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पटना सिविल जज की कोरोना से मौत, बिहार में मौतों का आंकड़ा पहुंचा 388

Janjwar Desk
6 Aug 2020 5:46 PM GMT
पटना सिविल जज की कोरोना से मौत, बिहार में मौतों का आंकड़ा पहुंचा 388
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार में कोरोना की भयावहता चरम पर, सिविल जज की मौत के साथ कुल मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 388, पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 3416 नए मरीज मिले हैं...

जनज्वार ब्यूरो, पटना। बिहार में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 19 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है, इसके साथ ही मृतकों का आंकड़ा 388 पर पहुंच गया है। आज पटना सिविल कोर्ट के एक जज की भी कोरोना से मौत हो गई है।

पटना सिविल कोर्ट के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हरिश्चंद्र श्रीवास्तव की 6 जुलाई को कोरोना से मौत हो गई। कोरोना संक्रमित होने के बाद तबियत बिगड़ने पर दो दिन पहले गंभीर स्थिति में उन्हें पटना एम्स में भर्ती किया गया था, जहां आज 6 अगस्त की रात को उनकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने 4 मार्च 2020 को पटना सिविल कोर्ट के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, बेगूसराय, औरंगाबाद आदि जिलों के न्यायालय में विभिन्न न्यायिक पदों पर कार्यरत रहे थे। 16 दिसंबर 1995 को उन्होंने न्यायिक सेवा जॉइन की थी और 31 जुलाई 2022 को सेवानिवृत्त होनेवाले थे। वे मूल रुप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कोटवा नारायणपुर गांव के निवासी थे और बीपीएससी की 24वीं बैच की परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यायिक सेवा में आए थे।

बिहार में किसी जज की कोरोना से मृत्यु होने की यह पहली घटना है। इससे पहले बिहार के कई डॉक्टरों, बीजेपी के एक विधान पार्षद की भी कोरोना से मौत हो चुकी है।

बिहार में पिछले 24 घंटे में रिकार्ड 3416 नए कोरोना मरीज मिले हैं। राज्य में संक्रमितों का आंकड़ा अब 68148 हो गया है, इनमें 43820 मरीज ठीक हो चुके हैं और 388 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। राज्य में ऐक्टिव केस की संख्या अभी 23939 है। पिछले कुछ दिनों में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी है, हालांकि इसके पीछे ज्यादा संख्या में जांच होना भी एक कारण है। आज 60254 लोगों की जांच हुई है। अब तक कुल 799332 सैंपलों की जांच की गई है।

बिहार में पिछले 24 घंटे में कुल 1450 मरीज ठीक भी हुए हैं। रिकवरी दर 64.30 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत के लगभग बराबर है। पिछले कुछ दिनों में रिकवरी रेट गिरा है। इसके पीछे प्रतिदिन नए मरीजों की बढ़ी हुई संख्या और ठीक हुए मरीजों की कम संख्या कारण है।

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