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Job Fraud Cases In Sept 2021 : सितंबर 2021 में नौकरी के नाम पर ठगी के वो मामले जिन्होंने सबको हैरान कर दिया

Janjwar Desk
9 Nov 2021 3:27 PM GMT
Himachal Pradesh Crime News : प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों ने युवती से ठगे 16 हजार रुपए
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ठगों ने युवती से ठगे 16 हजार रुपए (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Job Fraud Cases In Sept 2021 : नौकरी देने के नाम पर अपराधियों ने सितंबर माह में लोगों से जमकर ठगी की। ठगी करने वालों के गिरोह देश के कोने-कोने में एक्टिव हैं।

Job Fraud Cases In Sept 2021 : भारत में आए दिन नौकरियों के नाम पर लाखों करोड़ों की ठगी के मामले सामने आते रहते हैं जिसमें पीड़ितों को कई तरह से नौकरी का झांसा देकर फसाया जाता है। उनसे अच्छी खासी बड़ी रकम लेकर ठगी करने वालों का शातिर समूह भारत के सभी कोनों में फैला हुआ है। पिछले 2 महीने अगस्त और सितंबर में हुए ठगी के कई मामले सामने आए हैं। जिसमें ठगी करने वाले समूह ने फर्जी अधिकारी बनकर या सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों की रकम जमा करवाई और फरार हो गए।

एक महिला ने फर्जी वकील बनकर की 5.10 लाख रुपए की ठगी

30 सितंबर : चेन्नई में कन्याकुमारी की एक महिला जे स्टेला उर्फ स्टेफी ने खुद को वकील बता कर कहा वह नौकरशाहों और राजनेताओं के करीब है। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक उसने सफाई कर्मचारियों को उनकी नौकरी स्थाई बनाने का और दूसरे लोगों को स्वच्छता निरीक्षक और निगम पर्यवेक्षक में पद दिलाने का वादा किया। जहां उसने 35 लोगों से 1.8 करोड़ रुपए की ठगी की। कुल 5.10 लाख रुपए की ठगी की। सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने सेलाइयुर के ई बूपैथी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर, उसे चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। न्यायिक हिरासत में भेजने से सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने औरत के पास से 11 लाख रुपए के आभूषण और 90 हजार रुपए नगद किए।

ई-कॉमर्स कंपनी में नौकरी लगवाने के नाम पर 3.4 लाख रुपए लूटे

29 सितंबर : यह मामला मुंबई के वडाला में स्थित सीजीएस कॉलोनी का है। 30 अगस्त को 26 वर्षीय व्यक्ति को SMS के द्वारा प्रतिष्ठित ई कॉमर्स फॉर्म में ऑनलाइन अंशकालिक नौकरी के लिए 8 हजार मासिक आय का झांसा देकर एक प्रस्ताव भेजा गया। संदेश में दिए गए लिंक पर पीड़ित ने रजिस्ट्रेशन करवाया। जिसके बाद अलग-अलग लोगों ने खुद को ई-कॉमर्स कंपनी से होने का दावा करते हुए पीड़ित को भारी बोनस कमाने के लिए अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद कुल 3.5 लाख रुपए की लेनदेन हुई। आगे कोई बातचीत ना होने पर पीड़िता को एहसास हुआ उसके साथ धोखा हुआ है। जिसके बाद रफी अहमद किदवई मार्ग पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।

आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई 32 लाख की ठगी

28 सितंबर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बीरनो थाने के तारवां गाँव के निवासी रामानंद प्रभुनाथ की मुलाकात चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के ताजपुर गांव के निवासी उमेश राम से हुई। रामानंद ने उसे बताया कि बाल एवं पुष्टाहार विभाग में नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है जहां मेरे अच्छे संबंध है। रामानंद ने कहा हम कई लोगों को आंगनवाड़ी और सुपरवाइजर की नौकरी दिला देंगे। नौकरी पाने के लालच में उमेश सहित कई लोग रामानंद के झांसे में आ गए। नौकरी पाने के लिए रामानंद के बताए अनुसार उमेश और उसके 21 नजदीकी लोगों ने मार्च से अप्रैल 2021 तक उसके खाते में 32 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। नौकरी ना मिलने पर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर अविनाश सिंह ने कहा आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और तलाश जारी है। आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश MO को दिया गया है।

