शिक्षा

Sharda University Exam News : हिंदुत्व विरोधी सवाल पूछने पर मचा बवाल, पेपर बनाने वाली पूरी फैकल्टी सस्पेंड

Janjwar Desk
7 May 2022 9:20 AM GMT
Sharda University Exam News : हिंदुत्व विरोधी सवाल पूछने पर मचा बवाल, पेपर बनाने वाली पूरी फैकल्टी सस्पेंड
x

Sharda University Exam News : हिंदुत्व विरोधी सवाल पूछने पर मचा बवाल, पेपर बनाने वाली पूरी फैकल्टी सस्पेंड

Sharda University Exam News : शारदा यूनिवर्सिटी के बीए राजनीति विज्ञान के इंटरनल एग्जाम में तथा​कथित रूप से हिंदुत्व विरोधी सवाल पूछना फैकल्टी में लिए महंगा साबित हुआ।

Sharda University Exam News : शारदा यूनिवर्सिटी के बीए राजनीति विज्ञान के इंटरनल एग्जाम में तथा​कथित रूप से हिंदुत्व विरोधी सवाल ( anti Hindutva question ) पूछना फैकल्टी में लिए महंगा साबित हुआ। पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इसके लेकर बहस शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर लोग शारदा यूनिवर्सिटी ( Sharda University ) को हिंदू विरोधी ( anti hindutva ) होने का आरोप लगा रहे हैं। इस घटना से सकते में आये यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पेपर बनाने वाली फैकल्टी को सस्पेंड ( faculty susoended ) कर दिया है।

शारदा यूनिवर्सिटी को बताया हिंदू विरोधी

मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के नेता विकास प्रीतम सिन्हा भी इस बहस में कूद पड़ें। उन्होंने बीए पॉलिटिकल साइंस (Political Science Question paper ) के क्वेश्चन पेपर में पूछे गए एक सवाल पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। भाजपा नेता ने अपने ट्विट कर लिखा है कि यूनिवर्सिटी का नाम 'शारदा' पर कृत्य देखिए कि परीक्षा में छात्रों को 'हिन्दुत्व' को अनिवार्य रूप से फासी और नाजीवाद के समकक्ष सिद्ध करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह प्रश्नपत्र कथित रूप से किसी मुस्लिम शिक्षक द्वारा बनाया गया है।

प्रश्न पत्र बनाने वाली फैकल्टी सस्पेंड

शारदा यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस मामले को तूल पकड़ता देख तत्काल प्रभाव से 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई और पेपर बनाने वाली कमेटी को सस्पेंड कर दिया है। शारदा विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालय को खेद है कि ऐसी घटना हुई है जिसमें सामाजिक कलह को भड़काने की क्षमता हो सकती है। विश्वविद्यालय हर उस विचारधारा के खिलाफ है जो हमारी राष्ट्रीय पहचान और संस्कृति को बिगाड़े। एक उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में हम सभ्यता के पुनरुद्धार के बड़े मिशन के लिए प्रतिबद्ध हैं। शारदा यूनिवर्सिटी भारतीय धर्म, परंपरा, इतिहास और संस्कृति का सबसे अच्छा उत्सव मनाता है जिसने न केवल भारत के विचार को बल्कि दुनियाभर में मानव ज्ञान के सभी पहलुओं को आकार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

शारदा यूनिवर्सिटी (Sharda University) में सेशन 2021-22 के मिड टर्म एग्जाम चल रहे हैं। शुक्रवार यानि 06 मई 2022 को फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स का बीए पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स (सेमेस्टर-2) एग्जाम हुआ था। इस सबजेक्ट के क्वेश्चन पेपर के तीन सेक्शन ए, बी और सी में कुल 8 सवाल पूछे गए लेकिन छठे सवाल की वजह से पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छठे सवाल में स्टूडेंट्स से हिंदुत्व की तुलना फासीवाद या नाजीवाद (Fascism/Nazism) से करते हुए अपने विचार रखने के लिए कहा गया था। हिंदुत्व की तुलना फासीवाद व नाजीवाद से करना ही विवाद का विषय बन गया। क्वेश्चन पेपर सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने के बाद यह यूनिवर्सिटी प्रशासन के लिए यह सिरदर्द साबित हुआ।

(जनता की पत्रकारिता करते हुए जनज्वार लगातार निष्पक्ष और निर्भीक रह सका है तो इसका सारा श्रेय जनज्वार के पाठकों और दर्शकों को ही जाता है। हम उन मुद्दों की पड़ताल करते हैं जिनसे मुख्यधारा का मीडिया अक्सर मुँह चुराता दिखाई देता है। हम उन कहानियों को पाठक के सामने ले कर आते हैं जिन्हें खोजने और प्रस्तुत करने में समय लगाना पड़ता है, संसाधन जुटाने पड़ते हैं और साहस दिखाना पड़ता है क्योंकि तथ्यों से अपने पाठकों और व्यापक समाज को रू-ब-रू कराने के लिए हम कटिबद्ध हैं।

हमारे द्वारा उद्घाटित रिपोर्ट्स और कहानियाँ अक्सर बदलाव का सबब बनती रही है। साथ ही सरकार और सरकारी अधिकारियों को मजबूर करती रही हैं कि वे नागरिकों को उन सभी चीजों और सेवाओं को मुहैया करवाएं जिनकी उन्हें दरकार है। लाजिमी है कि इस तरह की जन-पत्रकारिता को जारी रखने के लिए हमें लगातार आपके मूल्यवान समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।

सहयोग राशि के रूप में आपके द्वारा बढ़ाया गया हर हाथ जनज्वार को अधिक साहस और वित्तीय सामर्थ्य देगा जिसका सीधा परिणाम यह होगा कि आपकी और आपके आस-पास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली हर ख़बर और रिपोर्ट को सामने लाने में जनज्वार कभी पीछे नहीं रहेगा, इसलिए आगे आयें और जनज्वार को आर्थिक सहयोग दें।)

Next Story

विविध