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किसान आंदोलन : दुष्यंत चौटाला बोले पहले किसान का बेटा हूं, लेकिन MSP पर केंद्र का किया समर्थन

Janjwar Desk
10 Dec 2020 3:28 PM GMT
किसान आंदोलन : दुष्यंत चौटाला बोले पहले किसान का बेटा हूं, लेकिन MSP पर केंद्र का किया समर्थन
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अपनी पार्टी के नेताओं द्वारा किसानों को समर्थन देने पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मैं कह रहा हूं कि मैं पहले एक किसान हूं, मैंने कब इससे इनकार किया है? लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी फसलों की पर्याप्त कीमत सुनिश्चित करें....

चंडीगढ़। नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसानों के मुद्दे पर हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दल जननायक जनता पार्टी (जजपा) के भीतर 'दरार' की अटकलों को खत्म करते हुए जजपा नेता और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को कहा कि केंद्र ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को सुनिश्चित करने की मांग को स्वीकार कर लिया है।

उन्होंने यहां मीडिया से कहा, "केंद्र ने लिखित रूप में एमएसपी का आश्वासन देकर किसानों की मांग को स्वीकार कर लिया है। यह अब किसानों की यूनियनों पर निर्भर है।" चौटाला की पार्टी जजपा ने बुधवार को अपने गठन के दो साल पूरे किए हैं। उन्होंने गुरुवार को अपने आवास पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके कैबिनेट सहयोगियों के लिए दोपहर के भोजन की मेजबानी की।

उन्होंने कहा, "किसानों की मांग थी कि केंद्र सरकार लिखित में एमएसपी को सुनिश्चित करे, जिसे कल (बुधवार) पूरा किया गया है। सरकार के प्रस्ताव पर अगली कार्रवाई का फैसला करना अब किसान यूनियनों पर निर्भर है।"

अपनी पार्टी के नेताओं द्वारा किसानों को समर्थन देने पर चौटाला ने कहा, "मैं कह रहा हूं कि मैं पहले एक किसान हूं। मैंने कब इससे इनकार किया है? लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी फसलों की पर्याप्त कीमत सुनिश्चित करें।"

दरअसल, भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में महत्वपूर्ण सहयोगी जजपा के कई विधायकों ने केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को अपना खुला समर्थन दिया है। इससे पहले, उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला ने कहा था कि दुष्यंत चौटाला किसानों के विरोध पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, "पार्टी हमेशा से किसानों की रही है और आगे भी किसानों की रहेगी।"

उन्होंने कहा था कि दुष्यंत चौटाला केंद्रीय मंत्रियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और वह किसानों के मुद्दों की वकालत भी कर रहे हैं, ताकि उन्हें समस्याओं का सामना न करना पड़े।

दिग्विजय चौटाला ने पिछले सप्ताह मीडिया से कहा था कि "हम मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से बात करेंगे कि वे किसानों के खिलाफ मामलों को वापस लेने के लिए कहें, ताकि स्थिति खराब न हो और किसी भी तरह का अविश्वास पैदा न हो।"

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक विरोध करना किसानों का मौलिक अधिकार है। जजपा की युवा शाखा के प्रमुख दिग्विजय ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता सरकार के साथ किसानों की बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

जजपा मुख्य रूप से ग्रामीण जाट समुदाय केंद्रित पार्टी है, जिसका वोटबैंक मुख्य रूप से किसान ही हैं। जाट, जो एक प्रमुख कृषक समुदाय है, उसकी राज्य में 28 प्रतिशत आबादी है।

वहीं प्रदर्शनकारी किसानों के साथ पहली बार खुलकर सामने आते हुए, जजपा के राष्ट्रीय प्रमुख और पूर्व सांसद अजय सिंह चौटाला ने दो दिसंबर को कहा था कि केंद्र को लिखित रूप में प्रदर्शनकारी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर आश्वासन देना चाहिए।

अजय चौटाला ने मीडिया से कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री बार-बार कह रहे हैं कि एमएसपी जारी रहेगा, तो उस लाइन को जोड़ने में क्या हर्ज है।

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