एंबुलेंस सेवा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

27 सितंबर : राजधानी लखनऊ में एंबुलेंस सेवा में नौकरी दिलाने के नाम पर दो व्यक्तियों से ठगी की गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक मामला लखनऊ बस्ती के हल और नगर निवासी मनोज कुमार अजय कुमार चौधरी से ठगी हुई। मनोज के मुताबिक 2019 में वह दो अजय कुमार के साथ आशियाना पावर स्थित जीवीकेइएमआरआई (GVKEMRI) कंपनी के कार्यालय रहे थे। जहां उनकी मुलाकात निदेशक कालिंदी कृष्णन राजू, यूपी प्रभारी एसके रेड्डी, एचआर हेड लिंगराज और कमला सुंदरम से हुई थी। जहां मनोज को इमरजेंसी टेक्नीशियन और अजय को एंबुलेंस चालक के पद पर भर्ती करने की बात की गई। शैक्षणिक दस्तावेज देखने के साथ इंटरव्यू भी लिया गया। कहा गया 5 दिन के प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति मिल जाएगी इसके बदले मनोज से 40000 और अजय से 25000 का डिमांड ड्राफ्ट लिया गया। मेडिकल टेक्नीशियन के लिए वेतन 18700 रुपए और एंबुलेंस चालक के लिए 10700 रुपए बताया गया। जनवरी में प्रशिक्षण हुआ और प्रमाण पत्र भी दिया गया। लेकिन डेढ़ साल के बाद भी नौकरी ना मिलने के कारण जब कंपनी हेड से बात की गई, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। युवकों के रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकाया गया। पीड़ितों ने मामला आशियाना थाने में दर्ज कराया। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए।

विदेश होटलों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी

26 सितंबर : नोएडा के सेक्टर 12 निवासी प्रशांत रावत से ठगी का मामला सामने आया। प्रशांत रावत की मुलाकात सेक्टर 12 में ही जेड ब्लॉक में रहने वाले रोहित से हुई थी। रोहित ने उससे कहा था कि उसकी विदेश के होटल में नौकरी लगवा देगा। जिसके लिए प्रशांत ने उसे ₹25000 दिए। रुपए लेने के बाद रोहित लापता हो गया। प्रशांत ने रोहित के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला वह अन्य युवकों के साथ भी इसी तरह की ठगी कर चुका है। जिसके बाद नजदीकी थाने में इसकी जानकारी दी गई और एडीसीपी रणविजय सिंह ने कहा आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस में नौकरी लगवाने के लिए 3 लाख रुपए वसूले

25 सितंबर : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक युवती से तीन लाख रुपये का ठगी का मामला सामने आया। युवती को पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा गया। साथ ही जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने की कोशिश की गई। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक युवती की मुलाकात शाहजहांपुर में बेटू त्रिपाठी पर हुई जिसने बताया कि वह पुलिस में नौकरी करता है और बड़े अधिकारियों से उसकी जान पहचान है। जिसके बाद उसने 5 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात कही और अपनी सीनियर वंदना नाम की महिला से मिलवाया। तय किया गया 3 लाख रुपए युवती पहले देगी और 2 लाख रुपए कॉल लेटर आने के बाद देगी। बताए अनुसार युवती ने 3 लाख रुपए दे दिए। 10 अक्टूबर 2019 को बेटू त्रिपाठी ने पीड़िता को अपने कमरे में बुलाकर हरीनाम त्रिपाठी से मुलाकात करवाई। जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई। युवती बचकर भाग गई। 2 महीने बाद फोन किया तो सभी आरोपियों के नंबर स्विच ऑफ थे। यूपी ने कैंट थाने में पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद एसएसपी के आदेश पर पांचों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

