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बिहार में कोरोना के मामले 5 हजार पार और नीतीश दे रहे वीडियो कांफ्रेंसिंग से बूथ कार्यकर्ताओं को चुनावी टिप्स

Janjwar Desk
8 Jun 2020 10:44 AM GMT
बिहार में कोरोना के मामले 5 हजार पार और नीतीश दे रहे वीडियो कांफ्रेंसिंग से बूथ कार्यकर्ताओं को चुनावी टिप्स
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file photo
नीतीश कुमार ने 7 घंटे तक मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर बिहार के पांच जिलों के जदयू जिलाध्यक्षों सहित बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उन्हें चुनाव के लिए ऐक्टिव हो जाने का निर्देश देते हुए चुनावी टिप्स दिए, यह नहीं कहा कि कोरोना से कैसे निपटें...

जनज्वार ब्यूरो, पटना। बिहार में 7 जून को भले ही कोरोना मरीजों का आंकड़ा 5 हजार पार कर गया हो, पर अब सभी दल चुनावी मोड में आ गए हैं। गृहमंत्री अमित शाह की वर्चुअल रैली के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने भी अपने दल के नेताओं के साथ विजुअल कॉन्फ़्रेंसिंग कर उन्हें चुनावी टिप्स दिए।

हालांकि गृहमंत्री ने वर्चुअल रैली को लोगों से संपर्क का माध्यम बताते हुए चुनाव से इसका कोई लेना-देना न होने की बात कही। ज़ाहिर है कि आनेवाले दिनों में बिहार में अब चुनावी गतिविधियां और जोर पकड़ने वालीं हैं, भले ही इनका रूप फिजिकल न होकर वर्चुअल हो।

7 जून को गृहमंनीतीश कुमार ने 7 घंटे तक मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर बिहार के पांच जिलों के जदयू जिलाध्यक्षों सहित बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उन्हें चुनाव के लिए ऐक्टिव हो जाने का निर्देश देते हुए चुनावी टिप्स दिए, यह नहीं कहा कि कोरोना से कैसे निपटें...त्री अमित शाह ने 'बिहार जनसंवाद' के नाम से वर्चुअल रैली की तो मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने थाली पीटकर 'गरीब अधिकार दिवस मनाया। उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 घंटे तक मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर बिहार के पांच जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, मधुबनी तथा सीतामढ़ी के जदयू जिलाध्यक्षों सहित बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उन्हें चुनाव के लिए ऐक्टिव हो जाने का निर्देश देते हुए चुनावी टिप्स दिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से लालू-राबड़ी राज की विफलताओं को प्रमुखता से उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भी उस दौर की बातें बताएं और यह भी बताएं कि जदयू को कैसा बिहार मिला था तथा अब क्या हाल है। उस समय राज्य का वार्षिक बजट महज 24 हजार करोड़ हुआ करता था जो अब 2लाख 12 हजार करोड़ का हो रहा है।

नीतीश ने कहा उस काल में अपहरण उद्योग बन गया था। लगातार सामूहिक नरसंहार होते थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे लोगों के बीच जाकर यह सब बताएं कि आज के दौर में क्या स्थिति है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सांसद ललन सिंह, आरसीपी सिंह, मंत्री अशोक चौधरी, संजय झा भी थे।

उधर लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने भी 7 जून को अपनी पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक कर बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तैयारी तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए अभी से जी-जान से लग जाएं। उनके साथ लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद प्रिंस राज भी थे।

बिहार में तकनीक का प्रयोग कर डिजिटल और वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रचार का आगाज हो चुका है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि कोरोना के कारण चुनाव तक अगर ऐसी ही स्थितियां कायम रहती हैं तो बिहार जैसे अल्पशिक्षित राज्य में यह डिजिटल और वर्चुअल माध्यम कितना कारगर हो पाता है।

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