बिहार

विवादों में घिरे नए शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को नीतीश ने किया तलब, चर्चाओं का बाजार गर्म

Janjwar Desk
18 Nov 2020 3:20 PM GMT
विवादों में घिरे नए शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को नीतीश ने किया तलब, चर्चाओं का बाजार गर्म
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सीएम हाउस में मेवालाल चौधरी काफी देर तक रहे, वहां क्या बातें हुईं, यह तो अभी सामने नहीं आया है, पर चर्चा है कि पिछले दो दिनों से बन रही सुर्खियों को लेकर ही उन्हे तलब किया गया था...

जनज्वार ब्यूरो, पटना। शपथ लेने के बाद से ही लगातार विवादों में घिरे बिहार सरकार के नए शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी सीएम हाउस तलब किए गए हैं।खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें तलब किया है। पिछले दो दिनों से उनके नियुक्ति घोटाले में आरोपित होने सहित अन्य मामले सुर्खियों में थे और इसे लेकर विपक्षी दल राजद ने भी मोर्चा खोल दिया था।

सीएम हाउस में मेवालाल चौधरी काफी देर तक रहे।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बीच क्या बातें हुईं, यह तो अभी सामने नहीं आया है, पर चर्चा है कि पिछले दो दिनों से उन्हें लेकर बन रही सुर्खियों को लेकर हो मेवालाल चौधरी को तलब किया गया था। इस बवाल से नीतीश कुमार की कथित 'सुशासन' की सरकार वाली क्षवि को बट्टा लग रहा था।

उल्लेखनीय है कि नियुक्ति घोटाले में आरोपित होने को लेकर उनपर पहले से सवाल उठ रहे थे। फिर उनकी पत्नी के अप्राकृतिक मौत के मामले को लेकर राज्य के एक पूर्व आईपीएस ने डीजीपी को पत्र भेज एसआईटी जांच की मांग की। उसके बाद उनको राष्ट्रगान नहीं आने का एक वीडियो ट्विटर और फेसबुक पर डाल कर राष्ट्रीय जनता दल ने उनपर सवाल उठाया था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया है।

राष्ट्रीय जनता दल के ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर कर ट्वीट किया गया था 'भ्रष्टाचार के अनेक मामलों के आरोपी बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को राष्ट्रगान भी नहीं आता। नीतीश कुमार जी शर्म बची है क्या? अंतरात्मा कहाँ डुबा दी?'

इस वीडियो में झंडोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाते दिखाया गया है, पर राष्ट्रगान की पक्तियां गलत गाई जा रहीं हैं। मेवालाल चौधरी नवगठित नीतीश कैबिनेट में शिक्षा मंत्री बनाए गए हैं।

इससे पहले मंत्री मेवालाल चौधरी की पत्नी नीता चौधरी की अप्राकृतिक मौत को लेकर पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास ने डीजीपी को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की मांग की थी। यह मामला साल 2019 का है। 27 मई 2019 को मेवालाल चौधरी की पत्नी नीता चौधरी की अप्राकृतिक मौत को लेकर मुंगेर जिला के तारापुर थाने में अननेचुरल डेथ का मामला दर्ज किया गया था।

इस यूडी केस के अनुसार 27 मई 2019 को नीता चौधरी किचेन में काम कर रहीं थीं, इसी दौरान आग लग गई। घटना रात के 8 से 9 बजे के बीच की बताई गई। आग लगने से वे बुरी तरह से झुलस गई थीं और बाद में इलाज के क्रम में 3 जून 2019 को उनकी मौत हो गई थी। उस दौर में यह खबर सामने आई थी कि घटना के समय मेवालाल चौधरी भी घर में मौजूद थे और पत्नी को बचाने के क्रम में उनका हाथ झुलस गया था।

मेवालाल चौधरी नियुक्ति घोटाला मामले में पहले से आरोपित हैं। जब मेवालाल चौधरी भागलपुर के सबौर स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में वीसी थे और उस वक्त वहां असिस्टेंट प्रोफेसर और कनीय वैज्ञानिकों की नियुक्ति में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। इसे लेकर राजभवन के आदेश पर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस ने जांच की थी। फिर गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें मेवालाल चौधरी को भी आरोपित किया गया था।

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