2 नर्सों से सरकारी नौकरी के नाम पर 1 लाख रुपए की ठगी

24 सितंबर : उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद के थाना क्षेत्र कवि नगर से भी नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया। पांडव नगर में शातिरों ने नामी अस्पताल की 2 नर्सों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 1 लाख रुपए ठग लिए। पीड़िता का आरोप है, अस्पताल में नर्सिंग विभाग की हेड के पति ने उनसे सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 1 लाख रुपए ठगे। आरोपी ने दोनों को स्वास्थ्य विभाग में नर्स की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। जिसके लिए 1 लाख रुपए लिए, लेकिन नौकरी ना लगने पर नर्सों ने विरोध किया तो मारपीट की धमकी मिली। इसके बाद 15 सितंबर को थाना कवि नगर में शिकायत दर्ज कराई सीओ कविनगर अंशु जैन ने कहा मामले की जांच जारी है।

पोलैंड में नौकरी लगवाने के नाम पर बुजुर्ग से ठगे 6.28 लाख रुपए

23 सितंबर : नोएडा में पोलिंग में नौकरी लगवाने के नाम पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग से 6.28 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने ईमेल के जरिए बुजुर्ग को एक कंपनी में सेल्स व मार्केटिंग हेड बनाने का झांसा दिया। जिसके लिए आरोपियों ने अलग-अलग कारण बताकर 6.28 लाखों रुपए की ठगी की। नौकरी ना मिले पर ठगी का अहसास हुआ, तो पीड़ित ने कोतवाली सेक्टर 39 में शिकायत दर्ज कराई पुलिस का कहना है अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट व धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।

कोर्ट में क्लर्क की नौकरी लगाने के नाम पर 7.50 लाखों रुपए की ठगी

22 सितंबर : छत्तीसगढ़ के मैनपुरा निवासी दिलीप उपाध्याय ने आवेदकों के पढ़े लिखे बेरोजगार पुत्रों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। जुलाई 2019 में गुप्त भर्ती परिवार न्यायालय बेमेतरा में क्लर्क के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर पांच 5,00,000 रुपये की डिमांड की गई। दोनों पीड़ितों से कुल 7.50 लाख रुपए ठगे गए। ठगी की जानकारी मिलने के बाद रिपोर्ट थाना कुंडा में दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई। आरोपी के घर में मौजूद होने की सूचना मिलते ही रेड करवाई गई और तत्काल आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया।

एयरफोर्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 हजार ठगे

21 सितंबर : उत्तर प्रदेश के कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में भी ठगी का मामला सामने आया। कसिया गाँव की रहने वाली महिला से उसके दूर के रिश्तेदार ने ही बेटे को एयरफोर्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 15000 रुपए की ठगी की। नौकरी ना मिलने पर 6 महीने बाद रकम वापिस मांगी गई तो माँ बेटे दोनों को कमरे में बंद करके पीटा गया। मामले की जानकारी कोखराज थाना में दी गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।

क्लर्क की नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी

20 सितंबर : हरियाणा के नारनौल के बरवाला क्षेत्र के गांव बाधावड़ में एक युवक से नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी की गई। सुनील कुमार ने 2013 में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में क्लर्क की नौकरी के लिए फॉर्म भरा था। उसके मामा ने कहा वह उसकी नौकरी लगवा देगा। जिसके लिए सुनील ने उसे 10 लाख रुपए दिए। 2018 तक आरोपी झूठा आश्वासन देता रहा, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। 2019 में दोबारा हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में नौकरी निकली, लेकिन उसमें भी नौकरी नहीं लगवाई। पैसे वापस मांगने पर आरोपी आनाकानी करने लगा। तब मार्च 2021 में पंचायत करने पर साढ़े 8 लाख चेक के रूप में दे दिए लेकिन वह बैंक खाते बने मिले जिसके बाद धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार

19 सितंबर : दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस इंस्पेक्टर आरके सिंह ने बताया इंडियन रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों की एक बड़ी गैंग है जिसका मुखिया फिरोज खान है। पुलिस में 40 लोगों ने शिकायत की थी कि इस गैंग ने उनसे 2.44 करोड़ रुपए की ठगी की है। मुख्य आरोपी ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। उन्हें इंडियन रेलवे में नौकरी देने के बहाने ठगा करता था। खुद को सीनियर आईएएस अधिकारी बताता और सरकारी नौकरी लगवा देने का वादा करता था जिसके लिए लाखों रुपए की मांग करता था।

