कोविड -19

सर्दी-जुकाम होते ही कोरोना जांच की लाइन में लगना संक्रमित होने का सबसे बड़ा निमंत्रण

Janjwar Desk
18 April 2021 5:13 PM GMT
Covid Case In Uttarakhand : उत्तराखंड के नैनीताल में कोरोना का कहर, नवोदय विद्यालय में 82 बच्चे Covid-19 Positive
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उत्तराखंड के नैनीताल में कोरोना का कहर [ प्रतीकात्मक तस्वीर ]

लक्षण आ रहे हैं तो ये ठान लीजिये मन में कि आपको अपने आपको घर मे ही ठीक करना है, सोचना भी नहीं है अस्पताल के बारे में, विटामिन सी जिंक के साथ, बी काम्प्लेक्स, स्टीम, ज़्यादा लिक्विड डाइट, नारियल पानी वग़ैरह लीजिये, बुखार के लिए पैरासिटामोल लीजिये, ढेर सारे उल्टे-सीधे काढ़े से बचिए, वो सब आपको बीमार ही करेगा सही करने के बजाए....

सिद्धार्थ ताबिश की टिप्पणी

जनज्वार। हर किसी को जैसे ही लक्षण शुरू हो रहे हैं सर्दी जुकाम या बुख़ार के वो तुरंत घबरा के टेस्ट करवाने दौड़ रहा है.. इस चक्कर मे लोग घंटों लाइन में लग के धूप में अपना टेस्ट करवा रहे हैं.. इतनी भीड़ में लाइन लगने पर अगर संक्रमण न भी हुवा हो तो होने के चांस बहुत बढ़ जा रहे हैं।

मुझे समझ नहीं आ रहा है कि टेस्ट करवा के होगा क्या आख़िर? टेस्ट के लिए इतना पैनिक क्यूं? क्या करोगे जान कर कि मामूली जुकाम है या संक्रमण? जब इसकी कोई दवाई है ही नहीं तो क्या होगा पॉज़िटिव टेस्ट रिजल्ट का? न तो अस्पताल में जगह है, न कहीं icu में जगह है तो फिर रिजल्ट जानकर क्या कर लीजिएगा? आपको रिजल्ट से चिंता और घबराहट ही बढ़ेगी.. और कितने लोग तो पॉज़िटिव रिजल्ट देखकर ही कोलैप्स हुए जा रहे हैं।

लक्षण आ रहे हैं तो ये ठान लीजिये मन में कि आपको अपने आपको घर मे ही ठीक करना है... सोचना भी नहीं है अस्पताल के बारे में.. विटामिन सी जिंक के साथ, बी काम्प्लेक्स, स्टीम, ज़्यादा लिक्विड डाइट, नारियल पानी वग़ैरह लीजिये.. बुखार के लिए पैरासिटामोल लीजिये.. ढेर सारे उल्टे-सीधे काढ़े से बचिए, वो सब आपको बीमार ही करेगा सही करने के बजाए।

मेरा अनुभव ये कह रहा है कि आनन फ़ानन में जो भी लोग तुरंत उल्टी सीधी एंटीबायोटिक ले रहे हैं, उनका केस तुरंत कॉम्प्लिकेटेड हो जा रहा है... ज़्यादातर ये दवाएं सीने के बलग़म सूखा दे रही हैं और फिर जैसे ही सूखता है बलग़म सांस में दिक़्क़त शुरू हो जा रही है...इसलिए स्टीम और विटामिन लेते रहिये.. पैनिक कर के ज़्यादा दवाईयां ले कर बलग़म सुखाइये मत.. निकलने दीजिये उसे...पैनिक कीजियेगा तो ऑक्सीजन लेवल अपने आप गिर जाएगा... कोई ज़रूरत नहीं है आपको बार बार अपना पल्स और ऑक्सीजन चेक करने की अगर आपको कोई तकलीफ़ नहीं है तो।

इतनी बड़ी मात्रा में लोग टेस्ट के लिये भाग रहे हैं और टेस्ट के बाद तुरंत अस्पताल के लिए दौड़ रहे हैं, उसी से चरमराया हुवा सरकारी सिस्टम बिल्कुल ठप पड़ा जा रहा है... ध्यान रखिये कि सौ में से अस्सी लोगों को बिना किसी दवाई के ही आराम हो जाता है... बस विटामिन और मिनरल्स से ही वो चंगे हो जा रहे हैं।

पैनिक मत कीजिये... जो सीरियस हैं उनके लिए जगह बना दीजिये... आपको मामूली सिम्पटम हैं तो आपको न तो टेस्ट की ज़रूरत है और न ही अस्पताल की और न ऑक्सीजन की... भीड़ कम कर दीजियेगा तो जितने रिसोर्स अभी हैं, उससे ही बहुतों की जान बच जाएगी।

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