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251 रुपये में स्मार्टफोन देने का वादा कर चूना लगाने वाला फ्रॉड फिर कर रहा था ठगी का धंधा, हुआ गिरफ्तार

Janjwar Desk
14 Jan 2021 3:33 AM GMT
251 रुपये में स्मार्टफोन देने का वादा कर चूना लगाने वाला फ्रॉड फिर कर रहा था ठगी का धंधा, हुआ गिरफ्तार
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(file photo) source: social media

लगभग 30,000 लोगों ने फ्रीडम 251 नाम के इस फ़ोन के लिए बुकिंग की थी लेकिन किसी को आज तक वो फ़ोन देखने को भी नहीं मिला, यह फ्रॉड करने वाला शख्स फिर पकड़ा गया है...

जनज्वार। महज 251 रुपये में स्मार्टफोन देने का वादा करने वाला तो सबको याद होगा।आज से क़रीब 5 साल पहले एक कंपनी द्वारा मात्र 251 रुपये में स्मार्टफोन देने की घोषणा करने से संबंधित एक ख़बर ने सबको हैरत में डाल दिया था। फ़ोन का नाम फ़्रीडम 251 था।

लगभग 30,000 लोगों ने इस फ़ोन के लिए बुकिंग की थी लेकिन किसी को आज तक वो फ़ोन देखने को भी नहीं मिला। यह फ्रॉड करने वाला शख्स पकड़ा गया है। वह फ्रॉड 251 रुपये वाले स्मार्टफोन का फ्रॉड कर लोगों को चूना लगाने के बाद अब व्यापारियों को ड्राइफ्रूट्स के बिजनेस के नाम पर ठग रहा था। इस ठग को अंततः गिरफ्तार कर लिया गया है।

251 रुपये में स्मार्टफोन देने की बात कर फ़ोन फ़्रॉड करने वाला शख्स मोहित गोयल था। फोन फ़्रॉड करने वाला मोहित गोयल एक बार फ़िर से सुर्खियों में है और इस बार भी वजह एक फ़्रॉड ही है, मगर कुछ दूसरे किस्म का।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फोन फ्रॉड करने वाले उसी मोहित गोयल को इस बार पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में मामले में गिरफ्तार किया है। मोहित ने इस बार ड्राई फ़्रूट के बिजनेस के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों के हजारों कारोबारियों को चूना लगाया है। नोएडा पुलिस के अनुसार मोहित अपने पांच साथियों के साथ नोएडा में 'दुबई ड्राई फ़्रूट्स' नाम की कंपनी चला रहा था।

पुलिस ने मीडिया से कहा है कि मोहित पहले भी कई फ़र्ज़ी कंपनियां खोल चुका है। पुलिस ने अभी 2 लोगों को गिरफ़्तार किया है। बाकी और लोगों से भी पूछताछ चल रही है। नोएडा पुलिस ने उसके पास से 02 लक्ज़री कार, 03 मोबाइल फोन, 60 Kg. खाद्य सामग्री के सैंपल व अन्य सामान भी बरामद किया है। इन ठगों के ऑफिस में 50-60 के आसपास लोग काम करते थे।

नोएडा पुलिस ने सारी बात सामने रखी है। जॉइंट कमिश्नर लव कुमार ने मीडिया को बताया कि ये लोग थोक विक्रेताओं को बाज़ार की क़ीमत से ऊपर का दाम ऑफर करते थे। शुरु-शुरू में ये लेनदेन दुरुस्त रखते थे ताकि विश्वास बनाया जा सके।

ये ठग बाद में पूरे अमाउंट का सिर्फ 30-40 फीसदी ही एडवांस देते थे। बाकी पैसा कभी नहीं देते थे। ख़रीदे सामान को बाज़ार में बेचकर अच्छी ख़ासी कमाई करते थे। ऐसी ठगी ये लोग देश भर के हज़ार से भी ज़्यादा थोक विक्रेताओं से कर चुके हैं।

हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि मोहित गोयल के लिए फर्जीवाड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है। मोहित का फ़र्ज़ी कंपनी बना कर भागने का रिकॉर्ड रहा है। मोहित 2018 में भी पकड़ा गया था उस वक़्त वो गैंगरेप के आरोपियों से पैसे वसूलने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था।

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