यह आरोपी रकम मिलने के बाद फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर देहरादून में फर्जी ट्रेनिंग करवाता था। 3 महीने की ट्रेनिंग के बाद जब ये लोग जमशेदपुर के टाटा नगर स्थित डीआरएम ऑफिस पहुंचे तो उन्हें बताया गया, कि इनकी रेलवे में कोई नौकरी नहीं लगी है। जो इन्हें जॉइनिंग लेटर दिए गए हैं, वह सब फर्जी है और रेलवे बोर्ड ने कोई वैकेंसी नहीं निकाली है। सीटों की शिकायत के आधार पर 21 जनवरी को धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इस गैंग के बारे में जानकारी जुटाई। जिसके बाद ग्रेटर नोएडा से आरोपी को ट्रेस कर लिया गया और ठगी के इस रैकेट में शामिल दो जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

वन विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी

18 सितंबर : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में वन विभाग की नौकरी देने का नाम पर युवक के साथ ठगी की गई। आरोपियों का नाम सोमनाथ और संजय था। सोमनाथ ने खुद को वन विभाग के बोलपुर विभाग का मंडल वन अधिकारी एवं संजय ने खुद को रेंजर बताते हुए दिव्यांशु आचार्य नामक युवक को शिकार बनाया। नौकरी का झांसा देकर 300000 रुपए वसूले, साथ ही उसे बीरभूम में तैनात भी किया था। युवक को उसके साथ हुई ठगी का पता चलने के बाद उसमें अगस्त महीने में कोकोवेन थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें दुर्गापुर कोर्ट में पेश किया गया। जहाँ दोनों ने जमानत याचिका दी। लेकिन उसे नामंजूर कर दिया गया और 14 दिनों के लिए रिमांड पर भेजा गया।

विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 40 हज़ार रुपए लूटे

17 सितंबर : उत्तर प्रदेश के जासं बस्ती से भी ठगी का मामला सामने आया। हरैया के बेलवरिया निवासी संदीप कुमार के साथ चंडीगढ़ की कंपनी के कुछ लोगों ने उसे कनाडा में नौकरी दिलाने के झांसे में लेकर 40000 रुपए ले लिए। ठगी का पता चलने पर पैसे वापस मांगे लेकिन जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इसके बाद हरैया के पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने चंडीगढ़ की एक कंपनी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

21 महिलाओं से दवा कंपनी में नौकरी के नाम पर ठगी

16 सितंबर : उत्तर प्रदेश के बागपत में दवा कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर युवक और युवती ने जौनमाना गाँव की 21 महिलाओं से 5100 – 5100 रुपए ठग लिए और प्रति माह दो- दो हजार रुपए वेतन देने का भी झांसा दिया। बहुत दिनों तक नौकरी और वेतन का पता ना चलने पर महिलाओं ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके बाद कोतवाल रवि रतन ने मामले की जांच शुरू कर दी गई।

नौकरी दिलाने के लिए वसूले 70000 रुपए

15 सितंबर : लखनऊ के प्रशांत नाम का युवक नौकरी की तलाश कर रहा था। उस दौरान उसने इंटरनेट मीडिया पर कुछ पोस्ट डाले थे जिसके बाद उसकी बात अनुराग से हुई। अनुराग ने jobin.Lucknow से संपर्क करें कहा, जिसके बाद प्रशांत ने कंपनी की एचआर कविता नयाल से भेंट की। कविता ने बताया कि ग्राम पंचायत विभाग में नौकरी के लिए 70 हजार रुपए लगेंगे। झांसे में आकर प्रशांत ने खाते में ₹70000 जमा करवा दिए। नौकरी ना मिलने पर पैसे मांगने के लिए प्रशांत मैं दोबारा कविता से मुलाकात की, जिस पर कविता ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए उसे चुप रहने को कहा। ठगी का पता चलने के बाद प्रशांत ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर 10,00,000 रुपए की ठगी

