Anti Hate Speech Act: हेट स्पीच पर कांग्रेस प्रवक्ता ने बोला पीएम पर सीधा हमला, एंटी हेट स्पीच का पहला मुकदमा मोदी पर हो दर्ज

Anti Hate Speech Act: आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में जहां आगामी पच्चीस साल की राजनीति के रोड मैप पर मंथन किया तो अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड कार्यालय में हुई तोड़-फोड़ के संदर्भ में दिए बयान को उदयपुर की घटना से जोड़कर दिखाए जाने के बाद आक्रामक हुई कांग्रेस ने अब हेट स्पीच के बहाने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने देश में बढ़ते जा रहे हेट स्पीच के मामलों से निबटने के लिए जल्द ही आने वाले एंटी हेट स्पीच कानून के तहत पहला केस देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ दर्ज करने की मांग की है। प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट कर सवाल किया है कि कौन है जो देश में कट्टरता का माहौल बना रहा है ? कौन है जो समाज में विवाद पैदा कर रहा है ? कौन है जो नफ़रत फैला कर राजनीतिक लाभ प्राप्त कर रहा है ? सब जानते हैं वह कौन है। सब देख रहे हैं वह मौन है। हेट स्पीच पर जल्द ही केन्द्र सरकार द्वारा सख्त कानून लाने के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हेट स्पीच का पहला केस उस पर लगे जिन्होंने कपड़ों से पहचानने की बात कही, उनका नाम नरेंद्र मोदी है। कांग्रेस पार्टी की ओर से अपने अधिकृत ट्विटर अकाउंट पर पवन खेड़ा का यह बयान शेयर करते हुए लिखा गया है कि इस देश के लोगों को कपड़ों के आधार पर बांट देने से बड़ा देशद्रोह क्या ही होगा और यह पीएम मोदी ने किया था।
मालूम हो कि देश में सोशल मीडिया पर बढ़ते नफरती कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार जल्दी ही हेट स्पीच को लेकर सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। संभावना इस बात की है कि मानसून सत्र में ही इस ड्राफ्ट को संसद में बहस के लिए प्रस्तुत कर दिया जाए।
सोशल मीडिया के इस दौर में हेट स्पीच को लेकर अभी तक कोई सर्वमान्य विधि की व्यवस्था नहीं है जिससे हेट स्पीच पर रोक लगाई जा सके। ऐसे में हेट स्पीच की परिभाषा तय कर एंटी हेट स्पीच कानून लाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, अन्य देशों के कानूनों और अभिव्यक्ति की आजादी के तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस कानून का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जिसमें सिर्फ हिंसा फैलाने वाला कंटेंट ही नहीं बल्कि झूठ फैलाने और आक्रामक विचार रखने वाले भी इस कानून के दायरे में आएंगे। इस कानून के तहत हेट स्पीच की विधिवत परिभाषा तय की जाएगी जिससे लोगों को पता रहे कि जो वह बोल या लिख रहे हैं वह किस हद तक हेट स्पीच कानून के दायरे में आ सकता है।











