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आप प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता विमल किशोर पर अवैध फाइनेंसर ने करवाया जानलेवा हमला

Janjwar Desk
29 Nov 2020 11:52 AM GMT
आप प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता विमल किशोर पर अवैध फाइनेंसर ने करवाया जानलेवा हमला
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अवैध तरीके से फाइनेंस का काम करने वाले एक नामी बदमाश और उसके गुर्गों ने लोहे की रॉड से जान लेने के इरादे से विमल किशोर पर हमला किया था, आरोपी बदमाश अवैध रूप से फाइनेंसर का काम करता है जो कि कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग और उसके बेटे को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा था...

जनज्वार, सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में आम आदमी पार्टी से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता वहां किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। गलत के खिलाफ वे हमेशा आगे डटकर खड़े हो जाते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें यह भुगतना पड़ा कि बदमाशों ने लोहे की रॉड से उन पर जानलेवा हमला किया। उनकी हालत अभी तक बहुत गंभीर बनी हुयी है।

26 नवंबर की रात को विमल किशोर बदमाशों ने हमला किया। उनके सिर और शरीर पर जगह-जगह लोहे की रॉडों से ताबड़तोड़ वार किये गये। जानकारी के मुताबिक उन पर हमला करने वाला वही व्यक्ति था जिसके अवैध फाइनेंस के धंधे का खुलासा विमल किशोर ने कुछ दिन पहले किया था। विमल किशोर ने अवैध फाइनेंसरों के खिलाफ मुहिम छेड़ी हुयी है, जिसके चलते कई अवैध धंधेबाजों का धंधा चौपट हुआ था।

अवैध तरीके से फाइनेंस का काम करने वाले एक नामी बदमाश और उसके गुर्गों ने लोहे की रॉड से जान लेने के इरादे से विमल किशोर पर हमला किया था। गौरतलब है कि आरोपी बदमाश अवैध रूप से फाइनेंसर का काम करता है जो कि कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग और उसके बेटे को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा था।

बुरी तरह घायल विमल किशोर

इन लोगों की मदद करते हुए पुलिस की सहायता से विमल किशोर ने कुछ दिन पहले ही इस बदमाश को बंद कर आया था, उसी का बदला लेने के लिए बदमाशों ने अपने साथियों सहित लोहे की रॉड से विमल किशोर पर यह जानलेवा हमला किया है।

जानलेवा हमले में विमल किशोर की हाथ-पैरों की हड्डियां टूटी गई हैं और हालत नाजुक होने के चलते सोनीपत सिविल अस्पताल से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। अभी भी उनकी हालत नाजुक बनी हुयी है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार विमल किशोर पर हमला हो चुका है। मगर इन तमाम खतरों के बावजूद विमल किशोर हमेशा अन्याय और शोषण के विरुद्ध अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं। वे हमेशा गरीब, शोषित और दबी हुई जनता के हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं।

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