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Cyber Crime : साइबर ठगी के शिकार को भी वापस मिल सकता है पैसा, बस ध्यान रखनी होंगी ये बातें

Janjwar Desk
5 Oct 2021 2:36 PM GMT
Cyber Crime : साइबर ठगी के शिकार को भी वापस मिल सकता है पैसा, बस ध्यान रखनी होंगी ये बातें
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मॉडलिंग का झांसा देकर लड़कियों के बोल्ड फोटो मंगाता और फर्जी ID से ब्लैकमेल करता(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Cyber Crime : साइबर ठगी के शिकार बागपत के शख्स को हेल्पलाइन नंबर की मदद से लाखों रुपये वापस मिल गए।

मोना सिंह की रिपोर्ट

जनज्वार। बैंक फ्रॉड के बाद अगर ठगी के पैसे मिल जाएं, तो जाहिर है चेहरे पर चमक आ जाएगी। वो खुशी लौट आएगी जो ठगी के समय कहीं गुम हो गई थी। लेकिन इन रुपयों को वापस पाने के लिए कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखने की जरूरत है।हाल में ही राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 155260 की मदद से 3.13 करोड रुपये लौटाए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, हाल में ही बागपत में भी कई लाख रुपये लोगों के लौटाए गए। इनमें ठगी के शिकार हुए ग्राम हजूराबाद गढ़ी निवासी आजाद सिंह डीटीसी के रिटायर्ड परिचालक हैं। उनके खाते से 17 से 19 अगस्त को तीन बार में 1 लाख 20 हजार रुपये निकाले गए थे। जब ये पैसे उनके अकाउंट से निकाले गए तब उनके पास कोई मैसेज भी नहीं आया था। उनका एटीएम कार्ड (ATM Card) भी उन्हीं के पास था।

जब वह 19 अगस्त को बैंक से पैसे निकालने गए तब इसका पता चला फिर उन्होंने बागपत के सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके साथ ही साथ राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर-155260 पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद स्थानीय बागपत पुलिस ने आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम यानी (AEPS) के फिंगर प्रिंट क्लोनिंग के जरिए लोगों के बैंक खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोहर, मशीन, फर्जी अंगूठा निशानी कागज, कई मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुए थे।

साइबर ठगों द्वारा उड़ाए गए पैसे

पुलिस ने दिल्ली के शाहदरा के वरिष्ठ नागरिक रामप्रकाश के पैसे लौटाने में भी सफलता प्राप्त की। इनके साथ 4 जून को साइबर ठगी हुई थी। उस समय करीब साढ़े 3 लाख रुपये ठगे गए थे। इस घटना की शिकायत उन्होंने एक दिन के भीतर ही कर दी थी। अब उनके खाते में 3.2 लाख रुपये वापस करा दिए गए हैं।

खाते में कैसे लौटाए जा रहे हैं पैसे, जानें पूरी कहानी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 155260 शुरू किया है। ये हेल्पलाइन नंबर 1 अप्रैल को 7 राज्यों में लॉन्च किया गया और 16 जून को यह पूरे देश के लिए उपलब्ध है। अब तक 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में यह नंबर काम कर रहा है।

जल्दी ही ये पूरे देश में लागू हो जाएगा। हेल्पलाइन नंबर शुरू होने के काफी कम समय के भीतर ही साइबर ठगी से लोगों को काफी राहत मिली है। और ठगे गए पैसे भी वापस लोगों को मिले हैं। अब तक हेल्पलाइन की मदद से 3.13 करोड रुपये लोगों को वापस कराए जा चुके हैं।

कैसे काम करता है ये हेल्पलाइन

साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा ठगी की शिकायत मिलने के तुरंत बाद उस बैंक या वॉलेट को ठगी की शिकायत नंबर के साथ भेज दिया जाता है। जहां से पैसा ठगा गया होता है। ऐसा करते ही बैंक के सिस्टम में जानकारी फ्लैश होने लगती है। यदि पैसा संबंधित बैंक से निकला नहीं है तो उसे तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है। और अगर पैसा किसी और बैंक में ट्रांसफर हो चुका है तो भी ठगी की जानकारी को दूसरे बैंक को भेज दिया जाता है।

यह क्रम तब तक चलता रहता है जब तक पैसे की पहचान कर उसे फ्रीज नहीं कर दिया जाता। हालांकि, अगर पैसों को अगर ठग कैश की तरह निकाल लेते हैं तब पैसे मिलना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर ये पैसे एक खाते से दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर हो रहे हैं तो उसे फ्रीज कर पीड़ित को वापस करा दिया जाता है।

क्या करना चाहिए, जिससे पैसे वापस मिल जाएं

इसमें सबसे जरूरी है कि जैसे ही आपके साथ ठगी हो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस और बैंक से कराएं। क्योंकि ठगी होने के 24 घंटे के बाद अगर शिकायत होती है तो पैसे मिलने की संभावना कम हो जाती है।

शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत दर्ज करने की सूचना के साथ एक नंबर भी दिया जाता है। इन जानकारियों के साथ 24 घंटे के अंदर ही नेशनल साइबर क्राइम रिर्पोटिंग पोर्टल पर पूरा विवरण देना होता है। स्थानीय पुलिस की भूमिका साइबर ठगी के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर का संचालन अब हर जिले में साइबर पुलिस द्वारा किया जा रहा है।

इस तरह से साइबर ठगी के शिकार लोगों को उनका पैसा वापस मिलने लगा है। पिछले 3 महीने में 3.13 करोड़ रुपये ठगी के शिकार लोगों को वापस लौटाए जा चुके हैं।

साइबर ठगी का शिकार होने से बचना है तो ये करें

- पहला संदिग्ध संदेश जो आपके ईमेल, मोबाइल या व्हाट्सएप पर आ रहे हैं तो उनपर क्लिक ना करें।

- एक बात जान लें कि गूगल पर किसी हेल्पलाइन नंबर पर भी भरोसा ना करें, क्योंकि गूगल से ठगों के नंबर मिल जाते हैं।

- कभी भी फोन पर बात करते हुए बैंक से जुड़ा कोई काम ना करें। क्योंकि बातों में उलझाकर ठग आपसे ओटीपी मांग लेते हैं।

- सोशल मीडिया का पासवर्ड भी मजबूत करें। कई बार फेसबुक पर दोस्ती के बहाने भी ठगी की जा रही है।

- यदि आप फिर भी फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 155260 पर शिकायत दर्ज करें

हेल्पलाइन नंबर 155260 से जुड़ी जरूरी जानकारी

सिर्फ इन राज्यों के लिए 24 घंटे उपलब्ध है : दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लोग इस नंबर पर 24 घंटे कॉल कर सकते हैं।

हालांकि, ऊपर दिए राज्यों को छोड़कर दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ये सेवा सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही है।

ऑनलाइन ऐसे दर्ज कराएं शिकायत

अगर आप घर बैठे साइबर क्राइम (Cyber Crime) की शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो आपको CyberCrime.gov.in की वेबसाइट पर जाना होगा। इस वेबसाइट पर क्लिक करते ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) मिलेगा।

इसी पर Report Women/Child Related Crime और Report Other Cyber Crime का ऑप्शन मिलेगा। यहां आप REPORT OTHER CYBER CRIME के लिंक पर क्लिक करके आप किसी भी तरह के साइबर क्राइम की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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