Begin typing your search above and press return to search.
राष्ट्रीय

India Abstains on UNSC: UNSC में यूक्रेन पर हमले के प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने बनाई दूरी, जानिए क्या वजह?

Janjwar Desk
26 Feb 2022 11:01 AM IST
India Abstains on UNSC: UNSC में यूक्रेन पर हमले के प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने बनाई दूरी, जानिए क्या वजह
x

India Abstains on UNSC: UNSC में यूक्रेन पर हमले के प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत ने बनाई दूरी, जानिए क्या वजह

India Abstains on UNSC: रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine Crisis) के बीच जारी जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस पर प्रतिबंध और बातचीत के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि वह तत्काल सैन्य कार्रवाई रोक दे, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है.

India Abstains on UNSC: रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine Crisis) के बीच जारी जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस पर प्रतिबंध और बातचीत के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि वह तत्काल सैन्य कार्रवाई रोक दे, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। हमले में यूक्रेन के कई शहर तबाह हो गए हैं। इस बीच भारत (India) ने अमेरिका द्वारा प्रायोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के उस प्रस्ताव (UN resolution) से दूरी बनाए रखी जिसमें यूक्रेन के खिलाफ रूस की "आक्रामकता" की निंदा की गई थी और पड़ोसी देश से रूसी सेना (Russian forces) की "तत्काल, पूर्ण और बिना शर्त" वापसी की मांग की गई थी। जबकि रूस ने प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को अमेरिका और अल्बानिया द्वारा लाए गए और पोलैंड, इटली, जर्मनी, एस्टोनिया, लक्जमबर्ग तथा न्यूजीलैंड सहित कई अन्य देशों द्वारा समर्थित मसौदा प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जबकि भारत सहित तीन देशों ने भाग नहीं लिया। रूस के वीटो के कारण यह प्रस्ताव गिर गया।

भारत ने यूक्रेन पर हमले की निंदा तो की है लेकिन बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर देते हुए निंदा प्रस्ताव पर वोट नहीं दिया। परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में रूस की वीटो शक्ति के कारण उसके खिलाफ UNSC का यह प्रस्ताव विफल रहा। यूएन में रूस की राजदूत वैसिली नेबेंजिया ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने वाले देशों का धन्यवाद दिया है। उन्होंने वोट के बाद कहा, 'आपका मसौदा प्रस्ताव इस यूक्रेनी शतरंज पर क्रूर और अमानवीय कदम के अलावा कुछ नहीं है।'

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने वोटिंग के बाद कहा, 'मैं एक बात स्पष्ट कर दूं। रूस, आप इस प्रस्ताव पर वीटो लगा सकते हैं, लेकिन आप हमारी आवाज़ पर वीटो नहीं लगा सकते। आप सच्चाई को वीटो नहीं कर सकते, आप हमारे सिद्धांतों को वीटो नहीं कर सकते, आप यूक्रेनी लोगों को वीटो नहीं कर सकते। हम हम यूक्रेन और उसके लोगों के पीछे एकजुट खड़े हैं।'

बता दें कि सुरक्षा परिषद के इस निंदा प्रस्ताव में रूस से 'यूक्रेन के खिलाफ बल के इस्तेमाल को तत्काल रोकने' और 'तत्काल, पूरी तरह और बगैर किसी शर्त के अपने सैन्य बलों को यूक्रेन के क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाओं में वापस लेने' की मांग की गई थी। मसौदे में पूर्वी यूक्रेन में दो अलगाववादी राज्यों को स्वतंत्र के रूप में मान्यता देने के रूस के अपने फैसले को बदलने की भी मांग की गई थी।

Next Story

विविध