Top
अंधविश्वास

अंधविश्वास : स्टेशन से खरीदकर पढ़ी थी काले जादू की किताब, फिर मासूम की बलि देकर खाया दिल

Janjwar Desk
18 Nov 2020 5:35 AM GMT
अंधविश्वास : स्टेशन से खरीदकर पढ़ी थी काले जादू की किताब, फिर मासूम की बलि देकर खाया दिल
x

संतान की चाहत में मासूम का कलेजा खाने वाला दंपती सुनैना व परशुराम।

कानपुर अंधविश्वास केस में यह खुलासा हुआ है कि बच्ची का कलेजा खाने वाले दंपती ने रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाली जादू, टोटके की किताब खरीदी थी, जिसमें इस तरकीब का जिक्र था। दंपती को जेल भेज दिया गया है...

जनज्वार, कानपुर। घाटमपुर के भदरस गांव में 6 वर्षीय मासूम की दुष्कर्म के बाद दी गई बलि मामले में पुलिस ने मंगलवार को आरोपी दंपती को जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले दंपती ने पुलिस के सामने बलि को लेकर जो खुलासे किए वह हर किसी को हैरत में डालने वाला है। आश्चर्य यह कि विज्ञान के इस युग मे अब भी लोग फिल्मी या किताबी कहानियों और अंधविश्वासों पर यकीन करते हैं।

दंपती ने पुलिस को जो बताया उसके मुताबिक उन्होंने रेलवे स्टेशन से एक तंत्र-मंत्र यानी काले जादू की किताब खरीदी थी। इस किताब में संतान प्राप्ति के लिए दीवाली की रात को मुफीद बताया गया था। किताब में लिखा बताया जा रहा है कि दीवाली की रात बच्चे का दिल निकालकर खाने से संतान की प्राप्ति होती है। इसी किताब को पढ़कर दंपती अपने भतीजों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

दीवाली की रात क्षेत्र की रहने वाली एक 6 साल की मासूम लापता हो गई थी। उसकी छत-विक्षत लाश दूसरे दिन गांव के काली माता मंदिर में नीम के पेड़ के नीचे मिली थी। शरीर का गला कटा हुआ था, सिर फूटा था, दिल, किडनी और गुर्दा सब गायब था। पुलिस ने गांव के ही दो भाइयों अंकुल और वीरेन को सोमवार को जेल भेजा था। उनके किये खुलासे के बाद उसके चाचा परशुराम और सुनैना को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।

पुलिस का दावा है कि संतान की चाहत में बच्ची की बलि दी गई और दंपती ने उसका दिल निकालकर खा लिया। एसपी ग्रामीण ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक दंपती ने किसी रेलवे स्टेशन से काले जादू की किताब खरीदकर पढ़ी और फिर मासूम बच्ची की बलि दे दी। मामले में अभी तक किसी तांत्रिक का नाम सामने नहीं आया है। यह किताब परशुराम ने खुद कुछ दिन पहले खरीदी थी।

अंकुल को भाई कहती थी मासूम

जिस 6 वर्षीय मासूम के साथ अंकुल ने दुष्कर्म किया वह मासूम उसे भाई कहकर बुलाती थी। इसी विश्वास के साथ वह अंकुल र्भइया के साथ दीवाली की रात चली गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची का दिल निकालकर खाने वाला दंपती गांव में सबसे मिलजुलकर रहता था। बच्चे की चाहत ने उसे आदमखोर बना दिया।

अंग तस्करी की उठी बात सीबीआई जांच की मांग

भदरस गांव की 6 वर्षीय मासूम के कई अंग न मिलने पर उसके पिता ने अंग तस्करी की आशंका जताई है। साथ ही मासूम के पिता ने कुछ पुलिसवालों पर भी साठगांठ के आरोप लगाए हैं। बच्ची के पिता ने सीबीआई जांच की मांग की है। उसका कहना है कि निर्दोष को सजा न मिले और दोषी बचने न पाए।

Next Story

विविध

Share it