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Power Cut in Delhi Today 2022: कोयले की कमी से दिल्ली में बंद हो सकती मेट्रो ट्रेन और अस्पताल सेवा, जानें क्या है वजह

Janjwar Desk
29 April 2022 8:40 AM GMT
Power Cut in Delhi Today 2022: कोयले की कमी से दिल्ली में बंद हो सकती मेट्रो ट्रेन और अस्पताल सेवा, जानें क्या है वजह
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Power Cut in Delhi Today 2022: कोयले की कमी से दिल्ली में बंद हो सकती मेट्रो ट्रेन और अस्पताल सेवा, जानें क्या है वजह

Power Cut in Delhi Today 2022: देश भर में अभूतपूर्व गर्मी और कोयले के संकट झेल रहे बिजली प्लांट की वजह से आने वाले दिन मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं।

Power Cut in Delhi Today 2022: देश भर में अभूतपूर्व गर्मी और कोयले के संकट झेल रहे बिजली प्लांट की वजह से आने वाले दिन मुश्किल भरे साबित हो सकते हैं। संकट की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मेट्रो ट्रेन और अस्पतालों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति में संभावित बाधा आने को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने स्थिति का आकलन करने के लिए गुरुवार को एक आपातकालीन बैठक की और केंद्र को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करे।

इसके साथ ही एक सरकारी बयान में कहा गया है कि दादरी-द्वितीय और ऊंचाहार बिजली स्टेशनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण दिल्ली मेट्रो और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों सहित कई आवश्यक संस्थानों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो सकती है। जैन ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली में बिजली की 25-30 प्रतिशत मांग इन बिजली स्टेशनों के माध्यम से पूरी की जा रही है। वे कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि लोगों को राजधानी के कुछ इलाकों में बिजली की कमी का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने कहा कि ये बिजली स्टेशन दिल्ली के कुछ हिस्सों में बिजली कटौती को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और गर्मी के मौसम में दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी), अस्पतालों और लोगों को बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने लिए भी जरूरी हैं। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के दादरी-द्वितीय और झज्जर (अरावली) की स्थापना मुख्य रूप से दिल्ली में बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए की गई थी। मंत्री के अनुसार इन बिजली संयंत्रों में भी कोयले का बहुत कम भंडार बचा है।

बताते चलें कि दादरी-द्वितीय, ऊंचाहार, कहलगांव, फरक्का और झज्जर बिजली संयंत्र दिल्ली को प्रतिदिन 1,751 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करते हैं। राजधानी को सबसे अधिक 728 मेगावाट की आपूर्ति दादरी-द्वितीय बिजली स्टेशन से होती है, जबकि 100 मेगावाट ऊंचाहार स्टेशन से प्राप्त होती है। नेशनल पावर पोर्टल की दैनिक कोयला रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी बिजली संयंत्रों को कोयले की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही भीषण गर्मी के साथ, देश के कई हिस्सों में बिजली की कटौती शुरू हो गई है। क्योंकि राज्य बिजली की रिकॉर्ड मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के उपायों के अलावा, केंद्र सरकार ने राज्यों को 'इन्वेंट्री' बनाने के लिए अगले तीन वर्षों के लिए अपने आयात को बढ़ाने को कहा है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने कहा कि देश भर के ताप विद्युत संयंत्र कोयले की कमी से जूझ रहे हैं। इससे देश में बिजली संकट उत्पन्न होने की आशंका बढ़ रही है।

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