14 सितंबर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सीजीएम विमल त्रिपाठी ने बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नियुक्त पत्र देकर 10 लाख की ठगी की। वादी नाम के व्यक्ति के दोनों पुत्र बेरोजगार थे। आरोपी ने बताया था कि वह उसके दोनों पुत्रों को बैंक में नौकरी पर लगवा देगा। जिसके लिए 500000 रुपए नियुक्ति से पहले तथा पांच लाख रुपए नियुक्ति के बाद देने का फैसला हुआ। 500000 रुपए लेने के 1 महीने बाद ही आरोपी ने वादी के दोनों पुत्रों को पीएनबी बैंक का फर्जी नियुक्ति पत्र ला कर दिया और बाकी पांच लाख रुपए भी ले लिए। बैंक जाने पर सच का पता चला, जिसके बाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख की ठगी

13 सितंबर : उत्तराखंड के कोतवाली क्षेत्र के कुरड़ी गांव के निवासी संजय सैनी ने पुलिस को बताया कि उसका हाईवे के किनारे एक ढाबा है। 25 जून 2020 ढाबे पर एक युवक आया था। उसने खुद को सेना का अधिकारी बताया। उसने कहा यदि कोई सेना में जाना चाहता है, तो वह उसकी भर्ती करवा देगा। इस पर संजय सैनी ने अपने बेटे गौरव सैनी के लिए बात की, जिसके बदले 3 लाख रुपए की मांग की गई। संजय ने डेढ़ लाख रुपए उसके खाते में डलवा दिए। कुछ दिन बाद बेटे को दिल्ली में मेडिकल के लिए बुलाया और 50 हजार वहाँ भी ले लिए। लेकिन दिल्ली में कोई मेडिकल नहीं कराया गया। इस दौरान उसने 1 लाख रुपए और लेकर बेटे को गुजरात बुला कर फर्जी जॉइन लेटर भी दे दिया। एक महीना गुजरात में रहने के बाद बेटे की कोई जॉइनिंग नहीं हुई। पता चला उसे फर्जी जॉइनिंग लेटर दिया गया है। पैसे वापस मांगने पर युवक को धमकी देकर भगा दिया गया। बेटे ने घर पहुंचने के बाद मामले की सारी जानकारी अपने पिता को दी। जिसके बाद सोनू पुंडीर, उसकी पत्नी वर्षा मलिक और अनिरुद्ध के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।

मीडिया चैनल के अधिकार देने के नाम पर 3 करोड़ की धोखाधड़ी

12 सितंबर : हरिद्वार में रिलायंस कंपनी के नाम पर एक युवक से 3 लाख से भी अधिक की धोखाधड़ी का मामला पुलिस ने दर्ज किया। पुलिस ने रिलायंस कंपनी के हेड समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हरिद्वार के शांतरशाह गाँव के निवासी अमित सैनी की आस्था कॉन्प्लेक्स में अमित एंटरप्राइजेज के नाम की फर्म है। मई 2020 में पथरी गाँव के सहदेवपुर निवासी चरणजीत सिंह उसके कार्यालय में आकर मिला, जिसने बताया रिलायंस कंपनी उत्तराखंड में अपना प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है। जिसमें वॉयरलैस सेटअप बॉक्स, टीवी, जीपीएस, स्पीकर का कार्य बड़े पैमाने पर किया जाएगा। उन्होंने अमित को हरिद्वार जिले के समस्त रिलायंस डिजिटल मीडिया एवं मीडिया चैनल के अधिकार देने का प्रस्ताव रखा। जिसके लिए मीडिया कंपनी पंजीकृत करवाने के लिए दो करोड़ रुपए जमा करवाएं। जिसके बाद दूसरी कंपनी में भी रुपए जमाने के लिए कहा गया। जिसमें अमित ने एक करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई। कई दिनों तक एग्रीमेंट का काम शुरू ना करने के कारण अमित ने अश्विनी कुमार चौबे व उनकी टीम से संपर्क किया। जिसके बाद अमित को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। अमित ने पुलिस थाने में केस दर्ज कराया। जिसके बाद शिकायत के आधार पर 12 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपए लिए

