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Cryptocurrency Bill: इस दिन कैबिनेट में पेश हो सकता है क्रिप्टोकरेंसी बिल, जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल

Janjwar Desk
13 Dec 2021 7:38 PM IST
Cryptocurrency Bill: इस दिन कैबिनेट में पेश हो सकता है क्रिप्टोकरेंसी बिल, जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल
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Bitcoin Prices Today: भले ही क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को विनियमित करने को लेकर कई सवाल अनसुलझे हैं, नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Sarkar) लोगों को क्रिप्टोकरेंसी को सम्पति (cryptocurrencies as asset not currency) के रूप में रखने की अनुमति देने पर विचार कर रही है, न कि मुद्रा के रूप में.

Bitcoin Prices Today: भले ही क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को विनियमित करने को लेकर कई सवाल अनसुलझे हैं, नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Sarkar) लोगों को क्रिप्टोकरेंसी को सम्पति (cryptocurrencies as asset not currency) के रूप में रखने की अनुमति देने पर विचार कर रही है, न कि मुद्रा के रूप में. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी के अनियंत्रित विकास से निपटने के लिए एक नियामक तंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित कानून में अंतिम समय में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है. वही सरकार पर शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करने का दबाव है.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की राय के मद्देनजर इस बात पर आम सहमति है कि देश में मुद्रा के मौजूदा रूपों के विकल्प के रूप में क्रिप्टोकरेंसी की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. वही इसे 'एसेट क्लास' के रूप में रखने की अनुमति दी जा सकती है, जिसका अर्थ है कि क्रिप्टोकरेंसी आपके पास शेयरों की तरह ही हो सकता है. यदि आप लाभ कमाते हैं, तो आप करों का भुगतान करते हैं जैसे आप शेयरों की बिक्री पर भुगतान करते हैं.

बताया जा रहा है कि वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए विधेयक में कई संशोधन किये गए हैं और बुधवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसे पेश किया जा सकता है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे चालू सत्र में पेश किया जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, सरकार की योजना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को विभिन्न क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के कामकाज की निगरानी करने की शक्ति प्रदान करने की है, ताकि एक पारदर्शिता सुनिश्चित किया जा सके और भोले-भाले लोगों को किसी ट्रैप में फंसने से रोका जा सके. वही निवेशक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने में सक्षम होंगे. उन पर खुद से ऐसी मुद्राओं के प्रोडक्शन और बिक्री पर रोक होगी.

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?

Cryptocurrency दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है. Crypto जोकि लैटिन भाषा का शब्द है जो cryptography से बना है और जिसका मतलब होता है, छुपा हुआ/हुई. जबकि Currency भी लैटिन के currentia से आया है, जो कि रुपये-पैसे के लिए इस्तेमाल होता है. तो क्रिप्टोकरेंसी का मतलब हुआ छुपा हुआ पैसा. या गुप्त पैसा. या डिजिटल रुपया. कैपिटल वाया ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड के इंटरनेशनल एंड कमोडिटीज रिसर्च के लीड और क्रिप्टोकरेंसी पर गहरी पकड़ रखने वाले क्षितिज पुरोहित (Kshitij Purohit) बताते हैं कि आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल पैसा है, जिसे आप छू तो नहीं सकते, लेकिन रख सकते हैं. यानी यह मुद्रा का एक डिजिटल रूप है. यह किसी सिक्के या नोट की तरह ठोस रूप में आपकी जेब में नहीं होता है. यह पूरी तरह से ऑनलाइन होता है.

इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए कि हर देश की अपनी मुद्रा (Currency) है. जैसे कि भारत के पास रुपया, अमेरिका के पास डॉलर, सउदी अरब के पास रियाल, इंग्लैंड के पास यूरो है. हर देश की अपनी-अपनी करेंसी हैं. यानी एक ऐसी धन-प्रणाली जो किसी देश द्वारा मान्य हो और वहां के लोग इसके इस्तेमाल से जरूरी चीजें खरीद सकते हों. यानी जिसकी कोई वैल्यू हो, करेंसी (Currency) कहलाती है.

किसने बनाई और क्यों बनाई?

इस बारे में क्षितिज बताते हैं कि बहुत सारे लोग मानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी 2009 में सतोशी नाकामोतो ने शुरू किया था, लेकिन ऐसा नहीं है. इससे पहले भी कई निवेशकों ने या देशों ने डिजिटल मुद्रा पर काम किया था. यूएस ने 1996 मुख्य इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड बनाया था, ऐसा गोल्ड जिसे रखा नहीं जा सकता था, लेकिन इससे दूसरी चीजें खरीदी जा सकती थीं. हालांकि 2008 इसे बैन कर दिया गया. वैसा ही 2000 की साल में नीदरलैंड ने पेट्रोल भरने के लिए कैश को स्मार्ट कार्ड से जोड़ा था.

Bitcoin सबसे महंगी Virtual Currency

आसान भाषा में कहें तो क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल कैश प्रणाली है, जो कम्प्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है. यह सिर्फ डिजिट के रूप में ऑनलाइन रहती है. इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. शुरुआत में इसे अवैध करार दिया गया था. लेकिन बाद में Bitcoin की बढ़ती लोकप्रियता के चलते इसे कई देशों में लीगल कर दिया गया है. कुछ देश तो अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी ला रहे हैं. Bitcoin दुनिया की सबसे महंगी वर्चुअल करेंसी है.

कैसे काम करती है Cryptocurrency?

पिछले कुछ सालों से क्रिप्टोकरेंसी मुद्राओं की लोकप्रियता बढ़ी है. इन्हें ब्लॉकचेन सॉफ़्टवेयर के ज़रिए इस्तेमाल किया जाता है. ये डिजिटल मुद्रा इनक्रिप्टेड यानी कोडेड होती हैं. इसे एक डिसेंट्रेलाइज्ड सिस्टम के जरिए मैनेज किया जाता है. इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल सिग्नेचर द्वारा वेरिफिकेशन होता है. क्रिप्टोग्राफी की मदद से इसका रिकॉर्ड रखा जाता है. क्षितिज बताते हैं कि इसके जरिए खरीदी को क्रिप्टो माइनिंग (Cryptocurrency Mininig) कहा जाता है क्योंकि हर जानकारी का डिजिटल रूप से डेटाबेस तैयार करना पड़ता है. जिनके द्वारा यह माइनिंग की जाती है, उन्हें माइनर्स कहा जाता है.

आसान भाषा में और समझें तो क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारिक एक वर्चुअल करेंसी है जो क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित है. यह सारा काम पावरफुल कंप्यूटर्स के जरिए होता है. क्षितिज तो यहां तक कहते हैं कि इसके कोड को कॉपी करना लगभग नामुमकिन है.

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