020 को पुलिसों ने गांव में आकर लोगों के साथ बदतमीजी की, 21/05/2003 को निर्दोष ग्रामीण जनता छोटे लाल किस्कू को नक्सली बताकर मुंह में गोली मारी गयी, छोटू किस्कु, सुरेश सोरेन सहित लगभग 70 वर्षीय मंगला किस्कू को मारा-पीटा गया था। इतना ही नहीं 2015 में भी रोला लकड़ी काटने के लिए जंगल गये 8 व्यक्तियों को पकड़कर गंभीर रूप से मार पीट किया गया था। जिनका नाम निम्न प्रकार है - 1. मांजो मराण्डी, 2. बीरू हंसदा, 3. चरण हंसदा, 4. चारो हेम्ब्रम, 5. जीतन हंसदा, 6. चिनु मराण्डी, 7. एतवारी मुर्मू, 8. छोटे लाल हंसदा।


ज्ञापन में कहा गया है कि इसी तरह 9/6/2017 को पुलिस ने नक्सली बताकर मोती लाल बास्के के सीने पर ग्यारह गोली उतार दी थी। यानी 2003 से लेकर अभी तक ढोलकट्टा के ग्रामीण जनता पर पुलिस जुल्म होती चली आ रही है। अब ढोलकट्टा में पुलिस कैम्प स्थापित करने की भी कोशिश जारी है, वह भी ग्रामीण जनता की खतियानी व रैयती जमीन पर।

अतः हम ढोलकट्टा गांव के समस्त ग्रामवासी आप से निवेदनपूर्वक अनुरोध करते हैं कि ढोलकट्टा गांव में पुलिस कैम्प स्थापित न किया जाय और हम गरीब आदिवासी जनता को पुलिस दमन-अत्याचार से बचाया जाय। इसके लिए हम सभी सदैव आपका आभारी रहेंगे। इस ज्ञापन में कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं, जिसमें मुख्य रूप से चांदो लाल हांसदा, भागीरथ किस्कू, राजेश किस्कू, पतिलाल मुर्मू, दीपक किस्कू और भगवान दास किस्कू शामिल है। इसकी एक तस्वीर भी किस्कू ने अपने फेसबुक वाल पर लगाया था जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार के साथ भगवान दास किस्कू साफ दिख रहे हैं। जिसे पुलिस ने दुर्दांत माओवादी बताकर गिरफ्तार कर लिया है।

बताते चलें कि गिरिडीह जिला अंतर्गत पारसनाथ पर्वत की तलहटी में खुखरा थानान्तर्गत चतरो गांव निवासी भगवान दास किस्कू वर्तमान में एक सामाजिक संगठन झारखंड जन संघर्ष मोर्चा, विस्थापन विरोधी जन विकास आंदोलन व अपने गांव के 'शहीद सुंदर मरांडी स्मारक समिति' से भी जुड़े हुए हैं।

कहना ना होगा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिन-रात आदिवासी-मूलवासी जनता के हितैषी होने का दावा करते नहीं थकते, लेकिन उनके दावे के ठीक विपरीत उनकी पुलिस आदिवासी अधिकार कार्यकर्ताओं को ही झूठे मुक़दमे दर्ज कर जेल भेज रही है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी हो जाता है कि अगर भगवान दास किस्कू माओवादी है, तो वे मुख्यमंत्री कार्यालय में क्या कर रहे थे? और अगर माओवादी नहीं है, तो आखिर उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कर क्यों गिरफ्तार किया गया?

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