11 सितंबर : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में माधव कुमार ने आरोपी विजय सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर 2019 में 2 किस्तों में पुलिस की नौकरी लगवाने के नाम पर 300000 रुपए दिए। बाद में नौकरी को लेकर पूछताछ करने पर आरोपी झांसा देता रहा। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में फरियाद की। जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू हो गई है।

हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 6 लाख रुपए की ठगी

10 सितंबर : उत्तर प्रदेश राज्य के करछना के खाई गाँव के निवासी मुकेश द्विवेदी ने पुलिस को बताया कि जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में उसकी मुलाकात समीक्षा अधिकारी सुशील मिश्रा से हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती चल रही थी। कुसुम मिश्रा ने जिसमें रुपए खर्च करने पर नियुक्ति कराने का वादा किया। अक्टूबर 2015 में उसने वह गांव के साथी पंकज द्विवेदी, विनय सिंह, वसीम अली, लाल साहब व विजय कुमार ने उन्हें साढ़े 6.5 लाख रुपए दे दिए। लेकिन 4 साल बीतने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली। पैसे वापस मांगने पर झूठा आश्वासन मिलता रहा। बाद में इस धोखे की रिपोर्ट पीड़ितों ने केंट थाने में कराई। 9 सितंबर को केस दर्ज कराया गया था। पुलिस जांच में लगी है।

कोरिया में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी

9 सितंबर : छत्तीसगढ़ में विष्णु गुप्ता और उसके साथियों ने मिलकर चिरमिरी क्षेत्र के पंचराम और अन्य कई व्यक्तियों को कोरिया में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए वसूले। धोखाधड़ी का पता चलने पर पंचराम ने कोरिया पुलिस चौकी में 2016 में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और बैकुंठपुर कोर्ट में पेश किया गया।

रिलायंस जिओ कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 60 लाख रुपए ठगे

8 सितंबर : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिलायंस जिओ कंपनी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले चार आरोपियों को को साइबर क्राइम पुलिस ने गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। इस मामले की शिकायत भोपाल के एक बेरोजगार युवक ने की थी। युवक से आरोपियों ने रिलायंस जिओ कंपनी में नौकरी दिलवाने की बात पर तमाम तरह के आईडी बनवाने के लिए 71000 अपने खाते में ट्रांसफर करवाएं। रकम मिलने के बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। ठगी का पता चलते ही युवक ने नजदीकी थाने में कराई। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि आरोपियों का यह गैंग लगभग 8 महीने से इस कार्य में लगा हुआ है। जो गाजियाबाद में स्थित एक किराए के मकान में कॉल सेंटर चलाते हैं और उसके द्वारा अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इस दौरान गिरोह ने बेरोजगारों से करीब 70 लाखों रुपए ठगे पुलिस को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बेरोजगारों के साथ ठगी की जानकारी मिली थी।

रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 22 लाख ठगे

7 सितंबर : मध्य प्रदेश के मंदसौर के कोठारी नगर में रहने वाला 25 वर्षीय यशवंत गोपाल से मदन लाल माली और कांग्रेस के सेवादल जिला अध्यक्ष बालू दास बैरागी ने अपने अन्य 2 साथी के साथ मिलकर पश्चिम रेलवे में ग्रुप सी और ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए वसूल थे। धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पीड़ित ने कोठारी नगर के पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने बैरागी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वही दो आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच में पता चला कि अभी तक यह गिरोह 5 युवकों से 22 लाख रुपए ठग चुका है।

एप्टेक लर्निंग इंस्टीट्यूट ने छात्रों से कोर्स करवाकर नौकरी दिलाने के नाम पर की धोखाधड़ी

