Diabetes in India : 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर मंडराया बड़ा खतरा, डराने वाली है IDF की रिपोर्ट

Diabetes in India : 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर मंडराया बड़ा खतरा, डराने वाली है IDF की रिपोर्ट
Diabetes in India : कोराना महामादी काल में देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किये, लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आ रहे हैं। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन ( IDF ) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत ( India ) में टाइप 1 डायबिटीज ( Type one Diabetes in India ) बड़ी समस्या के रूप में उभरकर सामने आई है।
2.29 लाख से ज्यादा बच्चे टाइप वन पीड़ित
साल 2021 में टाइप वन डायबिटीज ( Type one Diabetes ) के कारण दुनियाभर में डायबिटीज से 67 लाख से ज्यादा लोगों की मौतें हुई थीं। ये मौतें 20 से 79 साल की उम्र के लोगों की थी। दुनियाभर में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और किशोरों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। 2021 तक दुनियाभर में 12.11 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोर टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रहे थे। इनमें से आधे से ज्यादा की उम्र 15 साल से कम है। इस बीमारी से पीड़ित होने वाले कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। भारत में 2.29 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोरों को टाइप 1 डायबिटीज ( Type one Diabetes in India ) है। ये संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसके बाद अमेरिका और ब्राजील का नंबर आता है। अमेरिका में 1.57 लाख और ब्राजील में 92,300 लोगों को टाइप 1 डायबिटीज है।
India : 2021 में 24000 नये मरीज आये सामने
बता दें कि दरअसल, डायबिटीज दो तरह की होती है। टाइप 1 और टाइप 2। टाइप 1 डायबिटीज कम उम्र में ही होती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को जीने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। टाइप 2 से जूझ रहे लोगों का दवाओं और थैरेपी के जरिए इलाज तो हो सकता है, लेकिन इन्हें भी इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। बीते साल भारत में टाइप 1 डायबिटीज के 24 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं। यानी हर दिन 65 से ज्यादा बच्चे और किशोर टाइप 1 डायबिटीज का शिकार बन रहे रहे हैं।
इलाज की सुविधा से दूर हैं 53% भारतीय मरीज
IDF की रिपोर्ट ( IDF report ) के अनुसार भारत में 7.4 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। डायबिटीज रोगियों की संख्या के मामले में दुनियाभर में भारत दूसरे नंबर पर है, जहां सबसे ज्यादा डायबिटीज पीड़ित हैं। 2045 तक डायबिटीज पीड़ितों की संख्या साढ़े 12 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। इंडिया में डायबिटीज से जूझ रहे साढ़े 7 करोड़ लोगों में से 3.94 करोड़ यानी 53 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है।
डायबिटीज से सुबसे ज्यादा मौतें चीन में
2021 में दुनियाभर में डायबिटीज ( Type one Diabetes ) से 67 लाख मौतें हुईं। इनमें सबसे ज्यादा 14 लाख मौतें चीन में हुई थीं। इसके बाद 7 लाख मौतें अमेरिका और 6 लाख मौतें भारत में हुई थीं। पाकिस्तान में 4 लाख और जापान में 2 लाख से ज्यादा मौतें डायबिटीज से हुई थीं।
ये हैं टाइप 1 डायबिटीज लक्षण
टाइप 1 डायबिटीज ( Type one Diabetes ) होने पर शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। ये बीमारी आमतौर पर कम उम्र में या छोटे बच्चों में होती है लेकिन कई बार ये वयस्कों और ज्यादा उम्र के लोगों को भी हो सकती है। टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को अपने खून में ग्लूकोज की मात्रा बनाए रखने के लिए हर दिन इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। बिना इंसुलिन के इंजेक्शन के ऐसे लोगों का जी पाना मुश्किल होता है। बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, तेजी से वजन कम होना, ये सारे टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण हैं। इनके अलावा थकान होना, ज्यादा भूख लगना और धुंधला दिखाई देना भी इसके लक्षण हैं।
टाइप वन डायबिटीज : ICMR की गाइडलाइन
टाइप 1 डयबिटीज ( Type one Diabetes in India ) की गंभीरता को देखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ICMR ने नई गाइडलाइन जारी की है। आईसीएमआर की गाइडलाइन में लोगों साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देने को कहा गया है। साथ ही टाइप 1 मरीज के संपर्क से दूर रहने को कहा गया है। ICMR की ये गाइडलाइन ऐसे समय आई है जब एक बार फिर से कोरोना के मामलों में गति आने की संभावना है। डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के कोरोना संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।











