Ed Raid on VIVO: चीनी मोबाइल कंपनी VIVO पर ईडी का बड़ा एक्शन, देशभर में 44 ठिकानों पर छापा

Ed Raid on VIVO: चीनी मोबाइल कंपनी VIVO पर ईडी का बड़ा एक्शन, देशभर में 44 ठिकानों पर छापा
Ed Raid on VIVO: VIVO मोबाइल कंपनी व उससे संबंधित कई चाइनीज कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को ईडी द्वारा 40 से ज्यादा लोकेशन पर छापेमारी चल रही है। बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल, मध्यप्रदेश, पंजाब व हरियाणा सहित कई राज्यों में छापेमारी चल रही है।
ED मुख्यालय में चाइनीज कंपनी से जुड़ा ये एक नया मामला दर्ज हुआ है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत छापेमारी की जा रही है। पिछले दिसंबर में आयकर विभाग ने भी वीवो और अन्य चीनी मोबाइल फोन निर्माताओं के परिसरों पर छापेमारी की थी। आयकर विभाग ने आरोप लगाया था कि 500 करोड़ रुपये से अधिक की आय की गलत घोषणा की गई। आरोप है कि रॉयल्टी के नाम पर पैसे की हेराफेरी की जा रही है।
शाओमी पर भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले ईडी ने मोबाइल कंपनी शाओमी (Xiaomi) पर भी कार्रवाई की थी। कंपनी ने शाओमी की 5,551 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। चीन की स्मार्टफोन मेकर कंपनियों पर रॉयल्टी के नाम पर देश से बाहर पैसा भेजने और टैक्स चोरी करने का आरोप है। इसके मद्देनजर कई बार शिकायत भी की गई थी। जिससे सरकार ने चीन की कंपनियों के खिलाफ जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में वीवो के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है।
चीनी कंपनियों का दबदबा
भारत के मोबाइल फोन मार्केट में चीनी कंपनियों का दबदबा है। इनमें शाओमी (Xiaomi), ओप्पो (Oppo) और वीवो (Vivo) शामिल हैं। भारत में इन कंपनियों की अच्छी कमाई हो रही है लेकिन टये कंपनियां टैक्स नहीं देती हैं। सरकार ने इसको लेकर एक बड़ी जांच शुरू की थी। यह जांच कई एजेंसियां कर रही हैं। इन कंपनियों पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेगुलेटरी फाइलिंग और दूसरी तरह की रिपोर्टिंग में अनियमितता बरतने का आरोप है। साथ ही कंपनी के बिजनेस पर भी सरकार की नजर है।
इनकम टैक्स छुपाने का आरोप
चीनी मोबाइल कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने इनकम की जानकारी छुपा कर रखी है। टैक्स ना देना पड़े इसके लिए प्रॉफिट की जानकारी नहीं दी। भारतीय बाजार की कंपनियों के बाजार को खत्म करने के लिए अपने दबदबे का इस्तेमाल किया। इन कंपनियों पर कंपोनेंट्स लेने और प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रिब्यूशन में पारदर्शिता नहीं बरतने का भी आरोप है। चीनी कंपनियों ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की फाइलिंग में घाटा दिखाया है। जबकि कंपनी की इस दौरान कापी अच्छी बिक्री रही है।











