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Aaj Ka Sone Ka Bhav : दिवाली में मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता से बाहर रहेगा सोना

Janjwar Desk
9 Oct 2021 11:09 AM GMT
Aaj Ka Sone Ka Bhav : दिवाली में मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता से बाहर रहेगा सोना
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Aaj Ka Sone Ka Bhav: इस बार दिवाली में मध्यम वर्ग के लोगो के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। सोने के दामों में लगातार तेजी आ रही है। अगर शेयर बाजार गिरावट आई तो सोने अगर के भावों में बहुत तेज उछाल नजर आएगा।

Aaj Ka Sone Ka Bhav। त्योहारों का मौसम आ चुका है। बाजारों में दिवाली (Diwali) और धनतरेस के लिए छोटी से बड़ी सभी दुकानें हर्षोउल्लास के साथ सजाई जा रही हैं। भगवान धनवंतरी की पूजा के साथ लोग धनतेरस में सोने चांदी की भी खरीददारी करते हैं। दिवाली और धनतेरस (Dhanteras) में मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक के सभी लोग सोने को खरीदते है। मान्यता है कि इस अवसर पर सोना खरीदना लक्ष्मी माता के आगमन का शुभ संकेत होता है। लेकिन इस बार त्योहारों में सोने की बढ़ती कीमतों को देखकर लगता है कि मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सोने की खरीद उनकी पहुंच से बाहर है।

सोना हुआ महंगा

पिछले कुछ महीनों में सोने के भावों (Golds Price) में हुए बदलाव को देखें तो सोना महंगा हुआ है। बाजारों में सोने के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। दामों में हुई वृद्धि की गणना करें तो पाएंगे कि प्रतेयक दिन 1 ग्राम सोना 2 से 4 रुपए तक महंगा हो रहा है। इस महंगाई में धनतेरस और दिवाली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में सोने के भाव का अधिक असर मध्यमवर्ग के लोगों पर पड़ रहा है।

मध्यम वर्ग के लिए सोना खरीदना हुआ मुश्किल

धनतेरस, दिवाली में सोने चांदी की दुकानों में कदम रखने तक की जगह नहीं होती है। सभी लोग अपने बजट के अनुसार सोने की खरीददारी करते हैं। लेकिन इस बार सोने मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। क्योंकि इस महीने सोने के दामों में लगातार तेजी आ रही है। महंगे दामों में सोना खरीदना मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर है।

कोरोना महामारी से हुआ असर

एक तरफ जहां कोरोना महामारी के कारण कई लोग बेरोजगार हो गए हैं और उनकी आमदनी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ सोने के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में इन लोगों के लिए सोना खरीदना आसान नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि जून 2021 में सीएमआईई (Center for Monitoring Indian Economy ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश व्यास ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि शोध संस्थान के आकलन के अनुसार बेरोजगारी दर मई में 12 प्रतिशत रही जो अप्रैल में 8 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि इस दौरान करीब एक करोड़ भारतीयों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

बता दें कि सीएमआईई (CMIE) के आकड़ों के अनुसार अप्रैल में 70 लाख लोग कोरोना की दूसरी लहर के कारण बेरोजगार हो गए। करोड़ों लोगों की आमदनी कम हुई है। जिसका सीधा असर उनके बजट पर पड़ा है। ऐसे में सोने के बढ़ते दामों को देखकर लगता है कि इस बार मध्यम वर्ग द्वारा सोने की खरीद पहले तुलना कम हो जाएगी।

सोने के बढ़ते दाम

दूसरे कारोबारी सप्ताह में भी सोने के दामों में उछाल आया है। पहले कारोबारी सप्ताह में 1 अक्टूबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 45490 रुपये था। 2 अक्टूबर को 46480 रुपये, 3 अक्टूबर को 46480 रुपये, 4 अक्टूबर को 46490 रुपये, 5 अक्टूबर को 46490 रुपए, 6 और 7 अक्टूबर को भी यह दाम 46490 चल रहा था। सोने के भावों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

गौरतलब है, जुलाई में आईआईएफएल के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा था कि "कोरोना संकट के बावजूद भी सोना निवेशकों का पसंदीदा धातु बना हुआ है। इसमें लंबी अवधि में तेजी का दौर जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। इस साल दिवाली तक सोना फिर 55 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच सकता है।" साथ ही गुप्ता का यह भी कहना था कि "यदि शेयर बाजार गिरावट आई तो सोने में बहुत तेज उछाल नजर आने की उम्मीद लगायी जा सकती है।" इसके साथ ही केडिया कमोडिटिज के डायरेक्टर अजय केडिया ने भी कहा कि सोने का भाव दिवाली तक 55,000 से 60,000 रुपये तक पहुंच सकता है।

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