6 सितंबर : कानपुर के एप्टेक लर्निंग इंस्टीट्यूट ने छात्रों को एविएशन कोर्स करवाकर नौकरी दिलाने के नाम पर 200 से ज्यादा छात्रों से लाखों रुपए की ठगी की। कानपुर नगर में एप्टेक लर्निंग इंस्टीट्यूट की फ्रेंचाइजी चलाने वाली निकिता गुप्ता और मैनेजर वीरेंद्र गुप्ता ने न हीं कोर्स पूरा करवाया न ही नौकरी लगवाई। कोर्स के नाम पर उनसे लाखों रुपए जमा कराए गए। कानपुर के माल रोड पर स्थित इस इंस्टीट्यूट में करीब 200 से ज्यादा बच्चे साल 2018 से पढ़ रहे थे। लेकिन पिछले महीने जुलाई में अचानक संस्थान बंद कर दिया गया और ताला लगा दिया गया। छात्रों ने कानपुर पुलिस थाना में लिखित शिकायत की। छात्रों ने कहा मोटी फीस वसूलने के बाद भी कोर्स का कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। पुलिस मामले की जांच में लगी है।

सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी

5 सितंबर : फतेहाबाद के हसंगा गांव के निवासी युवक के साथ पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। मुकेश सिंह अनाज मंडी में एक दुकान पर मुनीम का काम करता है। कुछ दिन पहले उसकी मुलाकात वीरेंद्र कुमार के साथ हुई थी। वीरेंद्र ने बताया वह बिजली विभाग में एएनएम के पद पर तैनात है और वह मुकेश के भाई को भी नौकरी दिलवा सकता है। जिसके बदले उसने 700000 रुपए की मांग की। वीरेंद्र ने झांसा दिया कि उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। वह मुकेश के भाई राकेश को डाक विभाग में नौकरी पर लगवा देगा। झांसे में आकर मुकेश में 500000 उसके बैंक अकाउंट में डाल दिए। जबकि 2 लाख रुपए वीरेंद्र को कैश दिया गया। काफी समय बाद नौकरी ना लगने पर, पैसे मांगने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला जिसके बाद धोखाधड़ी का केस फाइल किया गया।

फर्जी भर्ती निकालकर 40 लोगों को ठगा

4 सितंबर : लखनऊ के हजरतगंज से भी ठकी का मामला सामने आया था। वन विभाग में वन संरक्षण वन दरोगा ववन पाल की फर्जी भर्ती निकालकर ठगी करने वाले 3 लोगों को यूपी एटीएस ने लखनऊ के हजरतगंज इलाकों से गिरफ्तार किया। गिरोह के पास वन विभाग से जुड़े तमाम दस्तावेज और 400 से अधिक अभ्यर्थियों की मार्कशीट, आधार कार्ड, 90 तरह के फर्जी आदेश कॉपियां बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक पूरा गैंग अब तक 35 से 40 युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर एक करोड़ से अधिक की रकम वसूल चुका है।

सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

3 सितंबर : रांची (झारखंड) के नामकुम थाना क्षेत्र में सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम संदीप संधू है और वह उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ठगी करने वाले गिरोह नाम को मिलाकर मैं किसी युवक को सेना के नाम पर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

नौकरी के नाम पर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

2 सितंबर : हरियाणा के थाना आजाद नगर की पुलिस की टीम ने आईटीआई मैं डीसी रेट पर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में गैबीपुर निवासी कृष्ण कुमार को थाना आजाद नगर में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया। चिकन वास के निवासी सुनील ने शिकायत दी थी कि आरोपी कृष्ण कुमार ने उसे और निवासी अजय को आईटीआई ने डीसी रेट पर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 80000 रुपए ठगे हैं और वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

सरकारी नौकरी का झांसा देकर लूटे लाखों रुपए

1 सितंबर : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला ने कुछ युवकों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपए वसूले। महिला के साथ उसका पति भी शामिल था। यह दोनों सीधे साधे पैसे वाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे और उन्हें जरूरत के मुताबिक कई सरकारी नौकरियां बताई जाती थी और बदले में लाखों रुपए की वसूली की जाती थी। बाद में महिला 3 से 4 महीने के अंदर ही अपना पता बदल देती थी। जिससे कि पीड़ित उसकी तलाश नहीं कर पाते थे। नौकरी ना लगने पर पीड़ित द्वारा पैसे वापस मांगने पर महिलाओं के धमकाते थी और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देती थी। महिला ने कुछ युवक से नौकरी लगवाने के 2 लाख रुपए लिए। नौकरी ना लगने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसके बाद पुलिस ने महिला को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।

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